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जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति को अयोध्या में राम मंदिर परिसर के भीतर कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने की कोशिश के बाद हिरासत में लिया गया है.
चंदन कुमार जजवाड़े, सुमंत सिंह
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जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति को अयोध्या में राम मंदिर परिसर के भीतर कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने की कोशिश के बाद हिरासत में लिया गया है.
अधिकारियों के मुताबिक़, हिरासत में लिया गया व्यक्ति राम मंदिर परिसर में कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने की कोशिश कर रहा था. जब उसे रोका गया तो "उसने नारे लगाए, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई."
एसपी सुरक्षा बलरामचारी दुबे के मुताबिक़, "व्यक्ति की पहचान कश्मीर के शोपियां ज़िले के निवासी अहमद शेख़ के रूप में हुई है."
सूत्रों के मुताबिक़, 55 वर्षीय अहमद शेख़ शुक्रवार को हाई सिक्योरिटी वाले मंदिर परिसर में दाख़िल हुए थे और दर्शन करने के बाद कथित तौर पर सीता रसोई के पास बैठ गए, जहां वह कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने की तैयारी कर रहे थे.
सुरक्षा कर्मियों ने उनकी गतिविधियों पर ध्यान दिया और तुरंत हस्तक्षेप किया. मंदिर की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में पूछताछ के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया.
नाम न सार्वजनिक करने की शर्त पर एक पुलिसकर्मी ने बताया कि अहमद शेख़ के परिवार का कहना है कि वह मानसिक रूप से बीमार हैं. परिवार ने अपने दावे के समर्थन में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग के मेडिकल रिकॉर्ड भी साझा किए हैं.
पुलिस ने बताया कि जांच और ख़ुफ़िया एजेंसियां अहमद शेख़ के इरादे का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ कर रही हैं. अधिकारी उनकी यात्रा से जुड़े विवरणों की भी जांच कर रहे हैं.
शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को उनके पास काजू और किशमिश जैसी चीज़ें मिलने की बात कही गई है. शेख़ ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह अजमेर जा रहे थे.
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और ख़ुफ़िया एजेंसियां राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रही हैं. ज़िला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने अब तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

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उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक दलित युवती के अपहरण और उसकी माँ की हत्या के मामले में पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया है.
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा ने शनिवार को बताया, "पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ़्तार किया है और अपहृता को बरामद कर लिया है. इसके आगे जो भी विधिक कार्रवाई है, वह की जाएगी."
गुरुवार को सरधना थाना क्षेत्र अंतर्गत दलित युवती के अपहरण और उसकी माँ की हत्या के बाद इलाक़े में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी. हालात को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था.
शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताडा ने कहा कि जो भी व्यक्ति क़ानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास करेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक़, इस मामले में पुलिस की ओर से तत्काल मुक़दमा दर्ज किया गया. साथ ही अभियुक्त की गिरफ़्तारी और अपहृता की बरामदगी के लिए दस से अधिक टीमें लगाई गई थीं.

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केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को कहा कि मलयालम भाषा विधेयक, 2025 को लेकर जताई गईं आशंकाएं तथ्यों को नहीं दर्शाती हैं.
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर यह बात कही है.
उन्होंने कहा, "इस विधेयक में भाषाई अल्पसंख्यकों, खासतौर पर कन्नड़ और तमिल भाषी समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट नॉन-ऑब्स्टैंटे क्लॉज़ (क्लॉज़ 7) शामिल है. विधेयक के मुख्य प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी भाषा को थोपा नहीं जाएगा और भाषाई स्वतंत्रता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी."
नॉन-ऑब्स्टैंटे क्लॉज़, एक ऐसा क़ानूनी प्रावधान है जो किसी अन्य क़ानून से विवाद या विरोधाभास की स्थिति में नॉन-ऑब्स्टैंटे क्लॉज़ वाले क़ानून को प्राथमिकता देता है.
इससे एक दिन पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पिनाराई विजयन को पत्र लिखकर इस विधेयक पर गंभीर चिंता जताई थी.
सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कहा था कि अगर यह विधेयक पारित होता है तो कर्नाटक, भाषाई अल्पसंख्यकों और देश की बहुलतावादी भावना की रक्षा के लिए मौजूद हर संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करेगा और इसका विरोध करेगा.
इस विधेयक को अभी केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर की मंज़ूरी मिलना बाकी है. कर्नाटक बॉर्डर एरियाज़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (केबीएडीए) ने उनसे इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है.
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केरल से इस विधेयक को वापस लेने की अपील की है.

