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एशिया कप के फ़ाइनल में श्रीलंका से भिड़ेगा भारत, कौन पड़ेगा भारी?
- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
एशिया कप शुरू होने से पहले जिस बात की सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही थी वो ये थी कि इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान तीन बार एक दूसरे से भिड़ सकते हैं.
ये तब होता जब दोनों ही टीमें फ़ाइनल में पंहुच जातीं. भारत ने मंगलवार रात श्रीलंका को हराकर पहले ही फ़ाइनल में जगह बना ली थी लेकिन पाकिस्तान को श्रीलंका ने एक रोमांचक मुक़ाबले में दो विकेट से हराकर उनका पत्ता काट दिया.
अब एशिया कप के फ़ाइनल में भारत का मुक़ाबला श्रीलंका से होगा.
गुरुवार को पहले बैटिंग करते हुए मोहम्मद रिज़वान के 86 रनों की मदद से पाकिस्तान ने श्रीलंका के सामने 42 ओवर में 252 रनों का लक्ष्य रखा. बारिश से बाधा पड़ने की वजह से मैच सिर्फ़ 42 ओवरों का रह गया और डीआरएस की मदद से ये लक्ष्य सेट हुआ.
पाकिस्तान की पारी को रिज़वान और इफ़्तिखार ने 108 रनों की साझेदारी से संवारा. जवाब में श्रीलंका ने ओपनर कुसाल परेरा का विकेट जल्दी खो दिया लेकिन फिर निसांका और कुसाल मेंडिस ने 57 रनों की पार्टनरशिप की.
निसांका 29 रनों पर आउट हुए. मेंडिस ने इसके बाद एक और बड़ी साझेदारी की समरविक्रमा के साथ मिलकर. दोनों ने 100 रन जोड़े. मेंडिस 91 रन बनाकर इफ्तिखार की गेंद पर आउट हुए.
आख़िरी 13 ओवरों में पाकिस्तान ने 6 विकेट लेकर श्रीलंका पर अच्छा दबाव डाला लेकिन असालंका की परिपक्व 50 रनों की मदद से श्रीलंका ने आख़िरी गेंद पर 2 विकेट से जीत हासिल की.
वैसे तो श्रीलंका ने आख़िरी गेंद पर जीत हासिल कर ली लेकिन फ़ाइनल में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी फॉर्म में खेल रही भारतीय टीम के साथ कड़ा मुकाबला करना.
एशिया कप में श्रीलंका का रिकॉर्ड
भारतीय टीम रविवार के फ़ाइनल में श्रीलंका को हल्के में नहीं लेगी क्योंकि एशिया कप में श्रीलंका ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है.
एशिया कप पर सबसे ज़्यादा 7 बार भारत ने कब्ज़ा जमाया है. छह बार ये ट्रॉफी श्रीलंका के नाम रही है. इसके अलावा ये 11वीं बार है, जब श्रीलंका ने एशिया कप के फ़ाइनल में जगह बनाई है.
श्रीलंका को अपने पिचों पर खेलने का फ़ायदा मिलेगा और बड़ी संख्या में दर्शक भी ग्राउंड पर उनका हौसला बढ़ाएंगे.
श्रीलंका की बैटिंग लाइन काफ़ी लंबी है और इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि नंबर 8 पर वेल्लालागे आते हैं, जिन्होंने भारत के सामने अच्छी बैटिंग की थी.
श्रीलंका के पास कुसल परेरा, समरवीरा और असालंका जैसे मंझे हुए बल्लेबाज़ भी हैं लेकिन उनकी बैटिंग जिस खिलाड़ी के इर्द गिर्द घूम रही है वो हैं विकेटीकीपर बल्लेबाज़ कुसल मेंडिस.
इस बार की चैंपियनशिप में कुसल मेंडिस ने दो नब्बे के स्कोर्स बनाए हैं और एक बार पचास बनाए हैं. पिछली चार पारियों में उन्होंने तीन फिफ्टी बनाए हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा हुआ है.
