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हेमंत सोरेनः झारखंड के मुख्यमंत्री तीन दिन कहां रहे, जब बीजेपी ने बताया 'लापता'
- Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
तारीख़ थी 27 जनवरी. शाम के साढ़े पांच बजे होंगे. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का काफ़िला रांची के कांके रोड स्थित उनके सरकारी आवास से राजभवन के लिए निकला.
वे मुख्यमंत्री आवास से बमुश्किल 500 मीटर के फ़ासले पर मौजूद राजभवन में गणतंत्र दिवस समारोह के बाद होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह में शामिल होने गए. वहां उनकी मुलाक़ात राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, दूसरे प्रमुख लोगों और आला अधिकारियों से हुई.
समारोह पूरी तरह ख़त्म होने से पहले ही वे अपने आवास लौटे और फिर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट चले गए. वहां से उन्होंने रात नौ बजे के कुछ देर बाद दिल्ली के लिए चार्टर फ़्लाइट ली. ये चार्टर प्लेन कुछ घंटे पहले से उनके इंतज़ार में एयरपोर्ट पर खड़ा था.
दिल्ली जाने का उनका कार्यक्रम अचानक बना.
27 जनवरी का कार्यक्रम, वो आखिरी समारोह था जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में सार्वजनिक तौर पर नज़र आए.
इसके बाद दिल्ली में वे कहां-कहां गए, किनसे मिले या उनकी यात्रा की वजह क्या थी, इस बाबत उनके कार्यालय ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी. मीडिया में यह चर्चा ज़रूर रही कि वे क़ानूनी परामर्श के लिए दिल्ली गए हैं.
उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने 29 जनवरी की दोपहर बाद कहा कि वे निजी कारणों से दिल्ली गए हैं. उनकी निजता का ख़्याल रखा जाना चाहिए.
बीजेपी ने जारी किया पोस्टर
इससे पहले सोमवार की सुबह से ही मीडिया में उनके ‘ट्रेसलेस’ होने की ख़बरें चलने लगी थीं.
राज्य की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रांची के एक थाने में उनकी कथित गुमशुदगी को लेकर एक सनहा (लिखित सूचना) भी दी है.
उनकी सुरक्षा में लगे झारखंड पुलिस के डीएसपी स्तर के एक अधिकारी 28 जनवरी को ही रांची लौट आए थे. उनके साथ झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच के कुछ कनीय अधिकारी ही सुरक्षा के लिए मौजूद रहे.
इसको लेकर बीजेपी नेताओं ने कई तंज भरे सोशल मीडिया पोस्ट किए और उनके कथित तौर पर गुमशुदा होने का पोस्टर भी जारी कर दिया.
क्यों हुई गुमशुदगी की चर्चा
ज़मीन की हेराफेरी से संबंधित एक पुराने मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम सोमवार की सुबह उनके दक्षिणी दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची थी.
जब अधिकारियों की यह टीम शांति निकेतन स्थित उनके आवास पर पहुंची तो मुख्यमंत्री वहां नहीं थे.
इसके तुरंत बाद मीडिया में खबरें चलने लगीं कि हेमंत सोरेन का पता नहीं चल पा रहा है. वे कथित तौर पर ट्रेसलेस हो चुके हैं.
इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने रांची में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पार्टी के संपर्क में हैं. व्यक्तिगत काम से दिल्ली गए हैं. लौट भी आएंगे.”
इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय ने उनकी तरफ़ से ईडी को भेजे मेल में कहा कि ईडी अधिकारी 31 जनवरी की दोपहर एक बजे या उसके बाद मुख्यमंत्री आवास आकर उनका बयान दर्ज कर सकते हैं.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ उस मेल में भी मुख्यमंत्री ने ईडी पर राजनीति से प्रेरित होकर काम करने का आरोप लगाया था.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, “31 जनवरी या उससे पहले मेरा बयान दर्ज करने की आपकी (ईडी) कोशिश दुर्भावनापूर्ण है. आपकी कार्रवाई राज्य सरकार का कामकाज बाधित करने की राजनीति से प्रेरित है. आप 20 जनवरी को सात घंटे तक मुझसे हुई पूछताछ की वीडियो रिकार्डिंग अदालत को उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षित रखें.”
इसके बावजूद मीडिया में उनकी गुमशुदगी की खबरें लगातार चलती रहीं.
सोरेन के दिल्ली के घर पर क्या हुआ?
हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास पर जमे ईडी अधिकारियों की टीम सोमवार की देर रात उनके घर से निकली और साथ में एचआर 26 ईएम 2836 नंबर की उस कार को भी लेती गई, जिसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री अपने दिल्ली प्रवास के दौरान कथित तौर पर किया करते थे.
इन्होंने वहां मौजूद मीडिया से कोई बातचीत नहीं की. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस कार का रजिस्ट्रेशन किसके नाम पर है. ईडी अधिकारियों ने तब वहां मौजूद मीडिया से भी बात नहीं की.
इसके अगले दिन 30 जनवरी को मीडिया में सूत्रों के हवाले से यह खबर भी चली कि ईडी ने हेमंत सोरेन के घर से क़रीब 36 लाख रुपये की बरामदगी भी की है.
ईडी ने कार ज़ब्ती या रुपये बरामदगी को लेकर कोई अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है.
जब रांची लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
दिल्ली और रांची में चल रही हलचल और कथित तौर पर लापता होने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 30 जनवरी की दोपहर 2 बजे अपने क़ाफ़िले की गाड़ियों के साथ मुख्यमंत्री आवास के अंदर जाते दिखे.
उन्होंने वहां पहले से मौजूद सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों और अपनी सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक की. इस बैठक में उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं.
इससे पहले वे विधायकों से गर्मजोशी से मिले. वहां कांग्रेस के झारखंड प्रभारी ग़ुलाम अहमद मीर भी थे.
इसके बाद वे अपने क़ाफ़िले के साथ रांची के मोराबादी इलाके में स्थित बापू वाटिका चले गए और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की.
जब मुख्यमंत्री से पत्रकारों ने पूछा कि आप 40 घंटे से कहां थे, तब हेमंत सोरेन ने कहा, “आपके दिल में थे.”
अब क्या होगा
उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शाम 4.30 बजे एक प्रेस कांफ्रेंस की.
वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर शाम 7 बजे सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक दल की औपचारिक बैठक होगी.
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