वेंकटेश प्रसाद फ़ैक्ट चेकर मोहम्मद ज़ुबैर पर क्यों भड़के

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद अक्सर टीम इंडिया और किसी न किसी खिलाड़ी की आलोचना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं.
लेकिन इस बार उनके एक पोस्ट ने काफ़ी बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है.
दरअसल, वेंकटेश प्रसाद ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, "एक भ्रष्ट आदमी कैसे पूरे संगठन को बर्बाद कर सकता है."
इस पोस्ट को कई लोग बीसीसीआई और इसके सचिव जय शाह से जोड़ने लगे. कुछ देर बाद वेंकटेश प्रसाद ने ये ट्वीट डिलीट कर दिया.
ट्वीट हटाने के बाद एक बार फिर से वेंकटेश प्रसाद पर सवाल उठने लगे.
फ़ैक्ट चेकर और ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने वेंकटेश प्रसाद के डिलीटेड पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया.
और यहीं से विवाद बढ़ता गया.
यहाँ से शुरू हुआ मामला

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भारतीय क्रिकेट टीम में गेंदबाज़ रह चुके वेंकटेश प्रसाद ने शनिवार को एक ट्वीट किया.
इसमें लिखा था, "एक भ्रष्ट आदमी आमतौर पर ग़ैर-भ्रष्ट संगठन की पूरी मेहनत को बर्बाद कर देता है. इस वजह से पूरे संगठन और नेतृत्व पर भ्रष्टाचार की मुहर लग जाती है. ये सब छोटे नहीं बल्कि बहुत बड़े स्तर पर होता है."
इस ट्वीट को कुछ यूज़र्स ने बीसीसीआई और जय शाह से जोड़ा.
कुछ ने सवाल किया कि बीसीसीआई में सबसे भ्रष्ट इंसान कौन है?
वेंकटेश प्रसाद ने बाद में ये पोस्ट डिलीट कर दिया.
फिर मोहम्मद ज़ुबैर ने प्रसाद के पोस्ट और उस पर उठ रहे यूज़र्स के सवाल का स्क्रीनशॉट शेयर किया.
वेंकटेश प्रसाद ने मोहम्मद ज़ुबैर के इस पोस्ट पर अपनी टिप्पणी में उन्हें नफ़रत फैलाने वाला बता दिया.
प्रसाद ने लिखा, "ये वो नफ़रत फैलाने वाला इंसान कह रहा है, जिसने अपने एजेंडा के लिए कइयों की जान ख़तरे में डाल दी. आपने फ़ैक्ट चेकर होने का लबादा ऐसे ओढ़ा हुआ है जैसे आतंकवादी शांति की बात करें. अब पोस्ट करो कि तुम्हें पैसों की ज़रूरत है और अपनी वेबसाइट के लिए चंदा मांगो. लोगों को बेवकूफ़ बनाकर जीने में कोई शर्म नहीं आती."
वेंकटेश प्रसाद के इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर कई जाने-माने लोगों ने प्रतिक्रिया दी.
आरजे सायमा ने लिखा, "एक-एक कर के सारे हीरो का पतन होता है. कितना निराशाजनक है. अपनी भाषा तो देखिए. कितनी बीमार सोच है. असभ्य और असम्मानीय."
प्रसाद ने इस पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी और लिखा, "क्या आप अपनी बात कर रही हैं? लेकिन आप तो इतना उठी ही नहीं कि गिर सकें."
आरजे सायमा ने इस पर लिखा, "एक बेहतर क्रिकेटर से एक ट्रोल बनते हुए. क्या पतन है!! शुक्रिया हमें कुछ अच्छे क्रिकेट मैच जिताने क लिए. ईश्वर आपको सद्बुद्धि दे."
फिर वेंकटेश प्रसाद ने एक और पोस्ट किया, "जैसा करेंगे, वैसा भरेंगे. आप भी, मैं भी. अगर संभव हो तो इतनी पक्षपाती मत बनिए. अगर ऐसा होता है तो शायद मेरे पास भी आपको शुक्रिया कहने के लिए कोई वजह हो. ईश्वर आपको सद्बुद्धि दे."
इसके बाद वेंकटेश प्रसाद ने तहसीन पूनावाला और विनोद कापड़ी को भी इसी अंदाज़ में जवाब दिया.
विनोद कापड़ी ने मोहम्मद ज़ुबैर के लिए प्रसाद के ट्वीट पर लिखा, "एक मुसलमान को टेररिस्ट बोलना कितना आसान हो गया है न? इतना गिर कर क्या हासिल होगा वेंकटेश प्रसाद."
प्रसाद ने जवाब में लिखा, "कापड़ी इतना स्पिन कर के क्या फ़ायदा है? ऐनालॉजी समझते हो, पत्रकारिता जो करते हो. कि बिल्कुल ही वजूद बेच बैठे हो."
रोशन राय नाम के एक यूज़र ने इस विवाद के बीच वेंकटेश प्रसाद से सवाल किया, "सब भूल जाइए वेंकी सर, बस हमें ये बता दीजिए कि आप किसके बारे में बात कर रहे थे? आप राम भक्त हैं, तो मुझे लगता है कि आप झूठ नहीं बोलेंगे."
इस पर वेंकटेश प्रसाद ने लिखा, "वो एक जनरल ट्वीट था जिसमें मैंने कहा था कि एक भ्रष्ट इंसान किसी संगठन के किए बहुत सारे अच्छे कामों पर पानी फेर सकता है और इसका असर बड़े स्तर पर पड़ता है, फिर वो किसी भी क्षेत्र में हो. चूंकि मैंने दूसरे ट्वीट में टिकटों को लेकर बीसीसआई की अक्षमता पर बात की थी, इसलिए मेरे इस ट्वीट से भ्रम पैदा हो गया और संदर्भ से इतर देखा गया. मैंने इसलिए ये ट्वीट डिलीट किया."
हालांकि, वेंकटेश प्रसाद ने थोड़े बदलाव के साथ ये ट्वीट एक बार फिर पोस्ट किया.
इसमें लिखा, "किसी गैर-भ्रष्ट संस्थान की मेहनत और पूरे संगठन की छवि को को बर्बाद करने के लिए केवल एक भ्रष्ट इंसान काफ़ी है. इसका असर छोटा नहीं बल्कि व्यापक स्तर पर होता है. ये हर क्षेत्र में देखने को मिलता है, चाहे राजनीति हो, खेल हो, पत्रकारिता हो या कॉर्पोरेट."
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पोस्ट X समाप्त
वेंकटेश प्रसाद के सोशल मीडिया प्रबंधन पर भी सवाल

