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अभिजीत सावंत: इंडियन आइडल के पहले विनर को आप भूल तो नहीं गए
- Author, मधु पाल
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
ये साल 2004 था. भारतीय टेलीविज़न की दुनिया में सिंगिंग के रियालिटी टीवी शो इंडियन आइडल की शुरुआत हुई थी.
यह टीवी शो अमेरिकन आइडल के आधार पर बनाया गया था और इस शो के पहले सीजन के विजेता बने थे अभिजीत सावंत.
खांटी मुंबइया अभिजीत की आवाज़ उन दिनों में हर उस घर में पहुँची थी, जहाँ तक टीवी और इस शो की पहुँच थी.
उन्हें जिताने के लिए लोगों ने भरपूर मैसेज भेजे और उन्हें शो का विजेता बनाया. विजेता बनते ही उनके पहले एलबम 'मोहब्बतें लुटाऊँगा' को भी लोगों ने बेहद प्यार दिया.
उन्हें उनकी गायकी से ना केवल सिर्फ़ शोहरत मिली, बल्कि दूसरे रियालिटी शो नच बलिये में भी शामिल होने का मौक़ा मिला था. वही इंडियन आइडल आज कल कहाँ हैं, क्या कर रहे हैं और किस हाल में हैं?
कहाँ हैं अभिजीत और उनका परिवार
गायक अभिजीत सावंत इन दिनों मुंबई के गोरेगाँव इलाक़े में अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते हैं.
उन्होंने अपने सिंगिंग करियर को ही अपना सब कुछ बनाया है. उनकी पत्नी शिल्पा सावंत हैं, जो नच बलिये में अभिजीत के साथ हिस्सा ले चुकी हैं.
इन दिनों वे होमबेकर हैं और घर पर केक बनाती हैं. वहीं अभिजीत अपने यूट्यूब चैनल पर अपने नए गाने लॉन्च करते हैं.
इसके अलावा अभिजीत सावंत कई इंटरनेशनल इवेंट्स और कॉन्सर्ट में अलग-अलग देशों में लाइव शो परफॉर्म करते रहते हैं. उनका ख़ुद का रिकॉर्डिंग स्टूडियो भी है, जहाँ वो रियाज़ करते हैं और अपने गाने बनाते हैं.
गाने के अलावा अभिजीत सावंत लॉटरी फ़िल्म में अभिनय भी कर चुके हैं, तीस मार ख़ान में भी वे थोड़ी देर के लिए नज़र आए थे.
बीबीसी हिंदी से बात करते हुए अभिजीत सावंत कहते हैं, "मैं तो कभी-कभी ताज़्जुब हो जाता हूँ यह देख कर कि लोग आज भी उसी जोश से मिलते हैं."
वे आगे कहते हैं- बस एक फर्क़ हो गया है कि जब यंग लड़के-लड़कियाँ आते हैं और बोलते हैं कि मेरे मम्मी या पापा आपके फ़ैन थे या हैं तो वो एक चेंज आ गया है. पहले यंगस्टर्स मुझे बोलते थे कि हम आपके फैन हैं. वह एक उम्र के साथ बढ़ते जा रहा है. ख़ुशी इस बात की ज़्यादा है कि आज भी है वो देखकर बहुत ख़ुशी होती है."
गणेश उत्सव और नवरात्रि के पंडालों में गाते थे गाना
अभिजीत अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहते हैं, "उस समय मेरी उम्र 21 साल की रही होगी और मेरा पोस्ट ग्रेजुएशन चल रहा था और साथ ही साथ में म्यूज़िक भी सीख रहा था."
उन्होंने बताया, "तब म्यूजिक में करियर बनाना अपने आप में ही एक चैलेंज़ था. यह पता था कि इतना बड़ा मुकाम कभी नहीं हासिल नहीं हो सकता क्योंकि माता-पिता संगीत से जुड़े नहीं थे.मैं गणेश उत्सव पर या नवरात्रि पर उनके पंडालों में, छोटे-छोटे सोसाइटी के पंडाल में गाना गया करता था जिससे मेरी थोड़ी कमाई हो सके और मैं संगीत सीखने के लिए फीस भर सकूँ."
अभिजीत बताते हैं- मुझे आज भी याद है जब इंडियन आइडल का ऑडिशन मुंबई के दादर में हो रहे थे तब वहाँ बहुत कम लोग आए थे, सबको लग रहा था कि ये कैसा शो होगा, सिर्फ़ टाइम पास ही रहेगा इसलिए मेरे कुछ दोस्त लाइन में थोड़ी देर रहे और वो फिर वहाँ से निकल भी गए.
उन्होंने आगे बताया, "लेकिन मैं वहाँ रुका रहा और मेरा ऑडिशन हो गया. धीरे धीरे इस शो का प्रमोशन शुरू हुआ तब हमें भी पता चला कि ये तो बहुत बड़ा शो है. इस तरह पंडालों और छोटे स्टेज से निकल कर इंडियन आइडल के ज़रिए दुनिया भर के लोगों के सामने गाने का मौका मिला.”