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मलयालम भाषा विधेयक पर क्या है विवाद?
केरल मलयालम भाषा विधेयक, 2025 पिछले साल अक्तूबर में विधानसभा में पारित किया गया था. इस विधेयक को विषय समिति के पास भेजा गया था, जिसने तीन दिन बाद इसे मंज़ूरी दे दी थी.
यह विधेयक केरल के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 10वीं कक्षा तक मलयालम को अनिवार्य पहली भाषा बनाता है.
इस विधेयक को अभी केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर की मंज़ूरी मिलना बाकी है.
5 अक्तूबर को केरल विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए कानून मंत्री पी राजीव ने कहा था कि यह विधेयक भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना चाहता है, जिसमें वे नागरिक भी शामिल हैं जो तमिल, कन्नड़, तुलु और कोंकणी को अपनी मातृभाषा मानते हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इस विधेयक में मलयालम को राज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया गया. इसके साथ ही सरकारी सेवाओं और न्यायपालिका समेत अन्य क्षेत्रों में मलयालम भाषा के इस्तेमाल का प्रावधान है.
विधेयक में मलयालम भाषा विकास प्राधिकरण की स्थापना की बात भी कही गई है. इसके अलावा, केरल में बेचे जाने वाले या वहां बनने वाले सभी उत्पादों पर मलयालम भाषा में लेबल होना भी ज़रूरी होगा.

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पाकिस्तानी सेना के इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) विभाग ने दावा किया है कि नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में एक व्यापक अभ्यास के दौरान सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया है.
बीबीसी उर्दू सेवा के मुताबिक़, आईएसपीआर ने अपने बयान में कहा कि वर्टिकल लॉन्चिंग सिस्टम से दागी गई एलवाई-80(एन) मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किया.
हालांकि, अभी इस मिसाइल की मारक क्षमता को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
बयान में कहा गया कि अभ्यास के दौरान मानवरहित विमान का भी सफल परीक्षण किया गया. पाकिस्तानी सेना ने इसे स्वायत्त नौसैनिक तकनीक में एक महत्वपूर्ण प्रगति बताया है.

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पश्चिम बंगाल में सलाहकार फ़र्म आई-पैक पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के तलाशी अभियान के मुद्दे पर राज्य सरकार के साथ शुरू हुआ टकराव अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.
कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई स्थगित होने के बाद केंद्रीय एजेंसी ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.
दूसरी ओर, ईडी के सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने भी आज (शनिवार) ही शीर्ष अदालत में एक कैविएट दायर की है.
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईडी के सुप्रीम कोर्ट में जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले ही वहां एक कैविएट दायर की थी.
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में राज्य सरकार पर उसकी जांच और तलाशी अभियान में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है. उसने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग की है.
ईडी की दलील है कि कोई भी राज्य सरकार उसके कामकाज में बाधा नहीं पहुंचा सकती. ऐसे में उसे निष्पक्ष तरीक़े से काम करने की अनुमति दी जाए.
केंद्रीय जाँच एजेंसी ने अपनी याचिका में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.
दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से दायर कैविएट में कहा गया है कि ईडी की ओर से दायर किसी याचिका पर कोई फ़ैसला सुनाने से पहले उसका भी पक्ष सुना जाए.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में ईडी ने बृहस्पतिवार को राजनीतिक सलाहकार फ़र्म आई-पैक के दफ़्तर और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर तलाशी अभियान चलाया था. लेकिन इसकी सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले जैन के घर पहुंचीं और फिर आई-पैक के दफ़्तर गईं.
ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करते हुए मौक़े से कई अहम दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन अपने साथ ले गईं.
उसके बाद ईडी और तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर कलकत्ता हाई कोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर की थी. उन पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी. लेकिन अदालत कक्ष में भारी भीड़ और हंगामे के कारण जस्टिस शुभ्रा घोष ने इन पर सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी.
इसके बाद ईडी ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल से इस मामले को किसी और बेंच के समक्ष भेजने का लिखित अनुरोध किया था. लेकिन ईडी के इस अनुरोध को ख़ारिज कर दिया गया.
इसके बाद ही शनिवार को उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
इससे पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि जांच के बहाने ईडी तृणमूल कांग्रेस की गोपनीय रणनीति से संबंधित दस्तावेज़ पर क़ब्ज़ा करने का प्रयास कर रही है.

