बुमराह और हैरी ब्रुक ने ऐसा क्या किया कि टेस्ट में बना हुआ है संतुलन

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- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफ़ी के पहले टेस्ट के तीसरे दिन हैरी ब्रुक का शतक से एक रन से चूकना और जसप्रीत बुमराह का पांच विकेट निकालना चर्चा का केंद्र रहे.
इंग्लैंड की पहली पारी 465 रन तक खिंचने की वजह से भारत मात्र छह रन की ही बढ़त ले सका.
लेकिन भारत ने बारिश के कारण क़रीब आधा घंटा पहले खेल ख़त्म होने तक, दूसरी पारी में दो विकेट पर 90 रन बनाकर मैच में संतुलन बनाए रखा है.
अब चौथे दिन के पहले दो सत्रों से ही पता चल पाएगा कि मैच किस दिशा में जा रहा है.
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केएल राहुल ने फिर दिखाई परिपक्वता

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केएल राहुल के प्रदर्शन को देखकर लगता है कि अब उनके खेल में परिपक्वता आ गई है. तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक वह सात चौकों की मदद से 47 रन बनाकर खेल रहे हैं. राहुल पहली पारी में अर्धशतक लगाने से चूक गए थे.
लेकिन उन्होंने पहली पारी की ग़लती से सबक लेकर पूरी चतुराई के साथ अपनी दूसरी पारी को आगे बढ़ाया और अब वह अर्धशतक से सिर्फ़ तीन रन दूर हैं.
दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल के रूप में पहला विकेट जल्दी गिर जाने पर भी केएल राहुल ने पूरी रंगत में खेलकर इंग्लैंड के गेंदबाज़ों को हावी नहीं होने दिया. इस प्रयास में उन्हें साई सुदर्शन से अच्छा सहयोग मिला. इस जोड़ी ने 66 रन की साझेदारी निभाई.
राहुल इस टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज़ हैं और उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है. पहली पारी में बिना खाता खोले आउट हुए साई सुदर्शन इस पारी में 30 रनों का योगदान करके अपनी क्षमता को साबित करने में सफल रहे हैं लेकिन उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना है.
बुमराह के 'पंजे' से मिली बढ़त

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जसप्रीत बुमराह ने दूसरे दिन ही इंग्लैंड को तीन झटके देकर अपनी गेंदबाज़ी का जलवा बिखेर दिया था. उन्होंने तीसरे दिन क्रिस वॉक्स और जोश टंग के विकेट निकालकर अपनी पारी में पांच विकेट पूरे किए. इस दौरान उन्होंने 83 रन दिए.
जसप्रीत बुमराह ने अपने करियर में 14वीं बार पांच विकेट निकाले हैं. वह अब तक 205 विकेट ले चुके हैं.
बुमराह भारतीय गेंदबाज़ी आक्रमण की जान तो हैं ही, साथ ही उनके संयम की भी तारीफ़ करनी होगी. आमतौर पर किसी गेंदबाज़ की गेंद पर कैच छूटता है तो उसके चेहरे पर गुस्सा साफ़ दिखता है. लेकिन बुमराह की गेंदों पर जब भी कैच छूटे, वह सिर्फ़ अपने हाथों से चेहरा ढककर अपना दर्द बयां करते रहे.
बुमराह इस प्रदर्शन से घर के बाहर सबसे ज्यादा बार पांच विकेट लेने के कपिल देव के रिकॉर्ड की बराबरी करने में सफल हो गए हैं. वह 12वीं बार घर से बाहर पांच विकेट लेने में सफल रहे हैं. कपिल देव की 108 पारियों के मुकाबले बुमराह ने मात्र 64 पारियों में यह कमाल किया है. उनका औसत (19.95) भी कपिल के औसत से आधा है.
मैच के तीसरे दिन बुमराह ने पांच विकेट ज़रूर पूरे किए पर दिन के हीरो प्रसिद्ध कृष्णा रहे. उन्होंने ओली पोप, हैरी ब्रुक और जेमी स्मिथ के विकेट निकाले.
ख़ास बात यह है कि दूसरे दिन यह कहा जा रहा था कि प्रसिद्ध कृष्णा को गेंद थोड़ी आगे फेंकने की ज़रूरत है. लेकिन उन्होंने गेंद के टप्पे को थोड़ा और पीछे करके अपनी गेंदबाज़ी का ख़ासा प्रभाव छोड़ा है.
हैरी ब्रुक शतक से चूके

