मध्य प्रदेश: किसान को गाड़ी से कुचल कर मारने और बेटियों के साथ बदसलूकी का बीजेपी नेता पर आरोप

- Author, विष्णुकांत तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में रामस्वरूप धाकड़ नाम के एक 50 वर्षीय किसान की मौत का मामला सामने आया है.
बीजेपी से जुड़े नेता महेंद्र नागर और उनके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने रामस्वरूप धाकड़ को बेरहमी से पीटने के बाद गाड़ी से कुचल दिया. बीजेपी ने महेंद्र नागर को पार्टी निष्कासित कर दिया है.
इस घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचीं रामस्वरूप धाकड़ की बेटियों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट करने और कपड़े फाड़े जाने की घटना हुई है.
बीबीसी ने मुख्य अभियुक्त महेंद्र नागर के परिजनों से टेलीफ़ोन पर और स्थानीय पत्रकारों के ज़रिए संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया. मुख्य अभियुक्त के घर पर ताला लगा हुआ है.
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इस घटना के बाद गुना पुलिस ने रामस्वरूप की हत्या और उनकी बेटियों के साथ हुई मारपीट के मामले में बीजेपी नेता महेंद्र नागर और उनके कम से कम 18 बाक़ी साथियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर ली है.
गुना पुलिस के मुताबिक़, अभियुक्त महेंद्र नागर और उनके रिश्तेदार फ़िलहाल फ़रार हैं और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ़्तार करने की कोशिश की जा रही है.
गुना के एसपी अंकित सोनी के मुताबिक अभियुक्त महेंद्र नागर पर पहले से ही बलात्कार, बलवा और मारपीट की धाराओं में मामले दर्ज हैं. नागर पर दर्ज कुल चार मामलों में से तीन मध्य प्रदेश के गुना में और एक राजस्थान में दर्ज है.
पुलिस का क्या कहना है?

इमेज स्रोत, VISHNUKANT TIWARI/BBC
गुना पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी ने बीबीसी से कहा, "हमने तुरंत ही कार्रवाई की थी और इसमें अब तक तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. हम अगले कुछ घंटों में 7-8 और अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लेंगे. हमारी टीमें लगातार रेड कर रही हैं".
वहीं गुना के एसडीओपी विवेक अष्ठाना ने बताया, "घटना रविवार 26 अक्तूबर को हुई थी. रामस्वरूप और महेंद्र नागर के बीच पहले भी ज़मीनी विवाद के चलते झगड़ा हुआ था. लेकिन रविवार को महेंद्र नागर और उनके बाक़ी साथियों ने रामस्वरूप को खेत जाते वक़्त घेर लिया और उनके साथ मारपीट की. जांच में रामस्वरूप पर गाड़ी चढ़ाने और उनकी बेटियों के साथ मारपीट की बात भी सामने आई है."
उन्होंने कहा, "घटना का मुख्य अभियुक्त महेंद्र नागर अभी फ़रार है लेकिन हम जल्द ही उसे भी गिरफ़्तार कर लेंगे."
बीबीसी से बात करते हुए गुना ज़िले के बीजेपी अध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार ने महेंद्र नागर के बीजेपी पदाधिकारी होने की पुष्टि की.
उन्होंने कहा, "हमारे पास जैसे ही मामला संज्ञान में आया था, हमने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था. ऐसे लोगों के लिए बीजेपी में कोई जगह नहीं है."
क्या है पूरा मामला?