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वीमेन्स प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के दूसरे मैच में गुजरात जायंट्स ने यूपी वॉरियर्स को 10 रन से हरा दिया है.
इस मैच में यूपी वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी थी और गुजरात जायंट्स को बल्लेबाज़ी के लिए आमंत्रित किया था.
गुजरात जायंट्स ने निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट खोकर 207 रन बनाए. कप्तान एशली गार्डनर ने सबसे अधिक 65 रन बनाए, जबकि अनुष्का शर्मा ने 44 रन की पारी खेली.
वहीं सोफ़ी डिवाइन ने 38 और जिओर्जिया वेरहम ने 27 रन की तूफ़ानी पारी की बदौलत गुजरात जायंट्स ने यूपी वॉरियर्स को 208 रन का टारगेट दिया.
इसके जवाब में यूपी वॉरियर्स की टीम 20 ओवरों में 197 रन ही बना पाई. इस दौरान उसने अपने आठ विकेट गँवाए.
यूपी वॉरियर्स की ओर से फीबी लिचफ़ील्ड के अलावा कोई भी बल्लेबाज़ असरदार पारी नहीं खेल पाया. उन्होंने 78 रन की तेज़-तर्रार पारी खेली.
गुजरात जायंट्स की ओर से गेंदबाज़ी में रेणुका सिंह, सोफ़ी डिवाइन और जिओर्जिया वेरहम ने दो-दो विकेट झटके.

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के 'हिजाब पहनने वाली बेटी के प्रधानमंत्री बनने' वाले बयान पर हिन्दू संगठन और राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
ओवैसी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक रैली के दौरान कहा था, "पाकिस्तान के संविधान में लिखा हुआ है कि सिर्फ़ एक ही मज़हब का आदमी पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बन सकता है. लेकिन बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान कहता है कि कोई भी भारत का नागरिक वज़ीर-ए-आज़म (प्रधानमंत्री), मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है."
वह आगे कहते हैं, "असदुद्दीन ओवैसी का ख़्वाब है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की वज़ीर-ए-आज़म बनेगी."
ओवैसी के इस बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 'भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिन्दू व्यक्ति ही होगा.'
सीएम हिमंत ने कहा, "संवैधानिक तौर पर कोई रोक नहीं है. कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है. लेकिन भारत एक हिन्दू राष्ट्र है, हिन्दू सभ्यता है और हमें पूरा भरोसा है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिन्दू व्यक्ति ही होगा."
वहीं, कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने ओवैसी के बयान पर इसे 'दिन में तारे देखने जैसी बात' कही.
उन्होंने कहा, "आप (ओवैसी) क्यों ऐसी बातें कह रहे हैं जो मुमकिन ही नहीं दिखाई देती. लोकतंत्र के अंदर सबको अधिकार है. हिजाब पहनना या न पहनना, व्यक्तिगत मामला है."
विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे 'कट्टरपंथी महिला विरोधी मानसिकता' बताया.
उन्होंने कहा, "हमारे यहां महिला पहले ही प्रधानमंत्री रही हैं और आगे भी बनेंगी. नारी के प्रधानमंत्री बनने की बात करते तो वह समझ में आता, लेकिन जिस तरह से वह बुर्का या हिजाब पहनने वाली महिला को प्रधानमंत्री बनाने के स्वप्न देख रहे हैं, वह नहीं होने वाला."

