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विनेश फोगाट: ओलंपिक मेडल पाने की आख़िरी उम्मीद भी टूटी, कोर्ट में अपील ख़ारिज
कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन फ़ॉर स्पोर्ट्स (सीएएस) ने भारत की महिला पहलवान विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में अयोग्य ठहराए जाने के ख़िलाफ़ की गई अपील ख़ारिज कर दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा है कि वो इस फ़ैसले से बेहद निराश हैं.
अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी बजरंग पुनिया ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "माना पदक छीना गया तुम्हारा इस अंधकार में, हीरे की तरह चमक रही हो आज पूरे संसार में. विश्व विजेता हिंदुस्तान की आन बान शान, रुस्तम-ए-हिंद विनेश फोगाट आप देश की कोहिनूर हैं. पूरे विश्व में विनेश फोगाट, विनेश फोगाट हो रही है. जिनको मेडल चाहिए, खरीद लेना 15-15 रुपए में."
बॉक्सर विजेंदर सिंह ने कहा, 'हमारे लिए यह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. अगर वो फ़ाइनल तक गई होतीं तो हम ओलंपिक में गोल्ड जीत सकते थे. हम विनेश के साथ हैं और उनका हमेशा समर्थन करेंगे.'
विनेश फोगाट ने अयोग्य ठहराने और संयुक्त रूप से रजत पदक देने की मांग की थी जिस अपील को सिंगल आर्बिटरेटर (एक जज) ने ख़ारिज कर दिया.
सीएएस ने पहले ये फ़ैसला 16 अगस्त तक के लिए टाल दिया था. लेकिन इस बीच 14 अगस्त को उनके ख़िलाफ़ फैसला सुना दिया.
इससे पहले 9 अगस्त को आर्बिट्रेशन कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की थी. इस दौरान विनेश भी वर्चुअली मौजूद थीं. वहीं, 13 अगस्त को भी इस मामले की सुनवाई हुई थी.
विनेश ने यह अपील यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) के ख़िलाफ़ की थी.
आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने क्या कहा
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) अध्यक्ष डॉ. पीटी उषा ने सिंगल आर्बिटरेटर के इस फैसले पर निराशा जताई है.
आईओए के एक बयान के अनुसार, 14 अगस्त को हुए फैसले में, पेरिस ओलंपिक गेम्स 2024 में महिलाओं के 50 किलोग्राम भार वर्ग कुश्ती में साझे सिल्वर मेडल दिए जाने के विनेश फोगाट के आवेदन को ख़ारिज कर दिया गया. इस फ़ैसले का ख़ास तौर पर उनका और व्यापक रूप से खेल समुदाय पर असर होगा.
100 ग्राम के थोड़े से अंतर और इसके कारण आए नतीजे का न सिर्फ विनेश के करियर पर गहरा असर होगा, बल्कि अस्पष्ट नियमों और उनकी व्याख्या को लेकर भी गंभीर सवाल उठेंगे.
आईओए का दृढ़ विश्वास है कि दो दिनों के अंदर दूसरे दिन इस तरह के वज़न के अंतर के लिए एक एथलीट को अयोग्य ठहराए जाने की गहन जांच की ज़रूरत है. हमारे क़ानूनी प्रतिनिधियों ने सोल आर्बिट्रेटर के सामने अपनी दलील में इस बात को कहा था.
विनेश से जुड़ा मामला कड़े और अमानवीय नियमों पर प्रकाश डालता है, जो एथलीटों, ख़ास तौर पर महिला एथलीटों के शारीरिक और मानसिक तनाव को नज़रअंदाज़ करते हैं.
बयान में कहा गया है कि सीएएस के आदेश की रोशनी में आईओए फोगाट के समर्थन में पूरी तरह खड़ा है और आगे के क़ानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है.
विनेश का पक्ष सुना जाए, ये सुनिश्चित करने के लिए आईओ प्रतिबद्ध है.
क्या है पूरा मामला?
7 अगस्त को विनेश फोगाट ने एक के बाद एक तीन मुक़ाबलों (प्री क्वार्टर फ़ाइनल, क्वार्टर फ़ाइनल और सेमीफ़ाइनल) में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुश्ती के 50 किलोग्राम भार वर्ग के फ़ाइनल में जगह बनाई थी.
वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं और फ़ाइनल में उनका मुक़ाबला अमेरिका की सारा हिल्डब्रैंड से होना था.
लेकिन फ़ाइनल मुक़ाबले से कुछ घंटे पहले उनका वज़न तय 50 किग्रा से 100 ग्राम ज़्यादा था और उन्हें फ़ाइनल मुक़ाबले के लिए अयोग्य करार दिया गया.
ओलंपिक की वेबसाइट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय नियमों के तहत तय वज़न से अधिक वज़न पाए जाने पर पहलवान को अयोग्य करार दिया जाता है.
इसके बाद विनेश फोगाट ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में अयोग्य घोषित होने को लेकर अपील की थी जिसे अब ख़ारिज कर दिया गया है.
