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इमरान ख़ान बीबीसी से ख़ास बातचीत में बोले 'मौजूदा हालात के लिए पाक सेना प्रमुख ज़िम्मेदार'
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को दो सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दी है.
नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो ने अल-क़ादिर ट्रस्ट मामले में पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान ख़ान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के परिसर से मंगलवार को गिरफ्तार किया था.
इमरान ख़ान को दो दिनों तक हिरासत में रखा गया. जिसके बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ़्तारी को अवैध ठहराया और उन्हें पुलिस लाइन्स के गेस्ट हाउस में न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शुक्रवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था.
इमरान ख़ान के इस्लामाबाद हाई कोर्ट पहुंचने के बाद कोर्ट में उनसे बात की बीबीसी संवाददाता कैरोलीन डेविस ने.
पढ़िए बीबीसी के सवालों का इमरान ख़ान ने क्या जवाब दिया.
कैरोलीन डेविस: आज आपके कोर्ट पहुंचने के बाद क्या-क्या हुआ?
इमरान ख़ान: यहां एक सर्कस चल रही है, लेकिन मैं जानता हूं कि फिर भी मुझे सभी मामलों में जमानत मिल जाएगी. जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जिस तरह मुझे ग़ैरक़ानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया था, यहां के परिसर से, इस बार हाई कोर्ट के बाहर से मुझे फिर ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से गिरफ्तार किया जाएगा. मुझे पता है कि मुझे गिरफ्तार किया जाएगा.
और उसके बाद क्या होगा मैं उस पर कैसे नियंत्रण रख सकता हूं?
इस्लामाबाद आने से पहले मैंने कहा था कि अगर मेरे ख़िलाफ़ कोई वारंट है तो मुझे दिखाएं और मैं आत्मसमर्पण कर दूंगा.
लेकिन लाहौर में जैसा आपने किया वैसा न करें.
उन्होंने मेरे घर पर हमला किया. आपको पता है कि उन्होंने 24 घंटों तक मेरे घर पर हमला किया?
मैंने कहा ऐसा न करें क्योंकि इस पर बड़ी प्रतिक्रिया होगी, जिस पर नियंत्रण कर पाना मुश्किल होगा. क्योंकि भीड़ को कोई नियंत्रित नहीं कर सकता.
तो अगर उन्होंने मुझे पकड़ कर जेल में डाल दिया, तो फिर जो कुछ हुआ उसके लिए मैं कैसे ज़िम्मेदार हूं? सुप्रीम कोर्ट आने के बाद ही मुझे इस बात का पता चला.
कैरोलीन डेविस: अगर वो आपके सामने अरेस्ट वारंट पेश करते हैं और आपसे कहते हैं कि आपको जेल जाना होगा, तो क्या आप अपनी इच्छा से जेल जाएंगे?
इमरान ख़ान: अगर मैंने कुछ भी ग़लत किया है और अगर मैंने जो ग़लत किया है इसके लिए वो मेरे सामने अरेस्ट वारंट ले कर आएंगे तो मैं ज़रूर जाऊंगा.
मैं क़ानून में यकीन रखता हूं. मेरे ख़िलाफ़ 150 मामले दर्ज किए गए हैं. कई आपराधिक मामले हैं, आतंकवाद से जुड़े 40 मामले हैं, ईशनिंदा का मामला है, राजद्रोह के मामले हैं.
कैरोलीन डेविस: जब आप कहते हैं कि आपकी गिरफ्तारी के बाद जो कुछ होगा उसके लिए आपको ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, तो ये सुनने में धमकी की तरह नहीं लगा रहा?
इमरान ख़ान: एक साल से जो कुछ हो रहा है वो अपने आप में इतिहास है.
5000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 5000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.
रोज़ाना लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है.
मेरे घर पर हमला किया गया, हमारे पार्टी अध्यक्ष के घर पर हमला किया गया... बख्तरबंद गाड़ियों से उन्होंने घर का दरवाज़ा तोड़ा.
ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.
कैरोलीन डेविस: जो हो रहा है उसमें से काफी कुछ का नाता उन्हीं बातों से है जो आप कहते रहे हैं. आप भी आलोचना करते रहे हैं, आप सेना के नेतृत्व के कट्टर आलोचक रहे हैं, आपने सरकार की और विपक्ष की भी कड़ी आलोचना की है. लोग, आपके प्रदर्शनकारी, आपके समर्थक जो सड़कों पर निकल रहे हैं उसी तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.
इमरान ख़ान: कौन सी भाषा?
कौन-सा नेता है जिसकी हत्या के लिए उस पर दो बार हमले हो चुके हैं?