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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सिरीज़ का आग़ाज़ रविवार, 11 जनवरी को होने जा रहा है. इससे पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने तैयारियों को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
पहला वनडे मैच वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में खेला जाएगा.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से जारी एक वीडियो में शुभमन गिल स्टेडियम की तारीफ़ करते दिख रहे हैं.
वह कहते हैं, "मैं बहुत ही एक्साइटेड हूं. वनडे कप्तान के तौर पर यह भारत में मेरी पहली सिरीज़ है. मैं बहुत एक्साइटेड हूं और चुनौतियों के लिए तैयार हूं."
शुभमन गिल ने टीम के अन्य सदस्यों की तैयारियों को लेकर कहा, "मुझे लगता है कि सभी तैयार होकर आए हैं. सभी ने घरेलू क्रिकेट खेला है, तो अच्छे टच में हैं और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेलने के लिए एक्साइटेड हैं."
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच पहला वनडे मैच 11 जनवरी, दूसरा 14 जनवरी और तीसरा 18 जनवरी को खेला जाएगा.
इसके बाद दोनों देशों के बीच पाँच मैचों की टी20 सिरीज़ भी खेली जाएगी, जिसकी शुरुआत 21 जनवरी को नागपुर से होगी.

वेनेज़ुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है. इतना तेल एक देश को दुनिया के अमीर देशों की कतार में पहुंचा सकता है.
मगर वहां की 90 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी ग़रीबी में जी रही है.
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आख़िर मादुरो के ख़िलाफ़ की गई इस कार्रवाई के पीछे असल मंशा क्या थी?
इस तरह की कार्रवाई से दुनिया के अन्य प्रभावशाली देश किस तरह के संकेत ले सकते हैं? और भारत के लिए इस घटनाक्रम के क्या मायने हैं?
द लेंस के इस एपिसोड में इन सभी सवालों पर चर्चा हुई. देखिए पूरा शो.

