राजकोट में सात वर्षीय बच्ची के साथ रेप और हिंसा का मामला

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- Author, गोपाल कटेशिया
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
(इस रिपोर्ट के कुछ विवरण पाठकों को विचलित कर सकते हैं)
राजकोट के जसदान तालुका में पुलिस में एक बच्ची के साथ रेप की शिकायत दर्ज की गई है.
आरोप है कि एक व्यक्ति ने राज्य के दाहोद ज़िले से खेत मज़दूर के रूप में काम करने आए एक दंपति की सात वर्षीय बेटी के साथ बलात्कार किया और उसके गुप्तांग में एक रॉड डाल दी.
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मध्य प्रदेश से रामसिंह दादवेजर नामक 35 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ़्तार कर जांच शुरू कर दी है.
एफ़आईआर के मुताबिक बलात्कार की घटना 4 दिसंबर, 2025 को हुई थी और ख़ून से लथपथ बच्ची को उसके परिवार ने इलाज के लिए राजकोट के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था.
बच्ची ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई और इसके बाद बच्ची के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत के आधार पर, राजकोट ग्रामीण पुलिस ने सोमवार को रामसिंह दादवेजर के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया.
अभियुक्त के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 (2) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 5 (i), 5 (m) और 6 (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 (2) के अनुसार, 12 वर्ष से कम आयु की बच्ची के साथ बलात्कार करने के अपराध में कम से कम 20 वर्ष के कठोर कारावास या आजीवन कारावास की सज़ा दी जा सकती है.
इसी तरह से पॉक्सो अधिनियम की धारा 5 (i) के तहत किसी बच्चे का यौन उत्पीड़न करने और उसके गुप्तांगों को चोट पहुंचाने के लिए, और धारा 5(m) के तहत बारह वर्ष से कम उम्र के बच्चे का बलात्कार करने के लिए, अपराधी को कम से कम 20 वर्ष के कारावास या आजीवन कारावास, यानी अंतिम सांस तक कारावास की सज़ा दी जा सकती है.
बाल यौन हिंसा की पूरी घटना क्या है?

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गुजरात के राजकोट ज़िले के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज एफ़आईआर के अनुसार, सर्वाइवर के माता-पिता और मामा का परिवार दाहोद ज़िले से राजकोट के एक गांव में खेती का काम करने आया था.
4 दिसंबर को सर्वाइवर के माता-पिता खेती का काम कर रहे थे.
एफ़आईआर के मुताबिक़, दोपहर में जब बच्ची घर के पास बगीचे में खेल रही थी, तब अभियुक्त सात वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर घर के पास एक पानी की टंकी के पीछे ले गया और उसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की.
मामले की जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी न्यूज़ गुजराती को बताया, "जब यौन संबंध बनाने का प्रयास विफल हो गया, तो अभियुक्त ग़ुस्सा हो गया और उसने बच्ची के गुप्तांग को चोट पहुंचाई. बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके गुप्तांग से खून बहने लगा. इसके बाद अभियुक्त वहां से भाग गया. कुछ समय बाद, बच्ची की चाची बच्चों को ढूंढते हुए उसके पास पहुंची और देखा कि बच्ची के गुप्तांग से खून निकल रहा है. सर्वाइवर ने अपने परिवार को हमले के बारे में बताया और परिवार उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गया."
पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "इलाज के लिए बच्ची को राजकोट अस्पताल लाने के बाद अस्पताल ने पुलिस को सूचना दी. इस मामले की जानकारी होने पर हमने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट तैयार करवाई. रिपोर्ट में मुख्य रूप से यह साबित हुआ कि बच्ची के साथ बलात्कार हुआ था. इसलिए, बच्ची के पिता द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने 8 तारीख़ को बलात्कार का मामला दर्ज किया."
पुलिस ने अभियुक्त के बारे में क्या बताया?

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राजकोट ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विजय सिंह गुर्जर ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि बच्ची के साथ बलात्कार के अभियुक्त की पहचान रामसिंह दादवेजर के रूप में हुई है.
पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?

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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियुक्त को मंगलवार को हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि सर्वाइवर को तस्वीरें दिखाकर अभियुक्त की पहचान की गई.
पुलिस अधीक्षक ने बीबीसी से कहा, "फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का दौरा किया है. हमने घटना के समय अभियुक्त और सर्वाइवर द्वारा पहने गए कपड़ों को भी जांच के लिए ज़ब्त कर लिया है और उन्हें फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भेज दिया है. घटना के समय अभियुक्त के मोबाइल फोन की लोकेशन भी घटनास्थल पर दिखाई दे रही है."
गुर्जर ने बताया कि सर्वाइवर की सेहत में सुधार होने के बाद बुधवार को उसे राजकोट के एक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
इस मामले में न तो अभियुक्त से और न ही उसके परिवार से संपर्क हो सका है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.















