बीबीसी ने अपने इंडिया ऑपरेशन के पुनर्गठन की घोषणा की

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- Author, जेम्स ग्रेगोरी
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
भारत में विदेशी निवेश से जुड़े नियमों के पालन के लिए बीबीसी अपने इंडिया ऑपरेशन का पुनर्गठन कर रहा है.
बीबीसी के चार कर्मचारी कंपनी छोड़कर, एक पूरी तरह से भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी 'कलेक्टिव न्यूज़रूम' का गठन करेंगे जिसके तहत बीबीसी की छह भारतीय भाषा सेवाओं का संचालन किया जाएगा.
भारत में बीबीसी का अंग्रेज़ी भाषा से संबंधित कामकाज बीबीसी के साथ ही बना रहेगा.
ये फ़ैसला इस साल हुई उस जांच के बाद लिया गया है जिसमें कर अधिकारियों ने बीबीसी के दिल्ली और मुंबई के स्थित दफ़्तरों में जाँच पड़ताल की थी.
संशोधित नियमों के तहत भारत में काम करने वाली डिज़िटल न्यूज़ कंपनियों के लिए विदेशी फंडिंग की अधिकतम सीमा 26 फ़ीसदी निर्धारित है.

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इस बदलाव का प्रभावी रूप से यही मतलब है कि भारत में डिजिटल न्यूज़ कंटेंट पब्लिश करने वाली किसी भी कंपनी में विदेशी निवेशक की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती.
बीबीसी इंडिया की मौजूदा प्रमुख रूपा झा, मुकेश शर्मा, संजॉय मजूमदार और सारा हसन कलेक्टिव न्यूज़रूम का नेतृत्व करेंगे.
बीबीसी गुजराती, बीबीसी हिंदी, बीबीसी मराठी, बीबीसी पंजाबी, बीबीसी तमिल, बीबीसी तेलुगू और अंग्रेज़ी भाषा में बीबीसी इंडिया यूट्यूब चैनल के लिए काम कर रहा स्टाफ़ अब नई कंपनी के लिए काम करेगा.
रूपा झा ने कहा, "हम भारत में दर्शकों को आश्वस्त करते हैं कि बीबीसी और कलेक्टिव न्यूज़रूम के बीच समझौते के तहत बीबीसी की भारतीय भाषा सेवाएं, गुणवत्तापूर्ण आउटपुट की अनूठी रेंज के माध्यम से दर्शकों को सूचना, शिक्षा और मनोरंजन मुहैया कराएंगी."
टैक्स अधिकारियों की जाँच पड़ताल के बाद ये सवाल उठे थे कि बीबीसी मीडिया सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी पूँजी निवेश के मामले में क़ानून में हाल में हुए संशोधन के अनुकूल है या नहीं.
ब्रिटेन में इस वर्ष की शुरुआत में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में एक डॉक्यूमेंट्री दिखाए जाने के बाद इस 14 फ़रवरी को टैक्स अधिकारियों ने तीन दिनों तक बीबीसी के दफ़्तरों में जाँच पड़ताल की थी.
उस समय भारत सरकार ने कहा था कि इस जाँच का डॉक्यूमेंट्री के साथ कोई लेना-देना नहीं है.
भारत में इस समय बीबीसी के 300 से अधिक कर्मचारी हैं. बीबीसी ने पहली बार वर्ष 1940 में हिंदी प्रसारण शुरू किया था.
बीबीसी न्यूज़ के डिप्टी सीईओ जोनाथन मुनरो ने कहा है कि बीबीसी की भारत में मौजूदगी का एक समृद्ध इतिहास रहा है जो कलेक्टिव न्यूज़रूम के गठन के बाद जारी रहेगा.
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