इसराइल ने उत्तरी गज़ा से 11 लाख फ़लस्तीनियों को दक्षिण में जाने को कहा, क्या करने की है तैयारी?

उत्तरी ग़ज़ा से पलायन शुरू

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  • यूएन के मुताबिक़ इसराइल ने उत्तरी ग़ज़ा में रहने वाले सभी लोगों से 24 घंटों के भीतर इलाक़ा ख़ाली कर दक्षिण की तरफ़ जाने को कहा है.
  • इसराइल ने कहा- अपनी सुरक्षा और बचाव के लिए" ग़ज़ा शहर के लोग इलाक़ा खाली कर दें.
  • ये पूरा इलाक़ा ग़ज़ा पट्टी का लगभग आधा हिस्सा है. इसमें ग़ज़ा शहर भी शामिल है.
  • यूएन ने कहा- इसराइल के इस क़दम से "बेहद गंभीर मानवीय संकट" पैदा होने का ख़तरा है.
  • इसराइल की ये चेतावनी ग़ज़ा में हमास के ठिकानों पर ज़मीनी कार्रवाई करने के इरादे से दी गई है.
उत्तरी ग़ज़ा से पलायन शुरू

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संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता का कहना है कि इसराइली सेना ने सूचित किया है कि उसने वादी ग़ज़ा के उत्तर में रह रहे लोगों से चौबीस घंटों के भीतर इलाक़ा खाली कर दक्षिणी ग़ज़ा में शिफ़्ट होने के लिए कहा है.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इसराइल के इस क़दम से क़रीब 11 लाख लोग प्रभावित होंगे, जो ग़ज़ा पट्टी में रहने वाली कुल आबादी का लगभग आधा है. प्रभावित हिस्सों में ग़ज़ा शहर भी शामिल है.

इसराइली डिफेन्स फ़ोर्सेस (आईडीएफ़) ने ये चेतावनी ग़ज़ा और यरुशलम के समयानुसार रात को 11 बजे दी है.

संयुक्त राष्ट्र ने एक बयान जारी कर कहा, "संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि इतनी बड़ी तादाद में लोगों का एक जगह से दूसरी जगह जाने के गंभीर मानवीय परिणाम होंगे."

बीते शनिवार को इसराइल पर हुए हमले के बाद से इसराइल ने ग़ज़ा में हमास के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं.

बीते दिनों उसने गज़ा से सटी सीमा के पास सैनिकों के साथ-साथ टैंक, भारी गोलाबारूद और उपकरण एकत्र करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद ये कयास लगाए जाने लगे कि वो ग़ज़ा में जल्द ज़मीनी कार्रवाई को अंजाम दे सकता है.

इसराइली सैनिक

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इसराइली सेना ने क्या कहा?

13 अक्तूबर को इसराइली सेना ने ग़ज़ा में रहने वालों के लिए एक बयान जारी किया. सेना ने ग़ज़ा में रहने वालों को सीधे-सीधे कहा कि वो ग़ज़ा के पूर्वी हिस्से को छोड़ कर दक्षिण की तरफ़ चले जाएं.

इसराइली डिफेन्स फ़ोर्सेस ने एलान किया है, "आने वाले दिनों में सेना ग़ज़ा शहर में अपनी कर्रवाई जारी रखेगी, साथ ही वो ये कोशिश भी करेगी कि आम नागरिक इस कारण प्रभावित न हों."

बयान में आईडीएफ़ ने कहा कि ये लोगों की सुरक्षा के लिए है. बयान में कहा गया है, "ये आप लोगों की सुरक्षा के लिए ही है. आप लोग वापस ग़ज़ा शहर तभी लौट सकेंगे जब इसकी इजाज़त देते हुए एक और बयान जारी किया जाएगा. इस बीच कोई भी व्यक्ति इसराइल के साथ लगी सुरक्षा बाड़ की तरफ़ न जाए."

आईडीएफ़ का कहना है कि हमास के लड़ाके शहर के नीचे बिछी सुरंगों में और रिहाइशी इमारतों में ग़ज़ा के मासूस आम लोगों के बीच छिपे हैं.

आईडीए़ ने कहा, "ग़ज़ा शहर के आम नागरिकों, अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए गज़ा के दक्षिण की तरफ चले जाएं और हमास के आतंकवादियों से ख़ुद को दूर कर लें. हमास के आतंकवादी मानव ढाल के रूप में आपका इस्तेमाल कर रहे हैं."

ग़ज़ा में तबही का मंज़र

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इसराइली सेना के अधिकारियों ने ग़ज़ा में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के टीम लीडर्स को इस आदेश के बारे में जानकारी दी है.

इसके अनुसार, इसमें उत्तरी ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र के सभी ठिकाने शामिल हैं, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी, स्कूल, अस्पताल और क्लिनिक जैसे संयुक्त राष्ट्र की सेवाओं को भी इलाक़ा ख़ाली करने को कहा गया है.

शुक्रवार को इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक अहम बैठक होनी है. बंद दरवाज़ों के पीछे होने वाली इस बैठक में सुरक्षा परिषद के सभी सदस्यों- अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन और फ्रांस के शामिल होने की उम्मीद है.

मध्य-पूर्व के लिए बीबीसी संवाददाता टॉम बेटमैन कहते हैं कि इसका मतलब है कि हर घंटे 40 हज़ार लोग उत्तर से दक्षिण की तरफ़ जाएंगे, ये लगभग असंभव है.

