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बीमा भारती ने कहा- पूर्णिया से गठबंधन ने बनाया उन्हें उम्मीदवार, क्या बोले पप्पू यादव?
जनता दल यूनाइटेड छोड़कर हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुईं बीमा भारती ने दावा किया है कि पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है.
हालांकि राष्ट्रीय जनता दल की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने बीबीसी हिंदी के संवाददाता अभिनव गोयल से बीमा भारती के दावे की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि बीमा भारती को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है.
बीमा भारती 23 मार्च को नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को छोड़कर आरजेडी में शामिल हुई थीं. वे बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं.
बीमा भारती के इस एलान को पूर्व सांसद पप्पू यादव के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
हाल ही में पप्पू यादव ने अपनी जन अधिकार पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया था. वे उम्मीद लगा रहे हैं कि उन्हें पूर्णिया से इंडिया गठबंधन का उम्मीदवार बनाया जाएगा.
बीमा भारती ने कहा, "लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मुझ पर भरोसा जताते हुए पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी बनाए जाने के लिए राजद के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी, नेता प्रतिपक्ष व युवाओं के भविष्य श्री तेजस्वी यादव जी सहित महागठबंधन के सभी वरिष्ठ नेताओं का ह्रदय से आभार व धन्यवाद व्यक्त करती हूं."
"पूर्णियां के सभी प्रियजनों का भी आभार प्रकट करती हूं क्योंकि आपके स्नेह और आशीर्वाद की बदौलत ही महागठबंधन ने मुझे पूर्णियां से प्रत्याशी घोषित किया है. साथ ही मैं आप सभी संसदीय क्षेत्र की जनता जनार्दन को वचन देती हूं कि अगर आप सभी भाइयों और बहनों का प्यार और आशीर्वाद मिला तो पूर्णिया में निश्चित ही विकास की बयार बहेगी."
आरजेडी के एलान के बाद पप्पू यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "पूरी दुनिया एक तरफ़ हो जाएगी, तब भी हम पूर्णियां से अलग नहीं होंगे. और न ही दूर जाएंगे. मेरे लिए कांग्रेस की विचारधारा सर्वोपरि है. पूर्णियां की हर मां और बेटी मुझे बेटा या भाई मानती है. मैंने एक ही बार कह दिया है- दुनिया छोड़ देंगे, पूर्णिया नहीं छोड़ेंगे."
बिहार में अब तक इंडिया गठबंधन की सीटों का बंटवारा फ़ाइनल नहीं हुआ है.
बिहार कांग्रेस के प्रमुख अखिलेश सिंह कह चुके हैं कि अभी कुछ तय नहीं हुआ है और जब होगा तो वे स्वयं मीडिया को बता देंगे.
उधर, बीमा भारती ने टिकट मिलने से पहले अपने लिए ज़मीन तैयार करना शुरू कर दी थी.
उन्होंने एएनआई से बातचीत में पूर्णिया से उम्मीदवारी का दावा ठोक दिया था.
उन्होंने कहा था, "पूर्णियां की जनता बिलकुल तैयार है. जनता बेसब्री से इंतज़ार कर रही है कि कब हम मैदान में उतरेंगे. हम बिल्कुल तैयार हैं. हम बिलकुल लड़ेंगे."
पप्पू यादव का सियासी रुतबा
राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव की छवि कथित रॉबिनहुड वाली रही है. वे बिहार के कोसी-सीमांचल इलाक़े में अच्छी पकड़ रखते हैं.
यानी कोसी नदी के किनारे नेपाल और बांग्लादेश की सीमा के क़रीब बसे पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, किशनगंज और कटिहार के इलाक़े.
इनकी राजनीतिक ताक़त का अंदाज़ा इस बात से भी लगता है कि वो कई बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी विधानसभा से लेकर लोकसभा तक का चुनाव जीतने में सफल रहे हैं.
लालू प्रसाद यादव के काफ़ी क़रीबी रहने के कारण किसी ज़माने में पप्पू यादव को लालू के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर भी देखा जाने लगा था.
हालांकि बाद में लालू यादव और उनके बीच दूरी बनने लगी.
कई दलों का चक्कर लगाने वाले पप्पू यादव सियासत के मैदान में अकेले पड़ गए, जिसके बाद उन्होंने साल 2015 में अपनी अलग 'जन अधिकार पार्टी' (जेएपी) बनाई.
बुधवार 20 मार्च को पप्पू यादव ने आख़िरकार अपने दल जेएपी का विलय कांग्रेस में कर दिया.
विलय के वक्त माना जा रहा था कि सीटों की साझेदारी में कांग्रेस उनको पूर्णिया या सुपौल की सीट से उम्मीदवार बना सकती है.
लेकिन अब स्थिति उलझती नज़र आ रही है.
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