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इंग्लैंड की पारी को संभालने का श्रेय हैरी ब्रुक को जाता है. वह जब अपने करियर का नौवां शतक लगाने के क़रीब थे, तब पूरी पारी के दौरान उन पर मेहरबान रही तकदीर ने साथ नहीं दिया और वह शतक से एक रन दूर रह गए.
प्रसिद्ध कृष्णा की शॉर्ट गेंद पर वह पुल करने गए. उन्होंने अपने स्वाभाविक खेल के विपरीत गेंद को नीचे रखने का प्रयास किया और वह डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर खड़े शार्दुल ठाकुर के हाथों लपक गए.
वह खेल के दूसरे दिन बुमराह की गेंद पर सिराज के हाथों लपक गए थे पर गेंद नो बॉल होने की वजह से ब्रुक बच गए थे.
उन्हें तीसरे दिन भी भाग्य का साथ मिला. वह जब 46 रन पर थे, तब जडेजा की गेंद पर निकले तेज़ कैच को ऋषभ पंत पकड़ नहीं सके. वह जब 82 रन के स्कोर पर थे, तब बुमराह की गेंद पर चौथी स्लिप में खड़े यशस्वी जायसवाल ने कैच टपका दिया.
हैरी ब्रुक ने दिन की शुरुआत भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाने के इरादे से की. उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा के पहले ही ओवर में चौका और फिर छक्का लगाया. ब्रुक ने लंच से पहले ही 65 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया.
भारतीय गेंदबाज़ नहीं उठा सके मौके़ का फ़ायदा

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ओली पोप के शतक (106) के बाद इंग्लैंड की पारी को किसी ने मजबूती दी तो वह हैं हैरी ब्रुक. लेकिन उनके आउट होने के बाद भी इंग्लैंड को भारतीय स्कोर तक पहुंचने के लिए 73 रन बनाने थे. यह मौका था, जब लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज़ दबाव बनाकर पारी जल्द समाप्त कर सकते हैं.
इस स्थिति में भारतीय गेंदबाज़ों ने विकेट लेने के प्रयास में हर तरह की गेंदबाज़ी करनी शुरू कर दी, जिससे क्रिस वोक्स और ब्राइडन कार्स को भारत के स्कोर के क़रीब पहुंचने का मौका मिल गया. इस जोड़ी ने 44 गेंदों में 55 रन की साझेदारी निभाई.
इस साझेदारी में दिशाहीन भारतीय गेंदबाज़ी की भी अहम भूमिका रही. वैसे वोक्स के प्रदर्शन की भी सराहना करनी होगी. वह अपनी बल्लेबाजी से भारत के ख़िलाफ़ 2018 में बनाए शतक की याद दिला रहे थे.
वोक्स ने प्रसिद्ध कृष्णा के एक ओवर की लगातार दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर अपने करियर के 2000 रन पूरे किए. उन्होंने तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 38 रन बनाए.
ख़राब फ़ील्डिंग

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टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने कैच टपकाकर इंग्लैंड को भारतीय स्कोर के क़रीब पहुंचने में ख़ासी मदद की. इंग्लैंड की पहली पारी के एकमात्र शतकवीर ओली पोप को 66 रनों के स्कोर पर जीवनदान मिला और वह इसका फ़ायदा उठाकर 106 रनों तक पहुंचने में सफल रहे.
डकेट को 15 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर जीवनदान मिला और वह 62 रन बनाने में सफल रहे. वहीं, हैरी ब्रुक की पारी तो भाग्य के सहारे ही चली.
शार्दुल ठाकुर को इस टेस्ट में तेज़ गेंदबाज़ ऑलराउंडर के तौर पर खिलाया गया है. लेकिन उनसे सिर्फ़ छह ओवर ही गेंदबाज़ी कराई गई. यह भी फैक्ट है कि वह अपनी गेंदबाज़ी से बहुत प्रभावित नहीं कर सके और बिना विकेट लिए 38 रन दे दिए.
शार्दुल ठाकुर दिसंबर, 2023 में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ खेलने के बाद पहली बार भारतीय टीम में लौटे हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित














