म्यूज़ियम में रखा गया 200 साल पुराना कंडोम, क्या है ख़ासियत

एम्सटर्डम के राइक्सम्यूज़ियम में प्रदर्शित 200 साल पुराना कंडोम

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इमेज कैप्शन, एम्सटर्डम के राइक्सम्यूज़ियम में प्रदर्शित 200 साल पुराना कंडोम
    • Author, बारबरा टैश और डनाई नेस्टा कुपेम्बा
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

एम्सटर्डम के राइक्सम्यूज़ियम में एक प्रदर्शनी में 200 साल पुराना कंडोम रखा गया है. ये कंडोम अच्छी स्थिति में दिख रहा है.

ऐसा समझा जा रहा है कि ये भेड़ के अपेंडिक्स से बनाया गया है. इस पर एक नन और तीन पादरियों की तस्वीर बनी हुई है.

यह दुर्लभ कलाकृति 1830 की है और पिछले साल म्यूज़ियम ने इसे एक नीलामी में खरीदा था.

यह कंडोम 19वीं सदी में देह व्यापार और सेक्शुअलिटी पर एक प्रदर्शनी का हिस्सा है. इस प्रदर्शनी में प्रिंट, चित्र और फोटोग्राफ़ भी रखे गए हैं.

राइक्सम्यूज़ियम की क्यूरेटर जॉयस ज़ेलेन ने बीबीसी को बताया कि जब उन्होंने और उनकी एक सहकर्मी ने पहली बार नीलामी में कंडोम देखा तो 'उन्हें हंसी आ रही थी'.

उन्होंंने कहा कि किसी ने भी इस पर गौर नहीं किया था. सिर्फ उन्हीं लोगों ने इसके लिए बोली लगाई थी.

इसे हासिल करने के बाद उन लोगों ने इसकी अल्ट्रा वॉयलेट रोशनी में जांच की और पाया कि इसका इस्तेमाल नहीं हुआ है.

ज़ेलेन ने कहा, ''ये काफी अच्छी हालत में था.''

कहां से आया कंडोम

कंडोम

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इमेज कैप्शन, राइक्सम्यूज़ियम में प्रदर्शनी के लिए रखा गया कंडोम

उन्होंने कहा कि जब से ये कंडोम प्रदर्शित किया गया है तब से म्यूज़ियम लोगों से भरा हुआ है. हमें काफी अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है युवा और बड़ी उम्र, दोनों तरह के लोग इसमें दिलचस्पी ले रहे हैं.

ज़ेलेन ने कहा कि माना जा रहा है कि ये कंडोम फ़्रांस के चमक-दमक भरे देह व्यापार के किसी अड्डे का लग़्जरी 'स्मृति चिन्ह' है. कहा जा रहा है कि अब सिर्फ ऐसी दो चीजें ही बची हैं.

म्यूज़ियम ने कहा है कि ये असामान्य चीज एक ऐसे युग में यौन स्वास्थ्य के उजले और स्याह पक्ष को दिखाती है, जब यौन आनंद की तलाश करते वक़्त अवांछित गर्भ और सिफलिस (यौन रोग) का डर रहता था.

इस कंडोम पर जो तस्वीर छपी है उसमें एक नन बैठी हुई दिख रही हैं. उनकी ड्रेस खुली हुई है. ये नन पादरियों की ओर संकेत कर रही हैं, और तीनों पादरी आदतन उनके सामने खड़े हैं.

इस कंडोम पर लिखा है, ''वोयला मॉन चॉयस'' यानी 'ये मेरी मर्जी है.'

प्रदर्शनी

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इमेज कैप्शन, राइक्सम्यूज़ियम का कहना है कि उन्होंने करीब छह महीने पहले ये कंडोम नीलामी में खरीदा था

म्यूज़ियम ने कहा है कि कंडोम में छपी इस तस्वीर को "ब्रह्मचर्य और एक ग्रीक पौराणिक कथा पर पेरिस के फ़ैसले की पैरोडी माना जा सकता.''

दरअसल ये पेरिस नामक एक ट्रोजन राजकुमार की मिथकीय कहानी है, जिसे यह तय करना था कि एफ़्रोडाइट, हेरा और एथेना में से सबसे सुंदर देवी कौन है.

इस म्यूज़ियम ने कहा है उसके प्रिंट कलेक्शन के कमरे में साढ़े सात लाख प्रिंट, चित्र और फोटोग्राफ़ हैं. लेकिन किसी कंडोम पर प्रिंट का ये पहला कलेक्शन है.

ज़ेलेन ने कहा, "हम कह सकते हैं कि हमारा एक मात्र कला संग्रहालय है जिसमें प्रिटेंड कंडोम है.''

उन्होंने कहा कि उनका संस्थान अन्य संग्रहालयों को कलाकृति "उधार देने के लिए तैयार" है, लेकिन ये कंडोम बहुत नाजुक था. उन्होंने बताया कि ये नवंबर के आख़िर तक प्रदर्शनी में रहेगा.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित