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नज़दीकी मुक़ाबले में फिर चूकी राजस्थान की टीम, आरसीबी के हेज़लवुड ने आख़िरी ओवर में किया कमाल
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आरसीबी का आईपीएल के इस सीज़न में घर में हार का सिलसिला आख़िरकार थम गया. उन्होंने इस मैच में राजस्थान रॉयल्स को 11 रनों से हरा दिया.
आरसीबी की जीत के हीरो जॉश हेज़लवुड रहे. उन्होंने19वें ओवर में अपने गेंदबाज़ी के कमाल से मैच को पूरी तरह से आरसीबी की तरफ़ मोड़ दिया.
आरसीबी ने अपने घरेलू चिन्नास्वामी मैदान पर तीन हारों के बाद यह विजय प्राप्त की है. वहीं उनका घर से बाहर जीत का रिकॉर्ड शत-प्रतिशत बना हुआ है, क्योंकि उन्होंने घर के बाहर खेले सभी पांच मैच जीते हैं.
इस जीत के बाद आरसीबी की टीम 12 अंकों के साथ मुंबई इंडियंस को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर आ गई है. पहले दो स्थानों पर मौजूद गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स के भी 12-12 अंक ही हैं.
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गुरुवार को हुए मैच में आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करके पांच विकेट पर 205 रन बनाए.
वहीं राजस्थान रॉयल्स की टीम आख़िरी ओवरों में लड़खड़ाहट दिखाने के सिलसिले से यहां भी नहीं उबर सकी और नौ विकेट पर 194 रन ही बना सकी.
हेज़लवुड के आखिरी ओवर में बदला खेल
राजस्थान रॉयल्स को आख़िरी तीन ओवरों में जीत के लिए 40 रन बनाने थे. पिच पर थे ध्रुव जुरेल और शुभम दुबे.
इन दोनों के खेलने के अंदाज से लग रहा था कि राजस्थान रॉयल्स की टीम आख़िरी तीन मैचों में जीत की दहलीज पर पहुंचकर भी जीत न पा सकने के सिलसिले को यहां तोड़ने में सफल हो जाएगी.
इस जोड़ी ने भुवनेश्वर कुमार के18वें ओवर में दो छक्कों और दो चौकों की मदद से 22 रन बनाकर राजस्थान को जीत के काफ़ी क़रीब पहुंचा दिया.
लेकिन पारी के19वें ओवर में हेज़लवुड ने जुरेल और जोफ्रा आर्चर के विकेट निकाले और मैच का रुख़ आरसीबी की ओर मोड़ दिया.
जुरेल का आउट होना काफी दिलचस्प रहा. हेज़लवुड ने 19वें ओवर की तीसरी गेंद वाइड लाइन यॉर्कर फेंकी और वह बल्ले के पिछले हिस्से से छूकर विकेटकीपर जितेश शर्मा के हाथों में समा गई.
अंपायर ने नाट आउट दिया जिस पर रेफ़रल लिया गया और जुरेल आउट हो गए. उनकी 47 रन की पारी एक बार फिर जीत नहीं दिला सकी.
हेज़लवुड ने शुरुआत में ख़तरनाक दिख रहे जायसवाल का विकेट निकाला और आख़िर में वह चार ओवरों में 33 रन देकर चार विकेट निकालने में सफल रहे.
इस प्रदर्शन पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
हेज़लवुड ने मैच के बाद कहा, "मैं अपनी ताक़त पर टिके रहना चाहता था. मैं जानता था कि हार्ड लेंथ खेलना काफ़ी मुश्किल होता है और इसके साथ मैंने लगातार गति में बदलाव भी किया."
कोहली की विराट पारी
विराट कोहली इस सीज़न में लगातार शानदार प्रदर्शन करके आरसीबी के विजय अभियान में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
उन्होंने इस सीज़न का पांचवां अर्धशतक जमाकर टीम के स्कोर को 205 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
विराट और फिल साल्ट दोनों को शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की तूफानी गेंदबाजी को खेलने में थोड़ी दिक्कत हुई. वह लगातार 145 से लेकर 150 किमी. की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे रहे थे.
गेंद विकेट से थोड़ी रुक कर आ रही थी और उछाल भी मिल रहा था, इस स्थिति में विराट ने पहले अपनी आंखें टिकाई और फिर खुलकर अपने हाथ दिखाए. विराट ने 42 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 70 रन की पारी खेली.
विराट इस पारी के दौरान चिन्नास्वामी मैदान पर 3500 रनों का रिकॉर्ड पार करने में सफल हो गए.
विराट को इस पारी के दौरान फिल साल्ट का भी अच्छा साथ मिला और यह जोड़ी पॉवरप्ले में बिना विकेट खोए 59 रन बनाने में सफल हो गई.
पडिक्कल ने भी विराट का अच्छा साथ दिया. उन्होंने दूसरे विकेट की साझेदारी में 95 रन जोड़े और इसमें पडिक्कल ने अर्धशतक का योगदान किया.
क्रुणाल ने लगाई लगाम
यशस्वी जायसवाल के विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाज़ी करने से राजस्थान रॉयल्स की टीम अपनी रन गति को बनाए रखने में क़ामयाब रही.
उन्होंने नौ ओवरों में दो विकेट पर 110 रन बनाकर आवश्यक रन गति को नौ तक ला दिया था और इस रन गति को चिन्नास्वामी के छोटे मैदान पर पाना ज़्यादा मुश्किल नहीं लग रहा था.
इसके बाद कप्तान रियान पराग और नीतिश राणा ने भी आक्रामक रुख़ जारी रखा.
इस स्थिति में दसवें ओवर में क्रुणाल पांड्या को गेंदबाज़ी के लिए लाया गया. वह पहली ही गेंद पर रियान पराग को कैच कराकर तगड़ा झटका देने में सफल हो गए.
विराट कोहली ने कप्तान रजत पाटीदार से 13 ओवर के बाद गेंद बदलने की इशारे से सलाह दी और नई गेंद आते ही 14वां ओवर फेंकने के लिए क्रुणाल को लगाया गया.
उन्होंने नीतीश राणा को शॉर्ट फ़ाइन लेग पर खड़े भुवनेश्वर के हाथों लपकवा दिया. क्रुणाल पांड्या ने चार ओवरों में 31 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट निकाले.
सही मायनों में राजस्थान रॉयल्स की रन गति को बीच के ओवरों में स्पिनरों ने थामने का काम किया. टीम के दूसरे स्पिनर सुयश ने भले ही विकेट नहीं लिया पर चार ओवरों में सिर्फ़ 31 रन दिए.
सूर्यवंशी की प्रतिभा फिर दिखी
आईपीएल में भाग लेने वाले अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी पहले मैच की तरह प्रदर्शन करने में सफल नहीं रहे.
लेकिन उन्होंने अपनी छोटी पारी में भी ये दिखा कि उनमें प्रतिभा कूट कूटकर भरी है.
पहले मैच में शार्दुल ठाकुर और आवेश ख़ान पर छक्का लगाने वाले सूर्यवंशी ने भुवनेश्वर पर दो छक्के लगाकर सभी का मन मोह लिया.
पर वह भुवनेश्वर के अनुभव से मात खा गए. भुवी ने दूसरा छक्का खाने के बाद उन्हें बोल्ड कर दिया.
सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर दो छक्कों की मदद से 16 रन बनाए.
रॉयल्स का अभियान उतरा पटरी से
रॉजस्थान रॉयल्स ने तीन मैचों में जीत की दहलीज पर पहुंचने के बाद हार पाकर अपनी स्थिति बहुत ख़राब कर ली है.
एक टीम की आखिरी जोड़ी 10-15 रन आख़िरी ओवर में बनाने का असफल प्रयास करे तो बात समझ में आती है.
पर चार-पांच विकेट हाथ में होने पर भी इस तरह के लक्ष्य नहीं प्राप्त कर पाना दर्शाता है कि टीम कहीं ना कहीं रणनीति के मामले में मार खा रही है.
राजस्थान ने अब तक खेले नौ मैचों में चार अंक बनाए हैं और वह अब बाकी सभी पांच मैच जीत भी जाए तो भी 14 अंकों तक ही पहुंच सकती है और तब भी उसका प्लेऑफ में जाना पक्का नहीं होगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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