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टाइटैनिक की दुर्लभ कलाकृतियां जो एक सीक्रेट गोदाम में रखी हैं
- Author, रेबेका मोरेल, साइंस एडिटर और एलिसन फ़्रांसिस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
मगरमच्छ की चमड़ी से बना हैंडबैंग और इत्र की छोटी-छोटी शीशियां जिसमें से अभी भी ख़ुशबू आती है, ये कुछ ऐसी बेशक़ीमती कलाकृतियां हैं जिन्हें दुनिया के सबसे मशहूर टाइटैनिक जहाज़ के मलबे से बरामद किया गया है.
लेकिन इन कलाकृतियों को बहुत सीक्रेट गोदाम में छिपाकर रखा गया है क्योंकि इनकी सामग्रियां बेशक़ीमती हैं. बस हम इतना बता सकते हैं कि ये सीक्रेट गोदाम अमेरिका में जॉर्जिया के अटलांटा में कहीं है.
यहां अलमारियों में हज़ारों चीज़ें बंद हैंः उल्टे रखे बाथटब से लेकर बारीक़ नक्काशीदार कांच के बर्तन और छोटे बटन तक.
इस गोदाम को देखने और इन चीज़ों की कहानियों को जानने का बीबीसी को एक दुर्लभ मौक़ा मिला.
मगरमच्छ की चमड़ी से बने बैग से जुड़ी दुखद कहानी
इन कलाकृतियों को खोजने वाली कंपनी बीआरएमएस टाइटैनिक इंक के लिए कलेक्शन की डायरेक्टर टोमासिना रे बताती हैं, "यह वाक़ई बहुत ख़ूबसूरत और फ़ैशनेबल छोटा बैग है."
इस अमेरिकी कंपनी के पास इन सामग्रियों को खोजने के लिए संरक्षित अधिकार हासिल हैं और इसने टाइटैनिक के मलबे से 5,500 से अधिक चीज़ें निकाली हैं, जिनमें से कुछ संग्रह की नुमाइश पूरी दुनिया में कराई जाती है.
मगरमच्छ की चमड़ी से बना यह बैग उत्तरी अटलांटिक में समंदर की गहराइयों में भी बचा रहा. इसके अंदर रखी नाज़ुक चीज़ें भी बची हुई हैं, जो इसके मालिक की ज़िंदगी की परतें खोलती हैं जो तीसरे दर्जे में यात्रा करने वाली यात्री मैरियन मीनवेल का था.
टोमासिना बताती हैं, "वो 63 साल की महिलाओं की हैट बेचनी वाली व्यवसायी थीं. और वो अपनी विधवा बेटी से मिलने के लिए अमेरिका जा रही थीं."
इस बैग में एक धुंधली तस्वीर मिली जो कि माना जाता है कि मैरियन मीनवेल की मां की है.
इसमें अमेरिका में एक नई ज़िंदगी शुरू करने के लिए ज़रूरी कागज़ात भी थे, जिसमें उनके लंदन के मकान मालिक के हाथ से लिखी एक सिफ़ारिशी चिट्ठी भी थी. इसमें लिखा है, "मीनवेल एक बढ़िया किरायेदार रही हैं और वो भुगतान में नियमित रही हैं."
उनकी स्वास्थ्य जांच का कार्ड भी बैग में था, जो सभी तीसरे दर्जे के यात्रियों के लिए ज़रूरी हुआ करता था, ताकि ये साबित किया जा सके कि वो अमेरिका में कोई बीमारी नहीं ला रहे. लेकिन पानी से धुंधला पड़ चुका यह काग़ज़ एक बदक़िस्मती को भी बयां करता है.
मैरियन मीनवेल ने एक अन्य व्हाइट स्टार लाइन शिप मैजेस्टिक में अपनी बुकिंग कराई थी लेकिन किसी वजह से वो जहाज़ नहीं जा पाया तो उन्हें टाइटैनिक में सवार कर दिया गया और वो हादसे में जान गंवाने वाले 1500 में शामिल हो गईं.