श्रीलंका के पूर्व कप्तान मारवन अट्टापट्टू मानते हैं कि लगातार अच्छी कीपिंग करने से मेंडिस का आत्मविश्वास भी बढ़ा है. वो दूसरे खिलाड़ियों के साथ पार्टरनशिप करना जानते हैं और सबसे अच्छी बात ये है कि वो मैच जीतना चाहते हैं.
पथिराना का पेस और स्पिन में कई विकल्प
वहीं श्रीलंका की बॉलिंग की बात करें तो टूर्नामेंट के शुरू में उनके तीन प्रमुख गेंदबाज़ वनिंदु हसरंगा, कुमारा लाहिरू और दुश्मंत चमीरा चोट की वजह से टूर्नामेंट से बार हो गए.
हालांकि कप्तान दासुन शनाका को पूरी उम्मीद है कि ये तीनों वर्ल्ड कप में वापसी कर लेंगे लेकिन रविवार का फ़ाइनल इनके बिना खेला जाएगा.
कमेंट्री करते हुए संजय मांजरेकर ने भी कहा कि टॉप 3 गेंदबाज़ों की ग़ैरमौजूदगी में भी श्रीलंका के गेंदबाज़ों ने शानदार बॉलिंग की है, जिसकी मदद से उनकी टीम फ़ाइनल में पंहुची है.
श्रीलंका के पेस अटैक को दो युवा गेंदबाज़ लीड कर रहे हैं, मधूशन और पथिराना. लसिथ मलिंगा की तरह स्लिंगिंग एक्शन वाले वाले पथिराना लगातार बेहतर होते जा रहे हैं.
वहीं श्रीलंकाई गेंदबाज़ी की असली धार उनके स्पिनर्स में है. तीक्षणा के अलावा असालंका, वेल्लालागे और धनंजय डीसिल्वा के रूप में उनके पास चार बेहतरीन स्पिनर्स है. श्रीलंका की रणनीति भी ये हो सकती है कि स्पिनिंग ट्रैक तैयार करवाया जाए जहाँ, उनके स्पिनर्स भारी पड़ सकते हैं.
भारतीय टीम का ऑलराउंड प्रदर्शन
लेकिन भारत की चुनौती आसान नहीं होगी क्योंकि एशिया कप में भारतीय खिलाड़ियों ने बढ़िया खेल दिखाया है. बल्लेबाज़ी को आगे से लीड कर रहे हैं कप्तान रोहित शर्मा, जिन्होंने 4 पारियों में लगभग 65 की औसत से 194 रन बनाए हैं और पिछली तीन पारियों में अर्धशतक लगाए हैं.
उनके फॉर्म से लगता है कि एक और बड़ी सेंचुरी उनके बल्ले से निकलने ही वाली है. रोहित के ओपनिंग पार्टनर शुभमन गिल ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दूसरे मैच में आक्रामक फ़िफ़्टी लगाकर टॉप फॉर्म में वापस लौटने का संकेत दे दिया.
उसी मैच में विराट कोहली और केएल राहुल के शानदार शतक ने भारतीय बैटिंग की बादशाहत को कायम किया जबकि पाकिस्तान के विरुद्ध पहले मैच में हार्दिक पंड्या और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाज़ी की और भारतीय बैटिंग की गहराई का लोहा मनवाया.
वहीं बॉलिंग की बात करें तो स्पिनर कुलदीप यादव ने दो पारियों में 9 विकेट लेकर ख़तरे की घंटी बजा दी है. उन्हें बढ़िया सपोर्ट मिला है रविंद्र जडेजा का, जिन्होंने किफ़ायती गेंदबाज़ी की है और अहम विकेट्स भी निकाले हैं.
भारतीय टीम को सबसे बड़ी खुशी जसप्रीत बुमराह के फॉर्म को देखकर मिली है, जिन्होंने चोट से वापसी करते हुए तेज़ पेस और पुरानी धार का प्रदर्शन किया है.
जैसे-जैसे कोलंबो में मैच खेले जा रहे हैं, उसी तेज़ी से वहाँ के विकेट्स धीमे और स्पिन गेंदबाज़ी को मदद देने वाले होते जा रहे हैं. इसका पहला परिचय भारत और श्रीलंका के लीग मैच में मिला जहाँ श्रीलंका के स्पिनर्स ने भारतीय बल्लेबाज़ों को अपने जाल में बांध दिया.
