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सुनीता विलियम्स को पृथ्वी पर वापस लाने पहुंचा स्पेसएक्स कैप्सूल, नौ महीने बाद ऐसे हो सकती है वापसी
- Author, पल्लब घोष
- पदनाम, विज्ञान, संवाददाता
स्पेसएक्स का अंतरिक्ष यान नए चालकदल के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंच चुका है. इसी के ज़रिए भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की पृथ्वी पर वापसी होनी है.
सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में आठ दिन गुजारने थे. लेकिन स्पेस क्रॉफ्ट में तकनीकी ख़राबी की वजह से वो दोनों नौ महीने से वहीं हैं.
सुनीता और बुच की पृथ्वी पर वापसी की प्रक्रिया इसी हफ्ते के अंत में शुरू होगी. नासा से जुड़े स्टीव स्टिच ने कहा कि वो इसके लिए उत्साहित हैं.
उन्होंने कहा, "बुच और सुनीता ने शानदार काम किया है और हम उन्हें वापस लाने के लिए उत्साहित हैं."
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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन, नासा और स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया पर लाइव फुटेज में स्पेस एक्स क्रू ड्रैगन को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के साथ डॉकिंग और हैच खुलते हुए दिखाया. इसके बाद अंतरिक्ष यात्री एक-दूसरे को गले लगाते हुए दिखाई दिए.
अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में उनके सहकर्मी नासा के निक हेग उनकी सहयता करेंगे.
इसके अलावा रूस की स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव, जापान और अमेरिका के दो-दो अंतरिक्ष यात्री भी उनकी मदद करेंगे.
पुरानी टीम यानी सुनीता और बुच को नई टीम को हैंडओवर करने में दो दिन का वक्त लगेगा. इसके बाद उनकी पृथ्वी पर वापसी की तैयारी होगी.
क्या अभी भी हो सकती है देरी?
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की मैनेजर डाना वीगेल के मुताबिक, "वापसी में थोड़ी देरी भी हो सकती है. क्योंकि ये देखना जरूरी है कि पृथ्वी की परिस्थितियां वापसी के लिए कितनी सही हैं."
उन्होंने कहा, "मौसम हमेशा मायने रखता है. अगर स्थिति सही नहीं होती है तो हम अपना वक्त लेंगे."
वीगेल ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों ने बीते हफ्ते ही हैंडओवर की तैयारी शुरू कर दी थी.
उन्होंने कहा, "जब सुनीता ने अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी ओवचिनिन को कमान सौंपी तो बुच ने औपचारिक घंटी बजाई."
अंतरिक्ष यात्रियों ने लगातार कहा है कि वो स्पेस स्टेशन में खुश हैं. सुनीता ने इसे अपना 'हैप्पी प्लेस' भी बताया.
हालांकि ओपन यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर शिमोअन बारबर ने कहा, "वहां रहने की अपनी एक क़ीमत है."
उन्होंने कहा, "जब आपको काम के लिए एक हफ्ते की यात्रा पर भेजा जाए तो आप सोचते नहीं है कि उसमें क़रीब सालभर का समय चला जाएगा."
"वहां लंबा समय रहने का असर उनकी पारिवारिक जिंदगी पर भी पड़ा होगा. घर पर काफी कुछ होना होगा जिसका वो हिस्सा नहीं बन पाएं. इसमें कुछ उथल-पुथल वाला समय ज़रूर रहा होगा."
नासा ने क्यों लिया वापसी में देरी का फै़सला
बुच और सुनीता जून 2024 में स्टारलाइनर स्पेस क्रॉफ्ट के ज़रिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे थे. इसे बोइंग ने बनाया था.
स्पेसक्रॉफ्ट में तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से मिशन में सालों की देरी हुई. इस स्पेस क्रॉफ्ट में लॉन्च के दौरान समस्याएं आ रही थीं. इसमें ऐसी समस्याएं थीं जिनका असर वायुमंडल में एंट्री करने पर पड़ता और समस्याओं में हीलियम गैस का रिसाव भी शामिल था.
नासा ने तय किया कि सुनीता और बुच की वापसी में थोड़ा भी जोखिम नहीं लेगा क्योंकि उनके पास स्पेस एक्स के अंतरिक्ष यान के ज़रिए वापसी का विकल्प है.
नासा को क्रू का रोटेशन बेहतर विकल्प महसूस हुआ, भले ही इसकी वजह से अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन में कई महीने गुजारने पड़े.
हालांकि बोइंग ने लगातार दावा किया कि सुनीता और बुच को स्टारलाइनर के ज़रिए वापस लाना सुरक्षित है.
बोइंग ने स्पेस एक्स के अंतरिक्ष यान के जरिए वापसी करवाने पर भी नाराज़गी भी जाहिर की.
डॉक्टर बारबर ने कहा, "ये बोइंग के लिए अच्छा नहीं है कि वो अपनी विरोधी के क्रॉफ्ट के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी देखे."
ट्रंप और मस्क ने किया था वापसी करवाने का दावा
फरवरी में फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप और स्पेस एक्स के सीईओ एलन मस्क ने कहा था कि वो जल्द ही सुनीता और बुच को धरती पर वापस लाएंगे.
ट्रंप ने कहा था, "वो अंतरिक्ष में फंस गए."
जब इंटरव्यू कर रहे सॉन हैनिटी ने कहा, "वो आठ दिन के लिए गए थे और उन्हें वहां लगभग 300 दिन हो गए हैं." ट्रंप ने इसका जवाब एक शब्द में देते हुए कहा, "बाइडन."
मस्क ने आगे इसका जवाब देते हुए कहा, "वो राजनीतिक कारणों की वजह से वहां हैं."
हालांकि नासा के स्टीव स्टिच ने इन बातों को नकारा. उन्होंने कहा, "हमने कई विकल्प देखे. हमने स्पेस एक्स के साथ काम किया और हमने सबसे बेहतर विकल्प चुनने की कोशिश की."
लंदन में साइंस म्यूज़ियम की चीफ़ डॉक्टर लिब्बी जैकसन ने इस फै़सले का समर्थन किया. वो यूरोप में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के कंट्रोल सेंटर के साथ भी काम करती हैं.
उन्होंने कहा, "बुच और सुनीता की सलामती सभी की प्राथमिकता रही है. इस स्थिति से निपटे जाने का सबसे अच्छा विकल्प क्या हो सकता है, यही सोचकर फै़सले लिए गए हैं."
"नासा ने ये फै़सले तकनीकी वजहों को ध्यान में रखते हुए लिए हैं. उन्होंने सुनीता और बुच को सुरक्षित वापस लाने का हल निकाला है. मैं पृथ्वी पर उनकी सुरक्षित वापसी की ओर देख रही हूं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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