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जयशंकर के सामने फिर उठा पन्नू का मामला, अमेरिका ने कहा- मामला गंभीर, नतीजे का इंतज़ार
भारत दौरे पर आए अमेरिका के मुख्य राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार जोनाथन फ़ाइनर ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजित डोभाल से मुलाक़ात की.
दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की ये बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने एक सिख अलगाववादी को मारने की नाकाम साज़िश के लिए एक भारतीय नागरिक को गिरफ़्तार किया है.
अमेरिका ने ये भी आरोप लगाया है कि ये नागरिक भारत सरकार के एक अधिकारी के निर्देशों पर चल रहा था.
भारत ने अमेरिका से इस मामले पर जानकारी मिलने की बात स्वीकार की थी. भारत ने इसकी जाँच के लिए एक उच्च-स्तरीय जाँच समिति भी गठित की है.
विदेश मंत्रालय ने कहा, "बातचीत के दौरान दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकारों ने मुख्य द्विपक्षीय मुद्दों की समीक्षा की और क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा किए."
विदेश मंत्रालय ने ये भी जानकारी दी है कि फ़ाइनर अब विदेश सचिव विनय क्वात्रा से भी मिलेंगे.
फ़ाइनर की जयशंकर और डोभाल के साथ हुई अलग-अलग मुलाक़ातों के दौरान सिख अलगाववादी नेता से जुड़ा मुद्दा उठा.
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में भी इसकी पुष्टि की गई है कि दोनों देशों के नेताओं के बीच सिख अलगाववादी नेता की हत्या के मुद्दे पर बात हुई.
भारत ने अमेरिकी अधिकारी को बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जाँच हो रही है.
इस बारे में अमेरिका के विदेश मंत्रालय से भी सवाल पूछा गया कि जब अमेरिका ने भारत को इस साज़िश के बारे में जानकारी दी थी तो भारत की प्रतिक्रिया क्या थी?
इस पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत मामले की जाँच कर रहा है और हमें जल्द इसके परिणाम आने की उम्मीद है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा- हमने ये स्पष्ट कर दिया है कि हम सरहद पार जाकर इस तरह के उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हैं, चाहे ये किसी भी हिस्से में हो या कोई भी करे. ये केवल भारत से जुड़ा नहीं है. बल्कि दुनिया के किसी भी देश के लिए यही नीति है.
हालांकि, इस मामले में अधिक जानकारी देने से उन्होंने इनकार किया.
मिलर ने कहा, "मैं बस ये कहूँगा कि जब ये कथित मामला हमारे संज्ञान में लाया गया तो हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को ये स्पष्ट कर दिया था कि हम ऐसे मामलों को कितनी गंभीरता से लेते हैं. उन्होंने इस मामले में जाँच शुरू कर दी हैं और हम इसके परिणाम के इंतज़ार में है."
जयशंकर और फ़ाइनर में क्या हुई बात?
एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अमेरिका के प्रिंसिपल डिप्टी एनएसए से मिलकर अच्छा लगा. वैश्विक स्थिति पर अहम विचार साझा किए. दोनों के बीच हमारे द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई."
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार जोनाथन फ़ाइनर ने दोनों देशों के बीच विवाद का ज़िक्र किए बग़ैर ये माना कि अतीत में दोनों देशों के रिश्ते उलझे हुए रहे हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि दोनों देश कई मुद्दों पर सहमत भी हुए हैं.
फ़ाइनर ने कहा कि दोनों देश सारे मुद्दों पर एकमत नहीं हो सकते और मौजूदा समय तक कई मसले बने हुए हैं. लेकिन दोनों देश इन असहमतियों पर इस तरह से काम करेंगे ताकि सहयोग प्रभावित न हो.
भारत ने 30 नवंबर को एक भारतीय अधिकारी को सिख नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साज़िश करने वाले अभियुक्त से जोड़ने को 'चिंता का विषय' बताया था.
भारत ने इन आरोपों की जाँच के लिए एक दल का गठन किया है और ये भी कहा है कि आगे के क़दम आरोपों की जाँच कर रही टीम की ओर से दिए निष्कर्षों के आधार पर उठाए जाएँगे.
वहीं व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका में एक अलगाववादी नेता की हत्या की साज़िश के मामले में भारत ने एक जाँच समिति बनायी है और और ज़िम्मेदार पाए गए किसी भी व्यक्ति को जवाबदेह ठहराने के महत्व पर दोनों देशों के बीच बात हुई.
व्हाइट हाउस ने अपने बयान में फ़ाइनर की अपने भारतीय समकक्ष विक्रम मिस्रा के साथ अमेरिका और भारत की पहल ‘महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी (आईसीईटी)’ सहित अन्य ज़रूरी मुद्दों पर हुई बातचीत का भी ज़िक्र किया. आईसीईटी भारत और अमेरिका के बीच एक अहम पहल है जो रणनीतिक सुरक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग पर केंद्रित है, जिसे पिछले साल जो बाइडन और पीएम मोदी ने शुरू किया था.
अमेरिका ने क्या आरोप लगाए थे?
अमेरिका ने अमेरिकी ज़मीन पर एक सिख अलगाववादी नेता और अमेरिकी नागरिक की हत्या की साज़िश के पर्दाफ़ाश करने का दावा किया था.
निखिल गुप्ता नाम के एक भारतीय नागरिक पर आरोप है कि उन्होंने एक भाड़े के हत्यारे को एक लाख डॉलर (लगभग 83 लाख रुपये) कैश के बदले अलगाववादी नेता की हत्या की सुपारी दी.
अभियोग के मुताबिक़, जिस हिटमैन को हत्या का काम दिया गया था, वह वास्तव में अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी का अंडरकवर एजेंट था.
निखिल गुप्ता इस समय चेक गणराज्य की जेल में हैं. जो आरोप उन पर लगे हैं, उनके तहत 20 साल तक की सज़ा हो सकती है.
आरोप था कि निखिल गुप्ता को एक भारतीय अधिकारी निर्देशित कर रहे थे. अभियोग में भारतीय अधिकारी का नाम नहीं है.
अभियोग में पीड़ित का नाम नहीं है लेकिन भारतीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ निशाने पर सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू थे. गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत में घोषित ‘आतंकवादी’ हैं.
साथ ही अमेरिका ने इस मामले में भारत को उसकी भूमिका होने के शक पर चेताया भी है.
इसके बाद बुधवार को वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि बाइडन प्रशासन इस साज़िश के सामने आने के बाद से चिंतित है.
इसी वजह से सीआईए डायरेक्टर विलियम जे बर्न्स और नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर एवरिल हेन्स को अगस्त और अक्तूबर महीने में भारत भेजा था ताकि इस मामले में जाँच करवाने और ज़िम्मेदारों को सज़ा देने के लिए भारत को कहा जा सके.
बीते सप्ताह अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भारत की ओर से आरोपों की उच्च स्तरीय जाँच कराए जाने के फ़ैसले को 'अच्छा और सही' बताते हुए स्वागत किया था.
व्हाइट हाउस का कहना था कि अमेरिका ने हत्या की इस साज़िश के मामले को शीर्ष स्तर पर भारत के सामने उठाया है.
इससे पहले कनाडा ने सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत के शामिल होने के आरोप लगाये थे. कनाडा के इन आरोपों के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी.
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