पुलिस और रामस्वरूप के परिजनों ने पुष्टि की है कि रामस्वरूप और महेंद्र नागर के परिवार के बीच ज़मीन को लेकर विवाद चल रहा था.
पुलिस के मुताबिक़, "रविवार को जब रामस्वरूप अपनी पत्नी के साथ खेत की ओर जा रहे थे तब महेंद्र नागर और उनके बाक़ी साथियों.. जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, उन्होंने रामस्वरूप को घेर लिया."
"इसके बाद अभियुक्तों ने रामस्वरूप और उनकी पत्नी पर हमला कर दिया. हमले के दौरान रामस्वरूप के साथ मारपीट की गई और फिर उन पर थार गाड़ी चढ़ा दी गई जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई."
रामस्वरूप के बड़े भाई रामकिशन ने कहा, "महेंद्र नागर और उनके परिवार के लोग हमारी साझा ज़मीन पर क़ब्ज़ा करना चाहते थे. इसको लेकर पहले भी विवाद हो चुके थे. हमने पुलिस में शिकायत भी की थी लेकिन सामने वाली पार्टी नेताओं से जुड़ी थी इसलिए हमारी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई बल्कि उल्टे हमारे ऊपर ही एक केस दर्ज कर लिया गया था."
रामकिशन ने कहा है कि उनके परिवार ने इस घटना से पहले 8 अक्तूबर को अभियुक्तों के ख़िलाफ़ शिकायत की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.
हालांकि एसडीओपी विवेक अष्ठाना ने शिकायत की बात करते हुए कहा, "फ़तेहगढ़ थाने में शिकायत की गई थी, जिसके बाद मुख्य आरोपी महेंद्र नागर को ज़िला बदर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी. ऐसी प्रक्रियाओं में समय भी लगता है".
वहीं रामकिशन पुलिस के कथित ढीले और पक्षपूर्ण रवैये पर सवाल उठाते हुए कहते हैं, "भाई रामस्वरूप ने 8 तारीख़ को शिकायत की थी. हम लोगों को डर लग रहा था कि हमारे साथ कुछ अनहोनी न हो जाए. अगर पुलिस उस शिकायत पर सही एक्शन लेती तो शायद मेरा भाई ज़िंदा होता."
'पापा को हमेशा डर लगता था'

रविवार के दिन जब रामस्वरूप के ऊपर हमला हो रहा था तब उनकी बेटियों ने अपने पिता को बचाने की कोशिश की थी.
बीबीसी से बात करते हुए रामस्वरूप की एक बेटी ने दावा किया, "वो लोग पापा को बहुत मार रहे थे. हम बचाने दौड़े तो हमें भी मारा. मुझे ज़मीन पर गिरा दिया और मेरे ऊपर बैठ गए. उन्होंने जान से मार डालने की धमकी भी दी और हमारे कपड़े भी फाड़े."
भर्राई आवाज़ में टेलीफ़ोन पर बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं अभी पढ़ रही हूं. पापा को हमेशा डर लगता था कि कहीं वो लोग हमारे साथ कुछ कर न दें. अब तो उन्होंने पापा को मार ही डाला."
प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

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मध्य प्रदेश में हुई रामस्वरूप की हत्या के बाद राजनीतिक बहस भी तेज़ हो गई है.
इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव की बीजेपी सरकार पर मध्य प्रदेश को अपराधियों के हवाले करने का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "गुना में बीजेपी नेता महेंद्र नागर ने सत्ता के नशे में एक किसान को थार से कुचलकर मार डाला."
"गुना की यह घटना सिर्फ़ एक अपराध नहीं, बल्कि भाजपा के दमन राज की सच्ची तस्वीर है, जहाँ भाजपा नेता खुलेआम किसानों की ज़मीन हड़पते हैं, विरोध करने पर उन पर गाड़ी चढ़ा देते हैं, और जब बेटियाँ बचाने आती हैं, तो उनकी अस्मिता तक को भी नहीं बख्शते."
हालांकि इस मामले पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "गुना के फ़तेहगढ़ थाना क्षेत्र में आपसी विवाद में एक व्यक्ति की दुखद मृत्यु होने की घटना संज्ञान में आई है. मैं परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करता हूं. मैंने इस प्रकरण में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. किसी भी दोषी को बख़्शा नहीं जाएगा."
प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पर उठते सवालों से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले बीते कुछ दिनों में प्रदेश के अलग-अलग ज़िलों से दलित और ओबीसी समुदाय के लोगों के साथ हिंसा, महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.