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विवाद के बीच कुछ यूज़र्स वेंकटेश प्रसाद के सोशल मीडिया मैनेजरों पर भी चर्चा कर रहे हैं.
ऐसे ही एक हैंडल 'Yeh Log!'ने लिखा है कि अगर वेंकटेश प्रसाद के सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल को देखा जाए तो पता लगता है कि उनका अकाउंट कोई एजेंसी चलाती है. संयोग से यही शख्स पूर्व क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग के सोशल मीडिया हैंडल्स भी संभालता है.
फ़ैक्ट चेकर मोहम्मद ज़ुबैर ने भी ये दावा किया कि सहवाग के ट्विटर/इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने वाला शख्स ही वेंकटेश प्रसाद के ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट को चला रहे हैं.
ज़ुबैर ने लिखा है कि ये शख़्स एक समय पर पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ और बॉक्सर विजेंदर सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट भी मैनेज करते थे. इन्होंने बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का एक बार इंटरव्यू भी लिया था.
ज़ुबैर ने दावा किया कि ये शख्स कई बार ट्वीट में ये कह चुके हैं कि 'सेलिब्रेटीज़ से एंडोर्समेंट करवाने के लिए लोग उनसे संपर्क कर सकते हैं.'
हालांकि, एक यूज़र ने ज़ुबैर से सवाल किया है कि क्या उन्हें वेंकटेश प्रसाद के ट्वीट के लिए वेंकटेश से नफ़रत करनी चाहिए या अमृतांशु गुप्ता से?
क्या ये लोग कुछ अच्छे लोग नहीं रख सकते ट्वीट करने के लिए?
इस पर ज़ुबैर ने स्पष्ट किया है कि जो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाता है वो 'सेलिब्रिटीज़' की मंज़ूरी से ही होता है.
वेंकटेश प्रसाद साल 1994 से 2001 के बीच भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा थे. 161 अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में वेंकटेश प्रसाद ने 196 विकेट लिए थे. वहीं 33 टेस्ट मैचों में प्रसाद ने 96 विकेट लिए.
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