टोमासिना ने कहा, “उनकी कहानी बताना और इन चीज़ों का संग्रह करना बहुत महत्वपूर्ण है. वरना, वो लिस्ट में महज़ एक नाम होतीं."
परफ़्यूम जिसमें अभी भी ख़ुशबू बाक़ी है
टाइटैनिक हादसे में बचे हुए लोगों के सामान को भी समंदर की गहराई से निकाला गया.
टोमासिना प्लास्टिक का एक डिब्बा खोलती हैं और हवा में एक ख़ुशबू घुल जाती है. वो कहती हैं, “अभी भी इसमें जान है.”
डिब्बे में इत्र की छोटी छोटी शीशियां हैं. वे सील पैक हैं, लेकिन फिर से तेज़ ख़ुशबू चारों ओर फैल रही है, जबकि दशकों तक यह समंदर की तलहटी में पड़ी हुई थीं.
टोमासिना बताती हैं, “जहाज़ पर एक पर्फ़्यूम सेल्समैन भी सवार था और उसके पास इस तरह की 90 शीशियां थीं.”
उनका नाम था एडोल्फ सालफ़ेल्ड और वो दूसरे दर्जे के यात्री थे, जो हादसे में बच गए 700 लोगों में शामिल थे.
बचाव के समय महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता देने की वजह से किसी तरह जहाज़ से बच निकले कुछ पुरुषों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
टोमासिना ने कहा, “जब ये हमें मिला तबतक उनकी मौत हो चुकी थी. लेकिन मुझे लगता है कि उनमें एक अपराध रहा होगा.”
शैंपेन लाइफ़ स्टाइल
इस संग्रह में शैंपेन की एक बोतल भी है, जिसमें शैंपेन पूरी तरह सुरक्षित है और ऊपर कॉर्क लगा हुआ है.
टोमासिना ने कहा, “हो सकता है कि दबाव के कारण कॉर्क के ज़रिये थोड़ा बहुत पानी अंदर गया होगा और दबाव को बराबर किया होगा. और फिर यह समंदर की तलहटी में बैठ गया होगा.”
बर्फ़ के एक खंड से टकराकर जब 1912 में टाइटैनिक डूबा था तो जहाज़ दो हिस्सों में टूट गया और इसमें भरा सारा सामान बिखर गया, जिससे एक बड़े इलाक़े में मलबा फैल गया.
टोमासिना का कहना है, “समंदर के तल में बहुत सारी बोतलें और किचन के बर्तन भी हैं, क्योंकि टाइटैनिक असल में किचन के बीच से टूटा था.”
उस समय जहाज़ पर शैंपेन की हज़ारों बोतलें थीं. जहाज़ के मालिक चाहते थे कि उनके पहले दर्जे के यात्रियों को दृश्य के अलावा सबसे बेहतरीन खाना और ड्रिंक परोसा जाए.
टोमासिना कहती हैं, “यह एक तैरते हुए महल जैसा था और टाइटैनिक को सबसे लक्ज़री जहाज़ माना जाता था.”
“इसलिए शैंपेन, जिम और यात्रियों के लिए अन्य सुख सुविधाएं उनके लिए बहुत अहम रही होंगी.”
कीलों से क्या पता चलता है
जब टाइटैनिक जहाज़ 14-15 अप्रैल 1912 की दरम्यानी रात को विशाल हिमखंड से टकराया तो यह अपनी पहली यात्रा पर साउथैंप्टन से अमेरिका जा रहा था.
उस समय इस जहाज़ में बहुत एडवांस सेफ़्टी फ़ीचर थे और कहा जाता था कि यह कभी नहीं डूब सकता.
टोमासिना ने जहाज़ में लगे कुछ कीलों और मेडल पिन भी दिखाए जो स्टील प्लेट को आपस में जोड़ता है.
जहाज़ में ऐसी 30 लाख से अधिक कीलें लगी थीं.
टोमासिना बताती हैं, “जब टाइटैनिक डूबा तो ऐसी बातें भी चली थीं कि उन्होंने इसे बनाने में घटिया सामान इस्तेमाल किए थे और इसी वजह से यह बहुत तेज़ी से डूबा.”