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है.
अखिलेश यादव ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही थी तब किसी भी राजनीतिक दल ने इसका विरोध नहीं किया. उन्होंने कहा कि राज्य में तीन करोड़ वोट कटने की आशंका थी और वैसा ही हुआ.
उन्होंने दावा किया, "जब ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट नहीं आई थी, उसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनके लगभग चार करोड़ वोट कटने जा रहे हैं. जिस समय किसी को जानकारी नहीं थी कि कितने वोट काटे जाएंगे, उस समय मुख्यमंत्री जी ने अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच ये कहा कि चार करोड़ वोट कटने जा रहे हैं, ये वोट बीजेपी के हैं."
अखिलेश यादव ने बीजेपी के एक अन्य नेता के कथित बयान का भी ज़िक्र किया. उन्होंने दावा किया, "कन्नौज के पूर्व सांसद ने कहा कि अभी तो एक ज़िले में तीन लाख वोट कटे हैं, अलग-अलग ज़िले में दो विधानसभाएं हैं वहां भी हम लोग वोट काटेंगे."
इन कथित बयानों का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने सवाल किया, "अगर बीजेपी के नेता, पूर्व सांसद और मुख्यमंत्री ये बात कहें तो ये सवाल उठता है कि निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता क्या है?"
उन्होंने कहा कि पुरानी मतदाता सूची और एसआईआर के बाद की ड्राफ़्ट मतदाता सूची में जो 'अंतर नज़र आ रहा है, उससे लगता है कि कोई न कोई षड्यंत्र चल रहा है.'
उत्तर प्रदेश में एसआईआर के बाद 6 जनवरी को निर्वाचन आयोग ने ड्राफ़्ट मतदाता सूची जारी की थी. इस सूची में राज्य के 12 करोड़ 55 लाख से अधिक मतदाता दर्ज किए गए हैं. यह संख्या पिछली मतदाता सूची के मुक़ाबले क़रीब 2 करोड़ 89 लाख कम है.
निर्वाचन आयोग के मुताबिक़, इनमें 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं, जबकि 2.17 करोड़ मतदाता स्थानांतरित हो चुके हैं या तो स्थायी रूप से कहीं और जा चुके हैं. कटे हुए नामों में 25.47 लाख नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, ओडिशा के वाणिज्य और परिवहन मंत्री बी.बी. जेना ने बताया है कि शनिवार को राउरकेला के पास एक निजी एयरलाइन के छोटे विमान की क्रैश लैंडिंग में कम से कम छह लोग घायल हुए हैं.
मंत्री के मुताबिक़, इन लोगों को मामूली चोटें आईं और उनकी हालत स्थिर है. उन्होंने बताया कि यह विमान ए-1 श्रेणी का नौ-सीटर विमान है.
पीटीआई के मुताबिक़, विमान में छह यात्री सवार थे. यह घटना राउरकेला से 10 किलोमीटर दूर जलदा इलाक़े की है.
बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निदेशक प्रसन्न प्रधान ने कहा, "यह विमान भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा था. राउरकेला से 10 किलोमीटर पहले इसकी क्रैश लैंडिंग हुई. विमान में चार यात्री और दो क्रू सदस्य थे. सभी सुरक्षित हैं."

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के नेता जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार के लिए 'भारत रत्न' की मांग की है.
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "भारत रत्न नीतीश कुमार जी.. ये शब्द सुनने में कितना अच्छा लगेगा ना. हमें पूर्ण विश्वास है कि अपने फ़ैसले से सबको चौंका देने वाले माननीय प्रधानमंत्री जी बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को भारत रत्न से नवाज़े जाने का फ़ैसला कर एक बार फिर से सबको चौकाएंगे."
नीतीश कुमार फ़िलहाल बिहार के मुख्यमंत्री हैं. 20 नवंबर को उन्होंने दसवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
जीतन राम मांझी भी नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में थे और वो साल 2014-15 में क़रीब 6 महीने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री भी थे.

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सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ ने ईरान के झंडे पर प्रतीक चिह्न को बदलकर 'शेर और सूरज' कर दिया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, एक्स में एक फ़्री सॉफ्टवेयर एक्टिविस्ट रूज़बेह पोरनाडर ने इसके बारे में बताते हुए लिखा कि यह बदलाव एन्ड्रॉयड और आईफ़ोन एप्स में नहीं दिखेगा, जो गूगल और एपल इमोजी का इस्तेमाल करते हैं.
एक्स पर इमोजी में जाकर अगर आप ईरान टाइप करेंगे तो अब आपको इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के निशान की जगह ‘शेर और सूरज’ के प्रतीक वाला इमोजी दिखेगा.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, इसके बारे में उस वक़्त पता चला जब इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के कुछ अधिकारियों और संस्थानों ने, जिन्होंने एक्स-नेटवर्क पर अपनी इमेज के साथ इस्लामिक रिपब्लिक के प्रतीक वाले झंडे का इस्तेमाल किया था, उनके प्रतीक को बदलकर शेर और सूरज कर दिया गया.
इसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अकाउंट से इमेज के बगल से झंडा हटा दिया गया है.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक पत्रकार ने सवाल किया, लगता है कि वो (राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की) चाहते हैं कि आप रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पकड़ लें. क्या आप कभी ऐसे किसी मिशन का आदेश देंगे?
इस सवाल पर ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसकी ज़रूरत पड़ेगी. मेरे उनके साथ (पुतिन के साथ) हमेशा बहुत अच्छे रिश्ते रहे हैं. लेकिन मैं बहुत निराश हूँ.”
“मैंने आठ युद्ध रुकवाए हैं. यह (रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाना) आसान लग रहा था. इसमें हज़ारों लोग मारे गए हैं. इनमें से कई रूसी हैं. रूस की अर्थव्यवस्था भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है.”
पिछले हफ़्ते वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास पर अमेरिका ने हमला कर देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को 'पकड़' लिया था. इसकी जानकारी ख़ुद राष्ट्रपति ट्रंप ने दी थी.
इस ऑपरेशन के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका लाया गया.
इस मामले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने किसी नेता का नाम लिए बग़ैर कहा था, अगर तानाशाहों के साथ ऐसा करना मुमकिन है, तो इसका मतलब है कि अमेरिका को पता है कि आगे क्या करना है."

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पाकिस्तान सरकार ने ईरान के हालात को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है, “जब तक ईरान के हालात में सुधार नहीं हो जाता पाकिस्तान के लोगों को सुरक्षा के लिहाज से वहाँ की सभी ग़ैरज़रूरी यात्रा टालने की सलाह दी जाती है.”
इसमें कहा गया है, “पाकिस्तान के जो लोग इस वक़्त ईरान में हैं, वो पूरी सावधानी बरतें, चौकन्ना रहें, ग़ैरज़रूरी यात्रा न करें और लगातार पाकिस्तानी मिशन के संपर्क में रहें.”
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए फ़ोन नंबर भी जारी किए हैं.
ईरान में बीते 13 दिनों से लगातार सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों की वजह से पूरे देश में इंटरनेट सेवा प्रभावित हुई है. प्रदर्शन के दौरान कई इमारतों में आग लगा दी गई है.
इन प्रदर्शनों में ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक को ख़त्म करने की मांग उठ रही है.
मानवाधिकार समूहों के अनुसार इन प्रदर्शनों में हुई हिंसा में कम से कम 48 प्रदर्शनकारी और 14 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.

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पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन ज़िले की तलहार इलाक़े में 'पीरू लाशारी' गांव में एक प्रभावशाली शख़्स ने मामूली विवाद में एक हिंदू मजदूर कैलाश कोल्ही की गोली मारकर हत्या कर दी.
इस हत्या के विरोध में कैलाश के परिवार के लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
कैलाश कोल्ही की पत्नी लखी कोल्ही ने कहा, "हम चाहते हैं कि अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया जाए. पुलिस एक हफ़्ते से वादे कर रही है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा है."
लखी कोल्ही ने बीबीसी उर्दू से बात करते हुए आरोप लगाया कि एक ज़मीन मालिक ने कैलाश को झोपड़ी बनाने से मना किया, उन्हें धमकाया और फिर गोली मार दी.
जब लखी वहां पहुंचीं तो कैलाश ज़मीन पर अचेत पड़े थे, उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन कैलाश की मौत हो गई.
कैलाश पांच बच्चों के पिता थे और उनके आठ भाई-बहन हैं.
कैलाश के पिता चेतन ने बीबीसी को बताया कि "एसएसपी ने आश्वासन दिया था कि अभियुक्तों को 24 घंटे के भीतर गिरफ़्तार कर लिया जाएगा, लेकिन विरोध प्रदर्शन को तीन दिन बीत चुके हैं और अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है."
उनकी मांग है कि अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाए.
एसएसपी कमर जसकानी ने बताया कि कैलाश चार एकड़ ज़मीन पर किसान के रूप में काम करते थे.
उनके अनुसार, घटना वाले दिन अभियुक्तों ने कैलाश को वहां झोपड़ी बनाने से रोका क्योंकि वह ज़मीन उनकी थी. इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई और गोलीबारी में कैलाश की मौत हो गई.