कुछ इस तरह बदल गई ज़िंदगी
उन्होंने बताया कि इंडियन आइडल का पहला शो इतना लोकप्रिय हो गया है, इसका अंदाज़ा उन्हें ज़रा भी नहीं था.
अभिजीत बताते हैं, "जब मैं जीत कर घर आया, तो हमारे छोटे से बीएमसी क्वार्टर के बाहर हुजूम लगा हुआ था. ऐसा लगा जैसे कि भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया हो और कोई क्रिकेटर वहाँ आकर बैठा हो. लोग पूरे ढोल ताशे और बैंड के साथ आए थे.”
उन्होंने कहा- मेरे घर के बाहर ही एक छोटा सा ग्राउंड है तो उस ग्राउंड में भर गए थे लोग.और यह लोग सिर्फ़ कॉलोनी और सोसाइटी के नहीं थे. बाहर से भी आए थे. एक अलग ही माहौल था एक अलग ही क्रेज़ था.
अभिजीत ने बताया, "उस टाइम पर यह सोशल मीडिया वगैरह कुछ नहीं था. उस टाइम कोई एक्टर या एक्ट्रेस अप्रोचेबल नहीं होता था. तो बहुत ही प्यार मिलता था. उस वक़्त किसी को पता चले मैं अमुक जगह आने वाला हूँ, तो वहाँ एक अलग ही बात होती थी."
'रोज़ पढता हूँ कि मैं ग़ायब हो गया हूँ'
इंडियन आइडल का ख़िताब जितने के बाद ज़िंदगी कितनी आसान हुई?
इस सवाल पर अभिजीत सावंत कहते हैं, "अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ खान जी से अपनी तारीफ़ सुनने का अलग ही आनंद था. लोगों का प्यार और जीत की ख़ुशी के कुछ दिन बाद अपने आपको संभालना भी ज़रूरी था."
उन्होंने बताया- मैं इस इंडस्ट्री से था नहीं, इसलिए अपने सर पर घमंड चढ़ने नहीं दिया. लेकिन जैसे यह शो ख़त्म ही हुआ, उसके अगले ही दिन एक पत्रिका ने फ्रंट पेज पर छापा कि अभिजीत सावंत ने शो के साथ धांधली की है.
अभिजीत आगे बताते हैं, "ये पढ़ते ही मेरी ट्रेनिंग शुरू हुई कि इस इंडस्ट्री में कैसे काम करना है, कैसे निगेटिविटी से दूर रहना है. इसके बाद एक न्यूज़ आई, जो एक बहुत बड़े पेपर की थी, जिसकी हेडलाइन थी 'अभिजीत सावंत हुए घर से बेघर'. ऐसी ही एक ख़बर आई कि मुझे मुंबई नहीं दिल्ली की लड़कियाँ पसंद हैं."
उन्होंने बताया, "एक और अटपटी ख़बर थी मेरे बारे में. एक बार मैं मुंबई में किसी फ़ंक्शन में गया था और उस वक़्त मैं थोड़ा मोटा हो गया था थोड़ा ट्रैवलिंग की वजह से और मैंने टाइट शर्ट पहन रखी थी. तो मेरा वो टमी दिखने वाला प्रॉपर कट करके फोटो निकालकर उन्होंने लगाया था और कहा कि देखो इसको 'इसको कामयाबी हज़म नहीं हुई. आज भी रोज़ पढता हूँ कि मैं ग़ायब हो गया हूँ."
जब शो ख़त्म हुआ तब के अनुभव
अभिजीत अपने बुरे अनुभवों को याद करते हुए कहते हैं, "लोगों ने अपने अपने आकलन बना लिए थे क्योंकि इतना बड़ा शो ही हो गया था. जब आइडल का सफ़र चल रहा था तो हमारे साथ एक पीआर एजेंट होते थे, तब हमारे बारे अच्छे आर्टिकल छपते थे."
उन्होंने बताया कि जैसे ही शो ख़त्म हुई, वे लोग खुली दुनिया में आ गए और मीडिया भी अलग तरह से काम करने लगा.
उन्होंने कहा- मैंने अपने उस पीआर एजेंट को एक दिन फ़ोन किया, क्योंकि हमारी दोस्ती जैसी हो गई थी, लेकिन उसका व्यवहार भी बदल गया था. वे कहने लगे तुम इसको फ़ोन करो, उसको फ़ोन करो, ख़ुद ही देख लो टाइप. तब पता चला दुनिया ऐसे नहीं चलती जैसा आप सोचते हो. क्योंकि हम लोग बहुत छोटी फ़ैमिली से थे, हमारे लिए यहाँ जगह बना पाना बहुत मुश्किल था.
लेकिन अभिजीत सावंत ने अपनी जगह बनाई और आज भी उनके पास काम की कमी नहीं है.
वे राजनीति में भी सक्रिय हुए और शिवसेना से भी जुड़े. 2010 में उन्हें हिट एंड रन के एक मामले में हिरासत में लिया गया था, हालाँकि उन्होंने हादसे के समय किसी तरह के नशे में होने से इनकार किया था.
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