और वो नेता केवल मामले की जांच करवाने की मांग कर रहा है और इससे भी इनकार किया जा रहा है.
कैरोलीन डेविस: दूसरी बार कब हमले की कोशिश हुई?
इमरान ख़ान: उन्होंने अदालत परिसर में मुझे मारने की कोशिश की.
मैंने किसी तरह से अपनी जान बचाई.
उन्होंने यहां पर कब्ज़ा कर लिया था, आईएसआई ने अदालत परिसर पर अपना नियंत्रण कर लिया था और ये एक जाल था.
अगर मैं वहां जाता तो मुझे ज़रूर मार डाला जाता.
ये मुझ पर दूसरा हमला था. और फिर मेरे घर पर भी हमला हुआ था, क्या इसे भी आप केवल बातें कहेंगी?
हमारे कार्यकर्ताओं को भी अगवा किया गया...
कैरोलीन डेविस: आप जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्या वो लोगों को उत्तेजित नहीं कर रही है?
इमरान ख़ान: आपको क्या लगता है, जिस तरह वो हाई कोर्ट में घुस आए, उन्होंने खिड़कियां तोड़ दीं, मुझे डंडे से मारा. क्या मैं ग़लत काम कर रहा था?
मैं तो अपनी जगह पर... मेरे वकील वहां बैठे थे और उन्होंने सभी लोगों के सामने मुझे ऐसे अग़वा किया जैसे कि कोई आतंकवादी हो.
ये तस्वीरें जब यहां से बाहर गईं तो आपको क्या लगता है क्या प्रतिक्रिया होगी?
पाकिस्तान की सबसे बड़ी पार्टी के प्रमुख और वो उसे पकड़ लें... सेना उसे पकड़ ले... आपको क्या लगता है क्या प्रतिक्रिया होगी?
मतलब, क्या ये समझने के लिए आपको जीनियस होने की ज़रूरत है?
इसके लिए एक ही व्यक्ति ज़िम्मेदार है और वो हैं सेना प्रमुख.
उन्हें चिंता है कि अगर मैं सत्ता में आया तो मैं उन्हें डि-नोटिफ़ाई कर दूंगा.
मैंने उन्हें ये बताने की पूरी कोशिश की कि मैं ऐसा नहीं करुंगा.
जो कुछ हो रहा है सीधे तौर पर उनके निर्देश पर हो रहा है.
वो ही हैं जिन्हें पूरा यक़ीन है कि मैं जीता तो उन्हें डि-नोटिफ़ाई कर दिया जाएगा.
कैरोलीन डेविस: अगर कोर्ट से बाहर निकलने पर आपको गिरफ्तार किया जाता है तो अपने समर्थकों के लिए आपका क्या संदेश होगा?
इमरान ख़ान: मैं 27 सालों से राजनीति में हूँ.
मुझे ऐसा एक संदेश दिखा दें जो इससे अलग रहा हो- मेरी पार्टी का न्याय के लिए, क़ानून के शासन के लिए अभियान.
मैंने हर बार अपने समर्थकों से कहा है कि वो जो करें संविधान के दायरे में रहकर करें, जब विरोध प्रदर्शन करें शांतिपूर्ण तरीके से करें.
हमने 126 दिनों तक प्रदर्शन किया, जो अब तक के सबसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में हैं.
हमने कभी भी क़ानून नहीं तोड़ा है. अब भी जब मैं उनसे विरोध प्रदर्शन के लिए कहता हूं तो शांतिपूर्ण तरीके की बात करता हूं. मैं हमेशा से यही कहता रहा हूं.
देखिए लोगों को पता है कि मेरी उम्र 50 साल से अधिक है. मैं सबसे अधिक जानामाना पाकिस्तानी हूं. मैंने पाकिस्तान में सभी अवार्ड जीते हैं, मैं यहां का सबसे बड़ा समाजसेवी हूं, मैं यहां की सबसे बड़ी पार्टी का प्रमुख हूं.
जब मेरे साथ ऐसा बर्ताव होता है तो फिर प्रतिक्रिया के लिए कौन ज़िम्मेदार होगा? जिन लोगों ने ये किया वही...
कैरोलीन डेविस: लेकिन ये आपके लिए एक मौक़ा होगा जब आप अपने समर्थकों से हिंसक न होने को कहें.
इमरान ख़ान: मैंने कल सुप्रीम कोर्ट से लोगों को संदेश दिया था.
ये मेरा देश है, मेरी सेना है, मेरी इमारतें हैं, मेरे लोग हैं.
कृपया शांति बनाए रखें, हम अपने देश को नुक़सान नहीं पहुंचाना चाहते और मैंने हमेशा से यही कहा है.
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