विनेश फोगाट के आरोप पर योगेश्वर दत्त का सवाल, 'बृजभूषण का फ़ायदा किसने उठाया'

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दीपक मंडल
बीबीसी संवाददाता
ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त ने पहलवान विनेश फोगाट की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है और इन्हें 'बेबुनियाद' बताया.
महिला पहलवानों और उनके माता-पिता पर दबाव बनाने के आरोपों पर दत्त ने कहा कि अगर ऐसा था तो उन्हें मीडिया या पुलिस को इस बारे में बताना चाहिए था.
योगेश्वर दत्त ने कहा कि उन पर बृजभूषण शरण सिंह की 'चापलूसी' का आरोप लगाया जा रहा है लेकिन उनसे 'नजदीकी' का असली फायदा तो विनेश फोगाट ने ही उठाया है.
बीबीसी हिंदी से एक ख़ास बातचीत में योगेश्वर दत्त ने कहा कि उन्होंने कमिटी में रहते हुए किसी लड़की या उनके माता-पिता पर कोई दबाव नहीं बनाया.
विनेश फोगाट ने एक ट्वीट कर आरोप लगाया था कि योगेश्वर महिला पहलवानों के चयन के लिए बनी दो कमेटियों में थे. वो 'महिला पहलवानों और उनके माता-पिता पर दबाव बना रहे थे कि वो रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ कुछ न बोलें.'
योगेश्वर दत्त ने कहा कि धरना दे रहे पहलवानों को जिस तरह से ट्रायल से छूट दी गई उसका उन्होंने विरोध किया है और इस बात पर वो अब भी कायम हैं.

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दत्त ने कहा कि आज वो कुश्ती की वजह से ही एक मुकाम पर पहुंचे हैं. कुश्ती ने उन्हें बहुत कुछ दिया और अगर लगेगा कि कुश्ती में कुछ गलत हो रहा है वो जरूर बोलेंगे.
योगेश्वर दत्त ने इंडियन ओलंपिक असोसिएशन (आईओए) की एड-हॉक कमिटी के उस फ़ैसले से नाराज़ होकर सवाल उठाए हैं, जिसमें रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को ओलंपिक क्वालिफिकेशन ट्रायल में छूट दी गई है.
दत्त के मुताबिक़ अब उन्हें सिर्फ एक पहलवान से लड़ना होगा. यानी ट्रायल के दौरान पहलवानों की कैटेगरी में जो विजेता होगा उन्हीं से उन्हें लड़ना होगा. इसे 'वन बाउट ट्रायल' कहा जाता है.
इस फ़ैसले का फायदा साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया जैसे पहलवानों को मिलेगा.

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विनेश फोगाट ने क्या कहा था?
योगेश्वर दत्त ने पहलवानों के चयन में एड-हॉक कमिटी के इसी फैसले का विरोध करते हुए एक वीडियो जारी किया था.
दत्त के इसी वीडियो के जवाब में विनेश फोगाट ने ट्वीट कर उन पर आरोप लगाए थे.
उन्होंने लिखा है कि महिला पहलवानों के लिए बनी कमेटी में शामिल दत्त कई महिला पहलवानों और उनके घर वालों पर दबाव बना रहे थे.
वो बृजभूषण की चापलूसी कर रहे हैं और धरना दे रहे महिलाओं के ख़िलाफ़ बयान दे रहे हैं.
योगेश्वर बोले, 'अगर लड़कियों पर दबाव बनाया हो तो सुबूत पेश करें'
बीबीसी ने जब विनेश फोगाट के इस ट्वीट पर योगेश्वर दत्त का पक्ष जानने के लिए उनसे बात की तो उन्होंने कहा,'' विनेश फोगाट कह रही हैं कि मैंने लड़कियों के घर पर फोन कर उनके मां-बाप से कहा कि अपनी लड़कियों को समझा लो. वो बृजभूषण सिंह का विरोध न करें. लेकिन मैं कहता हूं अगर मैंने किसी लड़की के घर पर फोन किया हो तो वो मेरा कॉल पेश करें. मेरा नंबर गया होगा.''
''आजकल लोग कॉल रिकार्ड करते हैं. लोग मेरी बात भी रिकार्ड करते हैं. उन्हें इसे दिखाना चाहिए.''
''अगर कॉल रिकार्डिंग नहीं भी दिखना चाहते हैं तो किसी लड़की के मां-बाप को सामने आना चाहिए था.कम से कम ये तो पता चलता कि मैंने उन्हें कुछ बोला या किसी काम से रोका.''
''मैं महिला पहलवानों के माता-पिता को क्यों रोकूंगा. मेरा इसमें क्या स्वार्थ है. इन लोगों के पास आरोप लगाने के सिवा कोई काम नहीं है.''

