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फ़ैक्ट चेक- चंद्रयान-3 पर बीबीसी के चार साल पुराने वीडियो का ग़लत इस्तेमाल
बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ पर प्रसारित हुए चार साल पुराने वीडियो को काँट-छाँट कर ताज़ा वीडियो बताते हुए ग़लत ढंग से शेयर किया गया है.
भारत के चंद्रयान-3 उपग्रह ने बुधवार शाम विक्रम लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारकर इतिहास रच दिया है.
देश-विदेश में भारतीय स्पेस संस्था ‘इसरो’ के इस महत्वपूर्ण मिशन पर निगाहें रहीं और दुनिया भर में मीडिया ने इसे प्राथमिकता से कवर भी किया.
इसमें बीबीसी की भारतीय भाषाएँ और बीबीसी के अंतरराष्ट्रीय प्रसारण भी शामिल थे.
बीबीसी न्यूज़ की चंद्रयान-3 की मून लैंडिंग की पूरी कवरेज यहाँ देख सकते हैं.
विक्रम लैंडर के चंद्रमा पर उतरने के कुछ ही देर बाद भारतीय सोशल मीडिया, ख़ासतौर से X जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था, उसमें बीबीसी का साल 2019 में प्रसारित किया एक वीडियो तोड़-मरोड़ कर शेयर किया जाने लगा.
दरअसल, जो वीडियो काट-छाँट कर शेयर किया जाने लगा वो बीबीसी वर्ल्ड टेलीविज़न के एक प्रेज़ेंटर और बीबीसी के एक भारतीय संवाददाता के बीच की चर्चा थी जो 2019 में चंद्रयान-2 के लांच के ठीक पहले हो रही थी.
जिस डॉक्टर्ड वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है उसका चंद्रयान-3 से कोई ताल्लुक नहीं है, उस वीडियो में केवल प्रेज़ेंटर का सवाल रहने दिया गया है जबकि पहले वाक्य के बाद जवाब को काट दिया गया है.
इसके अलावा, साफ़ देखा जा सकता है कि ये वीडियो पुराना है, उस पर बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ का लोगो है, हक़ीकत ये है कि ये चैनल अब प्रसारण नहीं करता है.
इस भ्रामक ट्वीट को कई जाने-माने लोगों ने शेयर किया या उस पर टीका टिप्पणी की, उन्हें नहीं मालूम था कि ये डॉक्टर्ड वीडियो है.
बुधवार की रात को देश के अग्रणी टीवी चैनल आजतक के ट्विटर हैंडल ने भी इस ग़लत वीडियो को आधार बनाते हुए एक ट्वीट किया.
समाचार चैनल की जानकारी में जब ये बात लाई गई कि तो उन्होंने उस ट्वीट को डिलीट कर दिया.
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