दुनिथ वेल्लालागे ने पाँच विकेट लिए जबकि चरिथ असलंका को चार सफलताएं मिलीं, जिनकी मदद से श्रीलंका ने भारत को 213 के स्कोर पर रोक दिया.
बुमराह की शानदार वापसी
फिर जब भारतीय गेंदबाज़ी की बारी आई तो बुमराह और मोहम्मद सिराज को शुरुआती सफलताएं मिलीं लेकिन जिन दो गेंदबाज़ों ने श्रीलंकाई पारी को थाम लिया वो थे कुलदीप यादव, जिन्हें चार विकेट मिले और रविंद्र जडेजा जिन्होंने दो श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों को पविलियन वापस भेजा.
स्पिनर्स को मदद करने वाली इस पिच पर जो भारतीय स्पिनर अपना खाता नहीं खोल पाए वो थे अक्षर पटेल. पटेल ने हालांकि 26 अहम रन बनाए लेकिन अपने पाँच ओवर में उन्होंने 29 रन दिए और कोई भी विकेट नहीं लिया.
मीडिया से बात करते हुए अनिल कुंबले ने भी कहा कि वर्ल्ड कप की टीम में जब जडेजा थे ही तो उनकी तरह ही बॉलिंग करने वाले अक्षर पटेल की जगह अगर ऑफ़ स्पिनर्स जैसे अश्विन या वॉशिंगटन सुंदर को चुना जाता तो बेहतर रहता.
खैर कुंबले वर्ल्ड कप की बात कर रहे थे लेकिन एशिया कप के फ़ाइनल में भी अगर स्पिनिंग ट्रैक मिला तो टीम तीन स्पिनर्स खिलाएगी और शार्दुल की जगह पटेल नज़र आएंगे.
भारतीय टीम को उम्मीद रहेगी की अक्षर पटेल गेंद से भी सफल होंगे जो टीम में उनका पहला रोल है.
श्रेयस अय्यर का क्या होगा
भारतीय टीम के लिए अच्छी ख़बर रही कि अपने कमबैक मैच में केएल राहुल ने ना सिर्फ़ शानदार शतक लगाया बल्कि विकेट के पीछे भी अच्छी कीपिंग की.
पिछली पाँच पारियों में चार बार अर्ध शतक लगाने वाले ईशान किशन ने भी जता दिया है कि वो मिडिल ऑर्डर में भी बढ़िया खेल सकते हैं और दबाव में भी बैटिंग कर सकते हैं.
इन दोनों का एक साथ खेलना इसलिए तय हो पाया क्योंकि श्रेयस अय्यर को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच से पाँच मिनट पहले ही बैक स्ट्रेन की वजह से ड्रॉप कर दिया गया और उनकी जगह राहुल आए जिन्होंने शतक लगा दिया.
वहीं श्रेयस अय्यर पिछले कुछ समय से वनडे में सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज़ों में से एक रहे हैं और वो भी चोट से वापसी कर रहे हैं. एक तरफ़ जहाँ मुख्य चयनकर्ता अजित आगरकर कहते हैं कि ये अच्छा सिरदर्द है कि राहुल या अय्यर के बीच किसे चुना जाए वहीं अंदर ही अंदर भारतीय टीम मैनेजमेंट थोड़ी डरी भी हुई है कि ये दोनों लंबी चोट के बाद वापसी कर रहे हैं और कहीं दुबारा चोटिल ना हो जाए.
वैसे भारतीय टीम के पास एक और रास्ता है– किशन को ड्रॉप किया जाए ताकि राहुल और अय्यर दोनों एक साथ टीम में शामिल रहें.
फ़ाइनल मैच से पहले भारतीय टीम शुक्रवार को बांगलादेश के ख़िलाफ़ सुपर चार का आख़िरी मैच खेलेगी.
इस मैच का फ़ाइनल पर कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन भारतीय टीम के पास मौक़ा है कि कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया जाए और कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाया जाए.
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