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एडहॉक कमेटी के फ़ैसले पर उठाए सवाल
बीबीसी से बातचीत में दत्त ने ट्रायल नियमों पर एड-हॉक कमेटी के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा, '' ट्रायल में जो छूट दी गई है, वो नहीं देनी चाहिए. इस तरह तो कोई भी धरना-प्रदर्शन करेगा और नियमों में छूट ले लेगा. इससे दूसरे पहलवानों के सामने काफी मुश्किलें खड़ी हो जाएंगीं.''
उन्होंने कहा, ''कोई पहलवान चार-पांच बार ट्रायल देकर सेलेक्ट होगा. फिर उसे एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए ट्रायल देना होगा. इससे छह कैटेगरी में लड़ रहे सभी पहलवानों को दो-दो बार ट्रायल देनी होगी. पहले विजेता बनना होगा. फिर इन लोगों से लड़ना होगा. ''
''इस दौरान वजन भी चेक होता है. अगर किसी का वजन बढ़ा हो तो दो बार वजन भी कम करना होगा. इससे जो मानसिक परेशानी होगी वो अलग.''
उन्होंने कहा कि कमिटी में भी धरना दे रहे पहलवानों के लोग हैं. इसका फायदा भी उन्हें मिल रहा है. जिस तरह ट्रायल में छूट दी गई है इससे जूनियर पहलवानों का हक मारा जा रहा है.
कमिटी ने जिन पहलवानों को ट्रायल से छूट देने का फैसला किया है उनमें साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, संगीता फोगाट, सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा शामिल हैं. 5 से 15 अगस्त के बीच ये पहलवान ट्रायल के विजेताओं से भिड़ेंगे.

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बृजभूषण सिंह की 'चापलूसी' के आरोपों पर योगेश्वर ने क्या कहा
योगेश्वर दत्त कहते हैं,'' अगर आप असाधारण खिलाड़ी समझ कर इन पहलवानों को ट्रायल से छूट दे रहे हैं तो मेरा मानना है कि ये इस पैमाने पर खरा नहीं उतरते. ''
''अगर आउटस्टैंडिंग खिलाड़ियों की बात करते हैं तो हमारे यहां दीपक पूनिया जैसे पहलवान हैं जो ओलंपियन और वर्ल्ड कप गोल्ड मेडलिस्ट हैं. रवि दहिया ने ओलंपिक और वर्ल्ड कप दोनों में मेडल जीते हैं. अंशु मलिक, सोनम मलिक जैसी शानदार महिला पहलवान हैं. ये सीनियर पहलवान हैं.''
''एक और लड़की है सरिता मोर. जूनियर लेवल पर अंतिम पंघल जैसी पहलवान हैं. अब इस तरह के काबिल पहलवानों को ट्रायल देनी होगी. ट्रायल के दौर से गुजरना उनके लिए किसी मानसिक तनाव से कम नहीं है.''
''अगर कमेटी में धरना दे रहे पहलवानों के लोग होंगे. इन्हीं के कोच, मैनेजर और रेफरी होंगे तो ट्रायल देने वाले पहलवानों का क्या होगा आप समझ सकते हैं.''
योगेश्वर दत्त ने विनेश फोगाट के उन आरोपों का जवाब भी दिया, जिनमें योगेश्वर को कुश्ती का 'जयचंद' कहा गया था.
इनमें कहा गया था कि योगेश्वर सरेआम महिला पहलवानों के ख़िलाफ़ बयान दे रहे थे फिर भी उन्हें महिला पहलवानों के चयन के लिए बनी दोनों कमेटियों में शामिल किया गया.
ये सब उन्हें बृजभूषण सिंह की 'चापलूसी' करने की वजह से मिला.
जब बीबीसी ने उनसे इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा,'' रेसलिंग फेडरेशन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है. 2016 के बाद से मेरा फेडरेशन से कोई वास्ता ही नहीं रहा. न मैं किसी टीम का कोच था और न मैनेजर और न रेफरी. ''
''2016 के बाद बृजभूषण सिंह से मेरी दो-चार बार ही मुलाकात हुई वो भी बेहद औपचारिक किस्म की. मैं अपनी एकेडमी चलाता हूं और अपने घर पर रहता हूं. कुश्ती की राजनीति से मेरा कोई वास्ता ही नहीं है.''

