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मुंबई-हावड़ा मेल हादसे में दो लोगों की मौत, विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा
झारखंड के सरायकेला-खरसावां ज़िले में मंगलवार की सुबह मुंबई-हावड़ा मेल हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है और तकरीबन 20 लोग घायल हुए हैं.
ये हादसा बड़ाबंबू के नज़दीक तड़के पौने चार बजे हुआ.
घटनास्थल जमशेदपुर से 80 किलोमीटर दूर है और दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर डिविजन के तहत आता है.
दक्षिण-पूर्वी रेलवे (एसईआर) के अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि रेलवे ने इस दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.
हादसे वाली जगह पर पहुंचे पश्चिमी सिंहभूम के डिप्टी कमिश्नर कुलदीप चौधरी ने पीटीआई से कहा, "हावड़ा-मुंबई मेल के 18 डिब्बे पलटने से दो लोगों की मौत हुई है और 20 घायल हुए हैं. ये ट्रेन मालगाड़ी से टकराई थी."
एसईआर के सीनियर डीसीएम, चक्रधरपुर आदित्य कुमार चौधरी ने पीटीआई से कहा कि इस घटना की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है.
वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अधिकारियों को घायलों के लिए मदद पहुंचाने के आदेश दिए हैं.
आदित्य चौधरी ने ये भी बताया कि रेलवे ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार को 10-10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों के लिए पाँच-पाँच लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की मदद राशि देने का एलान किया है.
पूरा हो गया है बचाव कार्य
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बचावकार्य पूरा हो गया है.
रेलवे सीपीआरओ ने पीटीआई से कहा, "ट्रेन में सवार 80 फ़ीसदी यात्रियों को पहले ही चक्रधरपुर भेज दिया गया था. बाकी लोगों को विशेष ट्रेन के ज़रिए भेजा जा रहा है."
यात्रियों को दोपहर सवा बारह बजे के आसपास विशेष ट्रेन से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया.
विपक्ष का केंद्र पर निशाना
हादसे के बाद से ही विपक्षी पार्टियों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को निशाने पर लेना शुरू कर दिया.
झारखंड की सत्ताधारी जेएमएम ने केंद्र पर तंज़ करते हुए बीजेपी नेता बाबुलाल मरांडी को टैग करते हुए ट्वीट किया, "बाबूलाल मरांडी जी, इसमें हेमंत सोरेन जी या इंडिया का कोई हाथ नहीं है. इसके लिए ईडी-सीबीआई से फंसवा देने की कायर्तापूर्ण धमकी मत दीजिएगा. इसकी पूरी ज़िम्मेदारी आपके रेल मंत्री एवं केंद्र सरकार की है. रेल मंत्री को रील बनाने से मना कीजिए और रेल पर ध्यान दीजिए."
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मुंबई-हावड़ा मेल हादसे पर प्रतिक्रिया दी.
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "एक और घातक रेल दुर्घटना! मुंबई-हावड़ा मेल आज सुबह झारखंड के चक्रधरपुर मंडल में पटरी से उतर गई, जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं."
"मैं गंभीरता के साथ पूछना चाहती हूं कि ये कैसी शासन व्यवस्था है? लगभग हर हफ्ते बुरे सपनों का ये सिलसिला, रेल की पटरियों पर मौत और लोगों का घायल होना... इसे कब तक बर्दाश्त किया जाए? क्या भारत सरकार की इस बेरहमी का कोई अंत नहीं?!"
झारखंड के सरायकेला-खरसावां ज़िले में मंगलवार की सुबह मुंबई-हावड़ा मेल हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए हैं.
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी से बातचीत में इन मौतों की पुष्टि की. घायलों में एक की स्थिति गंभीर है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, "एक और रेल हादसा. लेकिन फेल मिनिस्टर की पीआर मशीन चालू है. जून और जुलाई 2024 में ही फेल मिनिस्टर ने तीन हादसे देखे हैं जिसमें कुल 17 भारतीयों की जान गई है और सैकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए हैं."
वहीं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट किया, "13 दिनों में 7 रेल दुर्घटनाएँ!नियमित होती रेल दुर्घटनाएँ बेहद चिंताजनक है. सरकार ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था के मूलभूत कदम भी नहीं उठा रही है. भारतीय रेलवे इतनी असुरक्षित हो चुकी है कि ट्रेनों पर चढ़ने से पहले यात्री प्रार्थना करते हैं कि यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा ना हो. रेल के डिब्बे आज चलते फिरते ताबूत बनकर रह गए हैं."
कई ट्रेनें डायवर्ट
हादसे की वजह से कुछ ट्रेनों को दूसरे रूट पर डायवर्ट भी किया गया है.
जिन ट्रेनों पर इस हादसे का असर हुआ है उनमें बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (19114), एर्नाकुलम-टाटानगर एक्सप्रेस (18190), हावड़ा-चक्रधरपुर एक्सप्रेस (18011), इटावरी-टाटानगर एक्सप्रेस (18110) शामिल हैं.
साउथ ईस्टर्न रेलवे ने यात्रियों के लिए हेल्पलाइन भी चालू कर दी है.मुंबई के लिए 022-22694040, भुसावल के लिए 08799982712, नागपुर के लिए 7757912790, टाटा के लिए 0657-2290324, चक्रधरपुर के लिए 06587-238072, राउरकेला के लिए 0661-2500244 और झारासुगदा के लिए 06645-272530 हेल्पलाइन नंबर हैं.
इसके साथ ही हावड़ा में 9433357920 और 033-26382217 नंबरों पर मदद मांगी जा सकती है.