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और इंटरनेशनल रेड क्रॉस के काफिले ग़ज़ा शहर से दक्षिण की तरफ़ जाते देखा गया है. हो सकता है कि यहाँ से निकलने की तैयारी हो.

ये इलाक़ा काफ़ी सघन आबादी वाला इलाक़ा है. यहाँ बच्चे और बूढ़े, पहले ही इसराइल के हमलों के कारण अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ी हुई है.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, फ़लस्तीनियों को इस जंग के कारण विस्थापित होना पड़ा है.

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स्टीफ़न डुजारिक

संयुक्त राष्ट्र ने इसराइल के क़दम की आलोचना की

संयुक्त राष्ट्र ने इसराइली सेना के इस बयान की आलोचना की है और कहा है कि इस आदेश को तुंरत वापस लिया जाना चाहिए. उसका कहना है कि इससे "त्रासदी जैसी स्थिति" पैदा होगी और इसके "गंभीर मानवीय परिणाम होंगे."

मीडिया में जारी एक बयान में संयुक्त राष्ट्र ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र की अपील है कि इस तरह का आदेश अगर दिया गया है तो इसे जल्द वापस लिया जाना चाहिए. ये क़दम मौजूदा वक़्त की त्रासदी को और भी विकराल कर देगा. "

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफ़न डुजारिक ने कहा, "ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को इसराइली सेना के संपर्क विभाग के अधिकारियों ने कहा है- वादी ग़ज़ा यानी ग़ज़ा के उत्तर में मौजूद पूरी आबादी को अगले 24 घंटों के भीतर दक्षिण ग़ज़ा की तरफ़ चले जाना चाहिए."

"ग़ज़ा की आबादी क़रीब 23 लाख है और इस आदेश का मतलब है कि लगभग 11 लाख लोग उत्तर से दक्षिण की तरफ जाएं. वादी ग़ज़ा में ग़ज़ा शहर भी है, जहां सघन आबादी है. ये ग़ज़ा का सबसे बड़ा शहर है."

गिलाद अर्दान

इसराइली दूत ने यूएन की प्रतिक्रिया को बताया 'शर्मनाक़'

संयुक्त राष्ट्र के लिए इसराइल के दूत गिलाद अर्दान ने कहा है कि "ग़ज़ा के निवासियों को दी गई इसराइल की चेतावनी को लेकर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया शर्मनाक़ है."

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का ध्यान हमास की कड़ी निंदा करने में लगाना चाहिए और इसराइल के ख़ुद का बचाव करने की कोशिश का समर्थन करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इसराइल ने समय रहते ग़ज़ा के लोगों को चेतावनी दी है क्योंकि वो "हमास के सैन्य अभियान में आम लोगों को नुक़सान नहीं पहुँचाना चाहता."

गिलाद अर्दान ने कहा, "हमास कई सालों से हथियार इकट्ठा कर रहा है और सालों तक संयुक्त राष्ट्र ने इसे नज़रअंदाज़ किया है. हमास आम नागरिकों और नागरिक इमारतों का इस्तेमाल कर रहा है और हथियारों और हत्याओं को छिपाने के लिए ग़ज़ा पट्टी का इस्तेमाल किया."

"अब इसराइल के साथ खड़े होने की बजाय, जिसके सैंकड़ों मासूम लोग मारे गए हैं, संयुक्त राष्ट्र इसराइल को ज्ञान दे रहा है. संयुक्त राष्ट्र को अपना ध्यान बंधकों को छुड़ाने, हमास की आलोचना करने और इसराइल के अपने बचाव के अधिकार का समर्थन करने की तरफ करना चाहिए."

हमास के मीडिया प्रमुख सलामा मारुफ़ ने कहा है कि इसराइल की ये चेतावनी "फ़ेक प्रोपोगैंडा फैलाने के इरादे से है और इसका मक़सद हमारे लोगों में कंफ्यूज़न फैलाना, उन्हें नुक़सान पहुँचाना है."

हमास ने अपील की है कि ग़ज़ा के लोग इस चेतावनी को नज़रअंदाज़ करें.

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी किया गया ग़ज़ा पट्टी का मानचित्र

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वादी ग़ज़ा कहाँ है?

ग़ज़ा पट्टी के लगभग बीचोबीच वादी ग़ज़ा नाम की एक नदी है जो गज़ा को लगभग दो हिस्सों में बाँटते हुए भूमध्यसागर में गिरती है.

इसके आसपास की जगह यानी घाटी को वादी ग़ज़ा नाम से जाना जाता है और इसे अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है.

इसराइल के आदेश से प्रभावित होने वाला हिस्सा वादी गज़ा के उत्तर का पूरा हिस्सा है.

  • इसराइल पर हुए हमास के हमले में क़रीब 1,300 लोगों की मौत हुई है. हमास के लड़ाके इसराइल के क़रीब 150 लोगों को बंधक बनाकर अपने साथ ले गए हैं.
  • फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इसराइल की जवाबी कार्रवाई में अब तक ग़ज़ा में 1,400 लोगों की मौत हुई है.
  • इसराइल ने ग़ज़ा पर हमले के साथ-साथ उसे हर तरफ़ से घेर लिया है. उसका कहना है कि हमास जब तक बंधकों को रिहा नहीं करेगा, तब तक वो ग़ज़ा तक जाने वाले सभी रास्तों को बंद करके रखेगा.

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