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'क्यों मिला विनेश को पर्सनल कोच?'
दत्त कहते हैं, '' मैंने 2019 और 2020 में बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. अगर मेरे बृजभूषण शरण सिंह से संबंध होते तो वे मेरे चुनाव प्रचार में जरूर आते. बृजभूषण सिंह शरण 2019 में लोकसभा का चुनाव लड़े. उनके बेटे भी चुनाव लड़े. अगर हमारे संबंध होते मैं उनके और उनके बेटों के चुनाव प्रचार में जाता. लेकिन ऐसा नहीं हुआ था.''
''उल्टे विनेश और उनके साथी बृजभूषण शरण सिंह के चुनाव प्रचार में जरूर गए थे. विनेश की बहन बबीता फोगाट जब हरियाणा की दादरी विधानसभा सीट से लड़ रही थीं तो बृजभूषण उनके प्रचार में वहां गए थे. तो आप तय कीजिये कि बृजभूषण का नजदीकी कौन था और किसने फायदा उठाया.''
दत्त ने कहा,''कुश्ती में विनेश फोगाट को कितना फ़ायदा मिला ये सारा देश जानता है. 2016 में वजन अधिक होने के वजह से विनेश को ओलंपिक क्वालिफाइंग से बाहर कर दिया था. इसके बावजूद फेडरेशन ने उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की. 2017 में विनेश का सेलेक्शन इंडो-एशियन गेम्स के लिए किया गया था. लेकिन उन्होंने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया. तब भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.''
वो कहते हैं, ''विनेश को तो पर्सनल कोच भी दिया गया. जबकि मुझे और सुशील समेत सभी खिलाड़ियों को एक कोच मिला था. तो आप बताइए संबंधों को फायदा किसने ज्यादा उठाया. ''
''मैं ये नहीं कहता था कि बृजभूषण और विनेश के गलत संबंध थे. लेकिन जहां तक फायदा लेने की बात है तो आप ही बताइए ज्यादा लाभ किसने लिया.''

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'चमचागिरी और चाटुकारिता से दूर रहता हूं'
योगेश्वर दत्त ने कहा, '' जहां तक संबंधों, नजदीकियों, चमचागिरी और चाटुकारिता की बात आती है तो मैं ये साफ कर दूं कि इन चीजों में कोई दिलचस्पी नहीं हैं. मैं किसी की चमचागिरी नहीं करता. मुझे जी-हुजूरी पसंद नहीं. अब तक जो लोग कुश्ती फेडरेशन में रहे हैं उनमें मेरा नाम देख लीजिये. कहीं नहीं मिलेगा. मैं किसी के यहां आता-जाता नहीं. मैं अपने घर रहता हूं.''
''जनवरी से पहले तो इन पहलवानों (विनेश फोगाट और उनके साथी) के लिए बृजभूषण 'भगवान' थे. ये कहते थे कि बृजभूषण ने कुश्ती को कहां से कहां पहुंचा दिया. सुबह-शाम हमारी कुश्ती देखते रहते हैं. इतना तो मैं कभी बोला ही नहीं. 2016 से पहले भी नहीं बोला.''
''मैंने सिर्फ ये बोला कि फेडरेशन ने कुश्ती के लिए अच्छा काम किया है. कुश्ती फेडरेशन की उपलब्धियों को झुठलाया नहीं जा सकता. इसकी बदौलत 2008 और 2012 में पदक आए''
योगेश्वर दत्त ने आईओए की एड-हॉक कमिटी के फ़ैसले पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के लिए कौन-सा मापदंड अपना कर उन्हें सिलेक्शन में छूट दी जा रही है.
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए 6 मिनट 35 सेकंड के वीडियो में योगेश्वर ने कहा, "जो छह पहलवान जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे उन्हें सिलेक्शन के लिए होने वाले ट्रायल छूट दी गई है. अब इनके बस फाइनल ट्रायल होंगे यानी इनकी वेट कैटेगरी में जो पहलवान विजेता होगा उनके साथ उनका फाइनल ट्रायल होगा."

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पहलवान विनेश फोगाट ने योगेश्वर दत्त के वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी .
उन्होंने कहा था "योगेश्वर महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों कमेटियों का हिस्सा थे लेकिन महिला पहलवान कमिटी को अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हंसने लगते थे."
उन्होंने अपने सोशल मीडया हैंडल पर लंबा पोस्ट लिखकर योगेश्वर दत्त पर आरोप लगाया था "उन्होंने कई महिला पहलवानों के घर फ़ोन कर कहा कि वो अपनी लड़की को समझा लें."
विनेश ने आरोप लगाया था कि योगेश्वर पहलवानों और कोचों को महिला पहलवानों के आंदोलन में शामिल होने से लगातार रोकते रहे थे और बृजभूषण का साथ दे रहे थे.
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