फोगाट ने मांग की थी कि उन्हें संयुक्त तौर पर रजत पदक दिया जाए. उनकी तरफ़ से तर्क दिया गया था कि उन्होंने फ़ाइनल तक का सफ़र तय मानकों के हिसाब से किया है तो उन्हें रजत पदक दिया जाना चाहिए.
विनेश फोगाट को अयोग्य ठहराए जाने के बाद अमेरिका महिला पहलवान सारा एन हिल्डेब्रांट ने गोल्ड मेडल जीता था.
हिल्डेब्रांट ने फ़ाइनल मुक़ाबले में क्यूबा की युस्नेलिस गुजमैन लोपेज को हराया था. जबकि लोपेज को सेमीफ़ाइनल में विनेश फोगाट ने हराया था. फ़ाइनल में हार के बाद लोपेज को सिल्वर मेडल मिला था.
'बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड 2022' की नॉमिनी भी रही हैं विनेश
विनेश फोगाट 'बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमेन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड 2022' की नॉमिनी रह चुकी हैं.
'बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर' अवॉर्ड का मक़सद है भारतीय महिला खिलाड़ियों और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना, महिला खिलाड़ियों की चुनौतियों पर चर्चा करना और उनकी सुनी-अनसुनी कहानियों को दुनिया के सामने लेकर आना है.
संन्यास का फ़ैसला और देश-विदेश से मिला समर्थन
8 अगस्त की सुबह विनेश फोगाट ने कुश्ती को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया.
संन्यास को लेकर विनेश ने एक्स पर लिखा, "मां कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई. माफ़ करना. आपका सपना-मेरी हिम्मत सब टूट चुके. इससे ज़्यादा ताक़त नहीं रही अब. अलविदा कुश्ती 2001-2024. आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी. माफ़ी."
हालांकि, देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई दिग्गज इस मुश्किल घड़ी में विनेश के साथ खड़े दिखे.
जापान के रेसलर री हिगूची ने पेरिस ओलंपिक में पुरुषों की 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है. टोक्यो ओलंपिक में उन्हें सिर्फ़ 50 ग्राम ज़्यादा वजन होने के कारण अयोग्य करार दिया गया था.
उन्होंने एक्स पर विनेश के मामले पर लिखा, ''मैं आपका दर्द अच्छी तरह से समझ सकता हूं. आपकी तरह 50 ग्राम. अपने आस-पास की आवाज़ों की चिंता मत कीजिए. जीवन ऐसे ही चलता रहता है. असफलताओं से उबरना सबसे सुंदर चीज़ है.''
पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा, "विनेश आप चैंपियनों की चैंपियन हैं. आप भारत का गौरव और हर एक भारतीय के लिए प्रेरणा हैं. आज के सेटबैक ने दुखी किया है. काश मैं जिस पीड़ा को अनुभव कर रहा हूं उसे शब्दों में कह पाता."
राहुल गांधी ने इस मामले में विनेश को न्याय मिलने की बात कही थी.
एक्स पर राहुल ने लिखा था, ''विश्वविजेता पहलवानों को हरा कर फाइनल में पहुंची भारत की शान विनेश फोगाट का तकनीकी आधार पर अयोग्य घोषित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.हमें पूरी उम्मीद है कि भारतीय ओलंपिक संघ इस निर्णय को मजबूती से चैलेंज कर देश की बेटी को न्याय दिलाएगा.''
सोशल मीडिया से इतर संसद में भी इस मुद्दे पर जमकर बहस हुई थी.
लोकसभा में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी संसद में बयान दिया था.
खेल मंत्री ने कहा, ''इस मामले को लेकर भारतीय ओलंपिक संघ ने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है.भारतीय ओलंपिक संघ की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा भी अभी पेरिस में हैं प्रधानमंत्री ने उनसे बात की है और उचित एक्शन लेने को कहा है. भारत सरकार ने विनेश फोगाट को हर संभव सहायता दी है. उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए हैं.''
फोगाट परिवार की अधूरी तमन्ना
फोगाट परिवार में इस बार विनेश फोगाट ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रही थीं. पूरे परिवार को उम्मीद थी कि विनेश मेडल जीतेंगी.
फ़ाइनल तक उम्मीदें हकीकत में बदलती दिख रही थीं लेकिन फ़ाइनल से ठीक उम्मीदों को झटका लगा और इस तरह फोगाट परिवार का पहला ओलंपिक मेडल आते-आते रह गया.
महावीर फोगाट की कुल चार बेटियां हैं- गीता, बबीता, ऋतु और संगीता. महावीर के दिवंगत भाई राजपाल फोगाट की दो बेटियां- विनेश फोगाट और प्रियंका फोगाट हैं.
गीता फोगाट, बबीता फोगाट और विनेश फोगाट ओलंपिक में हिस्सा ले चुकी हैं लेकिन मेडल नहीं जीता है.
महावीर फोगाट का कहना है कि अब वो संगीता को अगले ओलंपिक के लिए तैयार कर रहे हैं और उनसे मेडल की उम्मीद है.
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