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44 अरब अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी: 6 टन सबूत, 2,700 गवाह, 200 वकील और मौत की सज़ा
- Author, बीबीसी की वियतनामी सेवा
- पदनाम, बैंकॉक से
हो ची मिन्ह शहर में औपनिवेशिक दौर की शानदार इमारत वाली अदालत के भीतर एक ज़बरदस्त तमाशा चल रहा था. इस तमाशे के केंद्र में एक ऐसा नाम था, जो अदालत की चारदीवारी के भीतर गूंज रहा था. वो नाम था: ट्रो मी लान का.
इस मुक़दमे को वियतनाम का सबसे सनसनीख़ेज़ मामला कहा जा रहा था. इसकी सुनवाई के दौरान वियतनाम की 67 साल की प्रॉपर्टी डेवलपर ट्रो मी लान की तमाम करतूतों पर से पर्दा उठाया गया.
जिसके बाद मंगलवार को दुनिया में बैंकों का सबसे बड़ा फ़र्ज़ीवाड़ा करने के जुर्म में ट्रो मी लान को मौत की सज़ा सुना दी गई. ऐसे मामलों में मौत की सज़ा असामान्य रूप से सख़्त है.
ट्रो मी लान वियतनाम की उन गिनी चुनी महिलाओं में से एक हैं, जिन्हें आर्थिक अपराध की वजह से मौत की सज़ा सुनाई गई है. वो अब भी अदालत के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील कर सकती हैं.
ट्रो मी लान को सैगोन कमर्शियल बैंक (एससीबी) से 44 अरब डॉलर के क़र्ज़ लेने के जुर्म में सज़ा सुनाई गई है. उन्होंने ये रक़म 11 सालों में धीरे-धीरे ली थी. मुक़दमा चलाने वालों का कहना था कि इसमें से 27 अरब डॉलर की रक़म तो शायद कभी भी वापस हासिल नहीं की जा सकेगी. ये रक़म 2023 में वियतनाम की जीडीपी के छह प्रतिशत के बराबर है.
आम तौर पर बहुत कम बोलने वाले कम्युनिस्ट अधिकारियों ने इस मसले की खुलकर चर्चा करते हुए बहुत से लोगों को चौंका दिया था. उन्होंने इस फ़र्ज़ीवाड़े की तमाम बारीक़ियां मीडिया से साझा कीं.
अधिकारियों ने बताया कि मुक़दमे की सुनवाई के दौरान 2700 लोगों को गवाही देने के लिए बुलाया गया था. वहीं, ये मुक़दमा चलाने के लिए 10 सरकारी जांच अधिकारी और लगभग 200 वकील लगाए गए थे.
इस फ़र्ज़ीवाड़े के सबूत 104 बक्सों में भरकर अदालत में पेश किए गए थे, जिनका कुल वज़न छह हज़ार किलो या छह टन था. ट्रो मी लान के साथ साथ 85 और मुल्ज़िमों पर भी मुक़दमा चलाया गया था.
हालांकि इन सबने ख़ुद को बेकसूर बताया. पर, अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी क़रार दिया. चार दोषियों को उम्र क़ैद की सज़ा हुई. वहीं, बाक़ी अभियुक्तों को तीन से 20 साल तक जेल में रहने की सज़ा सुनाई गई. ट्रो मी लान के पति को नौ साल और उनकी भतीजी को 17 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
अमरीका के विदेश विभाग में काम कर चुके एक सेवानिवृत्त अधिकारी डेविड ब्राउन का वियतनाम में काम करने का लंबा तजुर्बा रहा है. डेविड ब्राउन ने इस मुक़दमे के बारे में कहा कि, "मुझे लगता है कि कम्युनिस्ट शासन के दौरान वियतनाम में ऐसा मुक़दमा कभी नहीं चलाया गया था. पक्के तौर पर इतने बड़े पैमाने पर कोई केस नहीं लड़ा गया."
लेकिन, इस अदालती ड्रामे की मुख्य किरदार ट्रो मी लान के बारे में हम क्या जानते हैं?
फ़र्श से अर्श तक का सफ़र
ट्रो मी लान, हो ची मिन्ह शहर के एक साधारण चीनी वियतनामी परिवार से ताल्लुक़ रखती हैं. निचले तबक़े से शुरुआत करने वाली ट्रो मी लान के इस वित्तीय घोटाले का मुख्य किरदार बनने के पीछे उनकी महत्वाकांक्षा और तरक़्क़ी है.
ट्रो मी लान ने अपने करियर की शुरुआत, अपनी मां के साथ बाज़ार में सामान बेचने का एक ठेला लगाने से की थी. जब वियतनाम में डोई मोई नाम के आर्थिक सुधार किए गए, तो उन्होंने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू कर दिया.
