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'टाइटेनिक' जैसा हो सकता था इस जहाज़ का अंत
ये ख़ुशकिस्मती ही है जो इस जहाज़ का 'टाइटेनिक' जैसा दुखद अंत नहीं हुआ और इसे त्रासदी से बचाया जा सका.
नॉर्वे के समुद्र तट से दूर चले गए इस क्रूज़ शिप में सवार सैकड़ों लोगों को नाटकीय तरीके से बचाया गया और राहत की बात है कि आख़िरकार अब ये बंदरगाह की तरफ़ जा रहा है.
इस जहाज़ का नाम 'वाइकिंग स्काई' है. शनिवार को 'वाइकिंग स्काई' जब अचानक ही समुद्र तट से दूर ज़मीन की ओर जाने लगा तो इसने 'ख़तरे का सिग्नल' भेजा.
इसके बाद बचावकर्मियों ने कुल 1,373 लोगों में तक़रीबन 500 यात्रियों को एयरलिफ़्ट किया. इनमें से ज़्यादातर लोग बुजुर्ग थे और इस बचाव अभियान को बेहद ख़राब मौसम में अंजाम दिया गया.
फ़िलहाल जहाज़ का इंजन दोबारा चालू हो गया है और अब ये मोल्डा बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है.
अभी के लिए लोगों को एयरलिफ़्ट किया जाना रोक दिया गया है लेकिन बचावदल का कहना है कि अगर कैप्टन को इसकी ज़रूरत महसूस हुई तो वो इसे दोबारा भी शुरू कर सकते हैं.
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ये सब हुआ कैसे?
क्रूज़ शिप शनिवार की दोपहर ट्रोम्सो से स्टवैंगर के समुद्री रास्ते में था जब इसका इंजन फ़ेल हो गया. ये रास्ता काफ़ी ख़तरनाक है.
मछुआरे ज्यां एरिक फ़िस्करस्ट्रैंड सबसे पहले 'वाइकिंग स्काई' की मदद करने वाले लोगों में से एक थे. उन्होंने नॉर्वे के अख़बार 'ऑफ़्टनपॉस्टन' को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "अगर कुछ और मिनटों की देरी होती तो बहुत बड़ी गड़बड़ हो सकती थी. अगर उन्होंने इंजन को दोबारा शुरू न किया होता और जहाज़ के एंकर को कसा नहीं होता ये चट्टानों से टकरा सकता था. "
क्रूज़ शिप में सवार हज़ारों यात्रियों की जान पर आए ख़तरे को भांपते हुए बचाव के लिए कई जहाज़ और पांच हेलीकॉप्टर मंगाए गए लेकिन ख़राब मौसम की वजह से इन्हें वापस भेजना पड़ा.
ये तरक़ीब नाक़ामयाब होने के बाद अधिकारियों ने लोगों को जहाज़ में छोड़ने के बजाय उन्हें एयरलिफ़्ट करने का फ़ैसला किया. एयरलिफ़्ट किए गए लोगों में 20 को चोटें आई हैं. बताया जा रहा है कि जहाज़ में सफ़र कर रहे ज़्यादातर लोग ब्रितान और अमरीकी नागरिक हैं.
क्रूज़ के ऑपरेटर ने कहा कि 436 यात्री और चालक दल के 458 लोग अब भी जहाज़ में ही हैं.
'रात भर लुढ़कता रहा जहाज़'
दक्षिणी इंग्लैंड के डेरेक ब्राउन अपनी पत्नी एस्टर के साथ इस जहाज़ में सवार थे. उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "शुक्रवार की सारी रात ये जहाज़ 'लुढ़कता' रहा. इसके बाद शनिवार को इसका इंजन ही फ़ेल हो गया."
ब्राउन ने कहा कि सुरक्षित एयरलिफ़्ट हो पाना 'काफ़ी डरावे वाला अनुभव' था.
मैनचेस्टर के जॉर्ज डेविस ने एयरलिफ़्ट होने के लिए अपनी पत्नी बारबरा के साथ 10 घंटे तक इंतज़ार किया.
उन्होंने कहा, "ये बहुत ही डरावना वाक़या था. स्थानीय लोगों ने हमसे कहा कि वो ये जानकर हैरान रह गए कि उन्हें तूफ़ान आने की जानकारी थी और ऐसे में हमें बच निकलता देखकर वो हैरान थे.".
जहाज़ का वीडियो रोंगटे खड़े करने वाला
जहाज़ से मिले वीडियो में देखा जा सकता है कि ये क्रूज़ शिप बुरी तरह हिल रहा है और पूरे फ़्लोर पर फ़र्नीचर बिखर गया. लाइफ़ जैकेट पहने यात्रियों को एयरलिफ़्ट होने का इंतज़ार करते भी देखा जा सकता है.
बर्मिंघम की रहने वाले लारा अब भी जहाज़ में सवार हैं. उन्होंने कहा, "जहाज़ का चालक दल शानदार है. उन्होंने ऐसे हालात में भी यात्रियों को सुरक्षित रखा. उन्हें खिलाते-पिलाते रहे और उनका पूरा ध्यान रखा."
'वाइकिंग स्काई' स्वीडन की वाइकिंग ओशन क्रूज़ेज़ कंपनी का बनाया जहाज है. इसने साल 2017 में अपनी पहली समुद्री यात्रा पूरी की थी.
कंपनी ने अपने जारी किए एक बयान में कहा, "इस दौरान यात्रियों और चालकदल की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता थी."
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