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एसएसपी जसकानी के अनुसार, पुलिस अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला है.
उन्हें उम्मीद है कि अगले दो दिनों में अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.
शिकायतकर्ता पवन कोल्ही ने कहा है, "कैलाश सरफराज की ज़मीन पर काम करता था. बाद में वह एजाज़ नाम के शख़्स के यहां काम करने लगा. 4 जनवरी को कैलाश, विष्णु और गोविंद भिंडी की फसल के लिए एक झोपड़ी बना रहे थे, तभी शाम क़रीब 4:30 बजे सरफराज़ ने आकर कहा कि 'तुमने मेरा काम छोड़ दिया है और एजाज़ के लिए काम करने लगे हो, यहाँ झोपड़ी मत बनाओ.'"
इस पर दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी.
इस बीच, सिंध सरकार के प्रवक्ता सुखदेव हिमनानी ने कैलाश की "क्रूर हत्या" की कड़ी निंदा की और इसे "बर्बर और हृदयविदारक घटना" बताया.
उन्होंने आश्वासन दिया कि सिंध सरकार ने घटना का संज्ञान लिया है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को "पारदर्शी और त्वरित जांच करने और अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ़्तार करने" का निर्देश दिया है.

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ईरान में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सरकार की कार्रवाई पर कनाडा के प्रधानमंत्री ने चिंता जताई है.
कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “ ईरानी शासन की अपने ही लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा, मनमानी गिरफ़्तारियाँ और डराने-धमकाने की रणनीति की ख़बरें बहुत चिंताजनक हैं.
उन्होंने कहा, “कनाडा प्रदर्शनकारियों की हत्या की कड़ी निंदा करता है, और ईरान से आग्रह करता है कि वह अभिव्यक्ति की आज़ादी और शांतिपूर्ण सभा की अनुमति दे और किसी के मन में बदले की कार्रवाई का डर न हो.”
ईरान में बीते 13 दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शन देश की अर्थव्यवस्था के बुरे हालात को लेकर शुरू हुए थे.
बीते कई साल में ईरान में इतने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन नहीं हुए थे. इसकी वजह से पूरे देश में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.
इन प्रदर्शनों में ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक को ख़त्म करने की मांग उठ रही है.
मानवाधिकार समूहों के अनुसार इन प्रदर्शनों में हुई हिंसा में कम से कम 48 प्रदर्शनकारी और 14 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.

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राजस्थान के जयपुर में एक तेज़ रफ़्तार कार ने कई पैदल यात्रियों और सड़क किनारे लगी दुकानों को टक्कर मार दी, इस घटना में एक शख़्स की मौत हो गई है, जबकि क़रीब 15 अन्य लोग घायल हैं.
यह हादसा पत्रकार कॉलोनी इलाक़े में खरबास सर्किल के पास हुआ है.
स्थानीय एसएचओ (थाना प्रभारी) गुरभूपिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना रात क़रीब 9:30 बजे मिली.
उन्होंने कहा, “ हमें रात क़रीब 9:30 बजे हादसे की जानकारी मिली. कई लोग घायल हो गए थे, और मौक़े पर काफ़ी भीड़ जमा हो गई थी. घायलों को प्राइवेट गाड़ियों, पुलिस चेतक वैन और एम्बुलेंस में बिठाकर तुरंत अस्पताल भेजा गया.”
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा के मुताबिक़, "अब तक मिली जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति की मौत हुई है. तीन घायल लोगों को एक अस्पताल में और पांच लोगों को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मैं दोनों अस्पतालों में जाकर यह पता लगाऊंगा कि कितने लोग घायल हुए हैं और उनकी हालत कितनी गंभीर है."

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साउथ जयपुर के डीसीपी राजश्री राज वर्मा ने हादसे के बारे में कहा, "खरबास सर्किल पर एक कार कुछ स्टॉलों पर चढ़ गई. अब तक एक मौत की ख़बर है और हमारी जानकारी के अनुसार, 11 लोग घायल हैं.. कार में सवार एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया है. हमने बाक़ी लोगों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश कर रहे हैं."