राजस्थानः स्कूल में दलित छात्र की पिटाई के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ

    • Author, मोहर सिंह मीणा
    • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

राजस्थान के भरतपुर ज़िले के एक सरकारी स्कूल में कैंपर (पीने के पानी का बर्तन) से पानी पीने पर दलित स्टूडेंट की पिटाई के आरोप में एक शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है.

घटना भरतपुर ज़िले में बयाना के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भीमनगर की है.

घटना आठ सितंबर को दिन में क़रीब ग्यारह बजे की है.

छात्र के बड़े भाई रन सिंह की शिकायत पर नौ तारीख़ को बयाना थाने में एफ़आईआर दर्ज की गई है.

पुलिस ने दस सितंबर को अभियुक्त शिक्षक गंगाराम को गिरफ़्तार कर लिया है. कोर्ट में पेशी के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है.

क्या है मामला

छात्र के हवाले से उनके बड़े भाई रन सिंह जाटव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है, "अध्यापक गंगाराम ने मुझे डंडा और घूसों से मारपीट की. मुझे मुर्गा बनाया और कहा कि तू नीच जाति का लड़का है. तूने क्यों इस कैंपर में पानी पिया. यह तो हमारे लिए है."

रन सिंह जाटव ने बीबीसी हिंदी से फ़ोन पर कहा, "मेरा छोटा भाई रवींद्र राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भीम नगर पहरिया में कक्षा सात में पढ़ता है. रवींद्र बारह साल का है."

"वह आठ सितंबर को सुबह साढ़े सात बजे स्कूल गया था. दिन में खाना खाने के बाद पानी पीने टंकी पर गया, जहां पानी नहीं था. दो अन्य स्टूडेंट कैंपर से पानी पीने गए थे. तो वह भी चला गया."

रन सिंह कहते हैं कि छोटे भाई ने घटना की शाम को उन्हें बताया था कि, "शिक्षक के कैंपर से पानी पी लिया था. जिसके बाद शिक्षक ने डंडों से पीटा है. जातिगत अपशब्द कहे."

"स्कूल के ही अन्य स्टूडेंट्स ने बताया कि यदि एक-दो और डंडे मारते तो बच्चे को कुछ भी हो सकता था. एफ़आईआर दर्ज कराने के बाद मेडिकल हो गया है. शिक्षक को गिरफ़्तार कर लिया है. शिक्षक के कैंपर से पानी पी लिया इसलिए ही शिक्षक ने पीटा है."

समझौते के लिए दबाव

पीड़ित स्टूडेंट अपने भाइयों के साथ बयाना की अंबेडकर कॉलोनी भीम नगर पहरिया में रहते हैं. दलितों के इस गांव में 1500 घर हैं.

रन सिंह जाटव कहते हैं, "हमारे माता-पिता नहीं हैं. हम चार भाई हैं. दो भाइयों की शादी हो चुकी है. रवींद्र सबसे छोटा भाई है. मेरा छोटा भाई एक बजे स्कूल से घर आ गया. घर आ कर किसी से बातचीत नहीं की. वह सो गया था."

"मैं पड़ोस में ही घूमने गया तब स्कूल के बच्चे बोल रहे थे कि आज यदि और पिटाई होती तो आपका भाई वापस नहीं आ पाता. मैंने कपड़े हटा कर देखे तो पीठ पर कई डंडों के निशान थे. बच्चे की जबरदस्त पिटाई की गई है. बच्चे को डॉक्टर्स को दिखाया है."

रन सिंह दावा करते हुए कहते हैं, "मैंने घटना की जानकारी हेडमास्टर को फ़ोन पर दी थी. वह अगले दिन सुबह ही मेरे घर आ गए थे. उन्होंने समझौते का दबाव बनाया. घटना के बाद अब मैं घर से बाहर अपने रिश्तेदार के यहां हूं. मुझे समझौते के लिए धमकियां आ रही हैं."

पुलिस को दी शिकायत में रन सिंह ने कहा है, "घटना के अगले दिन स्कूल के दो शिक्षक मेरे घर आए और एफ़आईआर कराने पर चैन से नहीं रहने देने की धमकी दी."

पुलिस प्रशासन का क्या कहना है

इस मामले की जांच उच्चैन सर्किल की डिप्टी एसपी अनीता मीणा को दी गई है. डिप्टी एसपी अनीता मीणा बीबीसी से कहती हैं, "स्टूडेंट के भाई की शिकायत पर एससी एसटी एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है. अभियुक्त को गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया है. मामले की जांच कर रहे हैं."

स्कूल के प्रिंसिपल रामकुमार शर्मा का कहना है कि वह सप्ताह भर तक छुट्टियों पर थे. घटना की जानकारी जुटा रहे हैं.

ज़िला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) रामेश्वर दयाल कहते हैं, "इस मामले में चीफ़ ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को जांच करने के निर्देश दिए हैं. जो भी दोषी होगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी."

सीबीईओ आरएल खटाना बीबीसी से कहते हैं, "तीन सदस्य कमेटी गठित कर दी गई है. तथ्यात्मक रिपोर्ट ले कर उच्चाधिकारियों और ज़िला कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगे. फ़िलहाल कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को सूचना भेजी है."

आरएल खटाना आगे कहते हैं, "शुक्रवार (आठ सितंबर) को स्कूल में कुछ बच्चे पानी फैला रहे थे. उनको डांट फटकार दिया. स्कूल की छुट्टी हो गई. सब घर चले गए. एक बच्चे ने अपने घर शिकायत कर दी कि पानी फैलाने पर पीटा है. शिक्षक गंगाराम पर आरोप हैं."

अभियुक्त शिक्षक ने आपको घटना के बारे में क्या बता है. बीबीसी के इस सवाल पर वह कहते हैं, "शिक्षक गंगाराम ने बताया कि पानी फैलाने पर स्टूडेंट को डांटा था. ग़लत संदेश दिया है कि दलित होने के कारण पीटा है."

इस पूरे मामले में बयाना एसडीएम अमीलाल यादव का कहना है, "मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जांच करें. टीम गठित करें. शिक्षक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज हो गई है."

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