1990 का दशक आते आते वो कई होटलों और रेस्टोरेंट की मालिक बन चुकी थीं. ट्रो मी लान की ये कामयाबी उनके शातिर कारोबारी दिमाग़ का नतीजा थी. हालांकि, सैगोन कमर्शियल बैंक के साथ कारोबार की वजह से वो सुर्ख़ियों में आ गईं.
जांच करने वालों का इल्ज़ाम है कि कई फ़र्ज़ी कंपनियों और दूसरे के नामों से खड़े किए गए कारोबारों के ज़रिए, ट्रो मी लान ने इस बैंक के 90 फ़ीसद हिस्से पर क़ब्ज़ा कर लिया था. ये तमाम नियमों और बैंक में व्यक्तिगत हिस्सेदारी की 5 प्रतिशत की पाबंदी के ख़िलाफ़ था.
बैंक के उनके इसी साम्राज्य के भीतर फ़र्ज़ीवाड़ा किया गया. ट्रो मी लान ने अपने निजी फ़ायदे के लिए बैंक से भारी रक़म निकाल ली. इस बैंक ने जो क़र्ज़ बांटे हुए थे उनमें से 93 प्रतिशत अकेले ट्रो मी लान ने ले रखे थे.
मुक़दमा चलाने वाले अधिकारियों का कहना है कि फरवरी 2019 से अगले तीन साल तक ट्रो मी लान ने अपने ड्राइवर के ज़रिए 108 ख़रब वियतनामी डोंग (4 अरब डॉलर से भी ज़्यादा रक़म) बैंक से नक़दी के रूप में निकलवाए थे और इसे अपने बेसमेंट में जमा कर रखा था.
ये रक़म इतनी ज़्यादा थी कि अगर इसे वियतनाम के सबसे बड़े बैंक नोट के तौर पर भी जमा किया जाता, तो भी इसका वज़न दो टन के बराबर होता. वियतनाम के बहुत से लोगों के लिए ये बेहद हैरान करने वाली बात है.
आम तौर पर इतनी रक़म हासिल करने के लिए वियतनाम में लोगों को बेहद जटिल प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है और इसके एक मामूली हिस्से के बराबर नक़दी हासिल करने के बदले में कुछ न कुछ गिरवी या ज़मानत के तौर पर रखना पड़ता है.
ट्रो मी लान पर ये इल्ज़ाम भी है कि उन्होंने काफ़ी भारी रक़म रिश्वत के तौर पर भी दी, ताकि वो जो क़र्ज़ ले रही हैं उसकी पड़ताल न हो.
उनके साथ जिन और लोगों पर मुक़दमा चलाया गया, उनमें से एक तो बैंक में मुख्य निरीक्षक थे. उस शख़्स पर इल्ज़ाम है कि उसने ट्रो मी लान से 50 लाख डॉलर की रिश्वत ली थी. उसे उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
'मेरी तो दुनिया ही तबाह हो गई'
इस ग़बन के लिए मौत की सज़ा पाने वाली ट्रो मी लान पर अभी कम से कम दो और मामलों में मुक़दमा चलाया जाना है. इनमें बॉन्ड का फ़र्ज़ीवाड़ा भी शामिल है.
उनकी इन फ़र्ज़ी योजनाओं के जाल में 27 से 60 साल उम्र के लगभग 42 हज़ार लोग फंसे हुए थे, जो अलग अलग पृष्ठभूमि से ताल्लुक़ रखते हैं. उन्होंने सैगोन कमर्शियल बैंक द्वारा बेचे गए फ़र्ज़ी बॉन्ड ख़रीद रखे थे.
इन पीड़ितों में से एक डैंग ट्रो लॉन भी हैं. डैंग ने तेज़ी से तरक़्क़ी कर रहे, वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में प्रॉपर्टी बेचने में दिन के कई कई घंटे लगाए थे. उनके ज़हन में सिर्फ़ और सिर्फ़ एक ही मक़सद था: बेटी को विदेश में पढ़ाकर उसका भविष्य सुरक्षित बनाना.
लगभग दो दशक तक बिना रुके, बिना थके मेहनत करके वो 1.7 अरब वियतनामी डोंग (लगभग 70 हज़ार डॉलर) बचा पाने में कामयाब हो गए थे. वियतनाम जैसे देश में जहां औसत मासिक आय बमुश्किल 330 डॉलर को पार कर पाती है, वहां ये काफ़ी बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी.
डैंग ने बीबीसी को बताया कि, "मैंने अपनी बेटी को बेहतर पढ़ाई कराने के लिए एक एक पाई बचाकर रखी थी. मगर इस घोटाले की वजह से अब मुझे नए सिरे से शुरुआत करनी पड़ेगी."
वो कहते हैं कि, "मेरी दुनिया तो तबाह हो गई है और मेरी बेटी के ख़्वाब चकनाचूर हो चुके हैं. अब मुझे इस बात का यक़ीन नहीं है कि क्या मैं सब कुछ नए सिरे से खड़ा करने लायक़ भी बचा हूं या नहीं."
