श्रद्धा जब अस्पताल में भर्ती हुई थीं तो आफ़ताब ने खुद को बताया था पति -प्रेस रिव्यू

श्रद्धा

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अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर में श्रद्धा मर्डर केस में एक नई बात सामने आई है.

अख़बार लिखता है कि साल 2020 में श्रद्धा वालकर मुंबई के नालासोपारा अस्पताल में संदिग्ध आंतरिक चोटों के कारण तीन दिन तक भर्ती थीं.

ओज़ोन अस्पताल के डॉक्टर शिवप्रसाद शिंदे ने बताया है कि 3 दिसंबर 2020 में श्रद्धा अस्पताल आई थीं. उन्होंने गर्दन और पीठ में दर्द की शिकायत की थी, जिसके कारण वह चल नहीं पा रही थीं. तीन दिनों तक वह फ़िजियोथेरेपी लेती रहीं.

डॉक्टर ने बताया कि ''जब श्रद्धा भर्ती थीं तो उस दौरान आफ़ताब उनके साथ थे और खुद को श्रद्धा का पति बताया था.''

''जब वह अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई थीं तो हमने उनसे स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए उन्हें फ़ोन किया लेकिन संपर्क नहीं हुआ और तीन दिन के बाद वो अस्पताल भी नहीं आईं.''

डॉ. शिंदे ने अख़बार को बताया कि कई बार पूछने के बाद भी श्रद्धा चोट की वजह बताने से कतरा रहीं थीं. उन्होंने कहा, ''वो ऐसी चोटें लग रही थी जो शारीरिक प्रताड़ना का कारण होती हैं.''

श्रद्धा की उस वक़्त की मेडिकल रिपोर्ट बता रही थी कि उन्हें अस्पताल आने के पांच दिन पहले से गंभीर रूप से पीठ और गर्दन में गर्द था और उन्हें मूवमेंट में काफ़ी दिक्कत आ रही थी.

पुलिस भी श्रद्धा की उनके दोस्त के साथ नवंबर 2020 में हुई एक चैट की जांच कर रही है. ये चैट श्रद्धा के अस्पताल में भर्ती होने के कुछ दिन पहले का मालूम होता है.

24 नवंबर, 2020 को अपने दोस्त को किए गए एक मैसेज में श्रद्धा लिखती हैं, ''कल जो मुझे मारा गया है उसके बाद मैं आज नहीं आ पाऊंगी. मुझे लगता है मेरा ब्लड प्रेशर लो है और मेरे शरीर में बिस्तर से उठने की हिम्मत नहीं है.''

मुंबई की रहने वाली श्रद्धा वालकर अपने लिव-इन पार्टनर आफ़ताब पूनावाला के साथ दिल्ली के छतरपुर में रह रही थीं और इस साल मई में आफ़ताब ने उनकी हत्या की और शव के कई टुकड़े करके मेहरौली के जंगलों में फ़ेंक दिया. इस मर्डर केस का पता पांच महीने बाद नवंबर में चला जब मुंबई में रहने वाले श्रद्धा के परिवार वालों और दोस्तों ने उनसे किसी भी तरह का संपर्क ना होने की सूरत में पुलिस में शिकायत दर्ज की.

दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

राहुल गांधी

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सावरकर पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज

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अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू में छपी ख़बर के मुताबिक़ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान विनायक दामोदर सावरकर के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ पुलिस शिकायत दर्ज की गई है.

राहुल गांधी के खिलाफ़ ठाणे पुलिस ने आईपीसी की धारा 500 और 501 के तहत मानहानि का केस दर्ज किया गया है.

ये मामला महराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की के गुट वाले शिवसेना की सदस्य वंदना डोंगरे ने दर्ज कराई है.

इससे पहले 17 नवंबर को सावरकर के पोते रंजीत और शिंदे गुट के एक सांसद राहुल शेवाले ने इस 'अपमानजनक' बयान के लिए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के ख़िलाफ़ शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी.

इस हफ़्ते की शुरुआत में वाशिम ज़िले में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने विनयाक दोमोदर सावरकर को बीजेपी और आरएसएस का प्रतीक बताते हुए कहा था कि उन्होंने अंडमान की सेल्युलर जेल से और उसके बाद भी अंग्रेजों को दया याचिकाएं लिखी थीं. और बाद में एक अलग नाम से खुद पर एक किताब लिख कर यह दिखाया कि वे कितने बहादुर थे.

जेट एयरवेज़

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जेट एयरवेज़ कर्माचरियों की सैलरी 50% तक घटाई

अंग्रेज़ी अख़बार कॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ जेट एयरवेज़ का मालिकाना हक़ रखने वाली जालान कालरॉक कंसोर्टियम (जेकेसी) ने अस्थायी रूप से कुछ कर्मचारियों के वेतन में 50 फ़ीसदी तक की कमी की है और कुछ अन्य कर्मचारियों को को 1 दिसंबर से बिना वेतन की छुट्टी पर भेजा जा रहा है.

कंपनी के सीईओ संजीव कपूर ने इस फ़ैसले की पुष्टि की है.

कई ट्वीट करके उन्होंने बताया कि यो फ़ैसला 1 दिसंबर से लागू होगा.

जेट एयरवेज़ को खरीदने वाले जालान-कलरॉक कंसोर्टियम ने घोषणा की है कि कैश फ्लो को बनाए रखने के लिए उसे "कुछ कठिन लेकिन आवश्यक निकट-अवधि के फैसले" लेने पडेंगे.

हालांकि कपूर ने ये साफ़ किया है कि वह किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल रहे हैं.

जेट एयरवेज, एक समय में लोकप्रिय एयरलाइनों में से एक हुआ करती थी लेकिन कर्ज़ में डूबने के बाद अप्रैल 2019 में एयरलाइन को अपना परिचालन बंद करना पड़ा. पिछले साल जून में, जेकेसी ने एयरलाइन के रिजॉल्यूशन प्लान पेश किया और इसे इस साल मई में नागरिक उड्डयन नियामक की मंजूरी मिली

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