कुछ कीलों की जांच तक की गई कि कहीं उनमें अशुद्धता तो नहीं थी.
वो कहती हैं, “इनमें कांच जैसे तत्व थे जो ठंड में इसे थोड़ा नाज़ुक बनाते थे.”
“अगर ये कीलें नाज़ुक थीं और अगर उनका सिरा टूट जाता है तो जहां हिमखंड से टक्कर हुई वहां ये खुल सकती थीं.”
हालांकि वो कहती हैं कि अभी भी इस बारे में जानना बाक़ी है कि जहाज़ डूबते समय आख़िर क्या हुआ था.
वर्गीय विभाजन
जहाज़ पर सवार यात्रियों का सामाजिक वर्ग अलग अलग था, यहां तक कि उनके खाने पीने के कप प्लेट तक अलग थे.
लाल रंग में व्हाइट स्टार लोगो लगा तीसरे दर्जे का मग बहुत साधारण लेकिन मज़बूत है. दूसरे दर्जे की प्लेटों पर सुंदर नीले रंग के फूलों की नक्काशी है. लेकिन पहले दर्जे की डिनर प्लेटें नाज़ुक चाइना मिट्टी की बनी हैं. इसके सिरों पर सुनहरी धारी है और रोशनी में एक माला पैटर्न देखा जा सकता है.
टोमासिना कहती हैं, “ये पैटर्न रंगीन रहे होंगे, लेकिन ये ऊपर रंगे गए थे, इसलिए धुल गए थे.”
पहले दर्जे के अमीर यात्रियों के लिए चांदी के बर्तनों में खाना परोसा जाता था, लेकिन तीसरे दर्जे के लोगों की कहानी अलग थी.
टोमासिना कहती हैं, “तीसरे दर्जे के यात्री खुद चीनी की प्लेटें इस्तेमाल करते थे क्योंकि ये बाक़ी बर्तनों से अधिक मज़बूत थे.”
आरएमएस टाइटैनिक इंक एकमात्र कंपनी है जिसे क़ानूनी तौर पर दुर्घटनास्थल से चीज़ें रिकवर करने की अनुमति है.
उसे यह अधिकार 1994 में एक अमेरिकी अदालत द्वारा दिया गया था. लेकिन उसे सख्त शर्तों के तहत ऐसा करना होगा - आइटम हमेशा एक साथ रहने चाहिए, ताकि उन्हें बेचा न जा सके और उन्हें सही तरीके़ से संरक्षित करना होगा.
अब तक, सभी कलाकृतियाँ मलबे से निकाली जा चुकी हैं, लेकिन हाल ही में कंपनी ने जहाज़ से मार्कोनी रेडियो उपकरण को बरामद करने की इच्छा ज़ाहिर की, जिससे विवाद पैदा हो गया.
इस उपकरण ने डूबने की रात टाइटैनिक के आपात संदेश को प्रसारित किया था.
कुछ लोगों को मानना है कि मलबा एक क़ब्र की जगह है उससे छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए.
टोमासिना कहती हैं, “’टाइटैनिक में ऐसी चीज़ें है जिसका हम सम्मान करना चाहते हैं. हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम यादों को सहेज रहे हैं, क्योंकि हर कोई टाइटैनिक तक नहीं जा सकता और हम उसे जनता के सामने लाना चाहते हैं.”
जल्द ही इस सीक्रेट गोदाम में चीज़ों को रखने के लिए और अधिक अलमारियों और कमरों की ज़रूरत पड़ सकती है.
हाल ही में कंपनी ने एक अभियान शुरू किया जिसका मक़सद मलबे की लाखों तस्वीरें खींचना है ताकि इसकी एक थ्रीडी तस्वीर बनाई जा सके.
साथ ही इस अभियान में मार्कोनी रेडियो रूम की मौजूदा हालत का सर्वे करना भी शामिल है. इसके अलावा टीम मलबे में उन चीज़ों की पहचान करना चाहती है, जिन्हें भविष्य में निकाला जा सके.
कौन जानता है कि इस अभियान में और कौन सी चीज़ मिलेगी और उसके पीछे की कहानी के बारे में और क्या पता चलेगा.
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