अनसुलझे सवाल
जब ट्रो मी लान पर पहला मुक़दमा चल रहा था, तो ये सवाल भी उठे कि आख़िर ऐसी योजनाएं कैसे एक दशक तक चलती रहीं और इनकी किसी को ख़बर नहीं लगी.
सिंगापुर के यूसुफ़ इशाक इंस्टीट्यूट में वियतनाम स्टडीज़ प्रोग्राम चलाने वाले ले होंग हिएप कहते हैं, "मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है."
वो कहते हैं कि, "ये कोई राज़ तो था नहीं. पूरे बाज़ार को पता था कि ट्रो मी लान और उनका वैन थिन फाट ग्रुप सैगोन कमर्शियल बैंक को अपने गुल्लक की तरह इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि वो बेहतरीन से बेहतरीन ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ज़मीन ख़रीद सकें."
ले होंग हिएप का मानना है कि, "ये तो ज़ाहिर है कि उन्हें कहीं न कहीं से पैसा जुटाना था. लेकिन, ये कोई आम तरीक़ा तो है नहीं. सैगोन कमर्शियल बैंक ऐसा इकलौता बैंक नहीं है, जिसका इस तरह इस्तेमाल किया गया हो. तो हो सकता है कि सरकार की इस पर नज़र इसलिए न गई हो, क्योंकि बाज़ार में ऐसे तमाम मामले चल रहे हैं."
डेविड ब्राउन को लगता है कि कारोबार और सियासत के ताक़तवर लोगों ने ट्रो मी लान को बचाने के लिए कवच का काम किया होगा. वियतनाम के बैंकिंग सेक्टर में इतना भयंकर भ्रष्टाचार है कि उन्हें जांच पड़ताल से आसानी से बचा लिया गया.
फिर भी इल्ज़ाम और आरोपों के बीच एक बड़ी तस्वीर उभरकर सामने आई है.
ये मुक़दमा केवल ट्रो मी लान के तथाकथित अपराधों बारे में नहीं था. बल्कि, ये तो वियतनाम के सियासी मंज़र में अधिकारियों द्वारा नियंत्रण स्थापित करने के व्यापक संघर्ष का ही एक हिस्सा था.
कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव नगुएन फू ट्रो, भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक मुहिम चला रहे हैं. वो हो ची मिन्ह शहर के प्रभावशाली लोगों की बेलगाम ताक़त पर क़ाबू पाने की कोशिश कर रहे हैं. वो चाहते हैं कि दक्षिणी वियतनाम में बिना किसी रोक-टोक के कारोबार करने पर कम्युनिस्ट पार्टी का दबदबा बना रहे.
भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ इस अभियान की वजह दो राष्ट्रपतियों और दो उप-प्रधानमंत्रियों को इस्तीफ़ा देना पड़ा है और सैकड़ों अधिकारियों को अनुशासित करने के लिए दंड दिया गया है, या फिर उन्हें जेल में डाल दिया गया है.
ट्रो मी लान पर चला मुक़दमा सत्ता के इस संघर्ष का अखाड़ा बन गया. ये मामला कम्युनिस्ट पार्टी के रूढ़िवादी आदर्शों और वियतनाम की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के बीच तनाव का एक प्रतीक बन गया.
आज जब वियतनाम तकनीक और ज्ञान पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर परिवर्तित होने की कोशिश कर रहा है. तो टिकाऊ आर्थिक विकास के साथ साथ भ्रष्टाचार से निपटने का या विरोधाभास, उसके ऊपर दुधारी तलवार की तरह लटक रहा है और अब ये उसी मशीनरी के लिए ख़तरा बन चुका है, जिसकी वजह से वियतनाम ने आर्थिक तरक़्क़ी की है.
ले होंग हिएप कह रहे हैं कि "ये एक विरोधाभास ही है. उनका विकास का मॉडल लंबे समय से भ्रष्ट बर्ताव के भरोसे टिका हुआ है. भ्रष्टाचार ही वो कुंजी है, जो इस मशीनरी को चला रहा था. अगर वो ये चाभी घुमाना बंद कर देते हैं, तो फिर शायद तरक़्क़ी की गाड़ी का पहिया भी रुक जाएगा."
ट्रो मी लान का मुक़दमा, तेज़ी से बदल रहे वियतनाम में सत्ता, महत्वाकांक्षा और जवादेही के जटिल आपसी रिश्तों की मिसाल है.
आज जब ट्रो मी लान पर मुक़दमा ख़त्म हो गया है, तो उनकी दास्तान अदालत की चारदीवारी के बाहर भी गूंज रही है. इस आवाज़ के पीछे एक ऐसा मुल्क है, जो अपने गुज़रे हुए वक़्त से जूझ रहा है और उसके अपने भविष्य को लेकर भरोसा नहीं है.
(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)
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