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पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलता है तो उसे क्या होगा नुक़सान?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात के बाद कहा है कि टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के हिस्सा लेने को लेकर 'सभी ऑप्शन खुले हैं' और इस बारे में आख़िरी फ़ैसला शुक्रवार या अगले सोमवार को लिया जाएगा.
मोहसिन नक़वी ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "प्रधानमंत्री मियां मोहम्मद शहबाज़ शरीफ़ के साथ मेरी एक अच्छी मीटिंग हुई. मैंने उन्हें आईसीसी के मुद्दे पर जानकारी दी और उन्होंने हमें सभी ऑप्शन खुले रखने और इसे सुलझाने का निर्देश दिया. हम इस बात पर सहमत हुए कि आख़िरी फ़ैसला शुक्रवार या अगले सोमवार को लिया जाएगा."
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश को बाहर किए जाने के फ़ैसले की आलोचना की है. टी-20 वर्ल्ड कप 7 फ़रवरी से शुरू हो रहा है, जिसमें पाकिस्तान अपने सभी मैच तय शेड्यूल के मुताबिक कोलंबो में खेलेगा.
पीसीबी इस बात के समर्थन में है कि बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप में शामिल किया जाए. अब इस बात पर भी असमंजस है कि पाकिस्तान अगले महीने शुरू होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में खेलेगा या नहीं.
पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने कहा था कि इसका फ़ैसला पाकिस्तान की सरकार लेगी.
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क्या पाकिस्तान करेगा बहिष्कार?
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी हुआ था. इसमें कहा गया था कि गृह मंत्री और पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात कर सकते हैं.
हालांकि, दूसरी ओर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नक़वी के बयान से नाराज़ बताया जा रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, अगर पाकिस्तान इस टी-20 वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं बनता और टूर्नामेंट खेलने से इनकार कर देता है तो आईसीसी सख़्त क़दम उठा सकता है.
पाकिस्तानी अख़बार डॉन के मुताबिक़, पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने कहा था कि बांग्लादेश के साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें टूर्नामेंट में खेलने की इजाज़त मिलनी चाहिए, "मैंने आईसीसी की बोर्ड मीटिंग में भी यही कहा था. दोहरे मापदंड नहीं चल सकते, जहाँ एक देश जब चाहे अपना फ़ैसला कर ले और दूसरे देश के लिए ठीक उल्टा कर दे."
"इसलिए हमने यह रुख़ अपनाया है कि बांग्लादेश के साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें किसी भी हाल में वर्ल्ड कप खेलने की इजाज़त मिलनी चाहिए. वे एक बड़े हिस्सेदार हैं और उनके साथ यह अन्याय नहीं होना चाहिए."
टी-20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार करने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "यह फ़ैसला पाकिस्तान सरकार करेगी. हम प्रधानमंत्री के वापस आने का इंतज़ार कर रहे हैं, उसके बाद अंतिम फ़ैसला लिया जाएगा."
जब नक़वी से यह पूछा गया कि अगर पाकिस्तान भी टी-20 वर्ल्ड कप नहीं खेलता तो उसके लिए "प्लान बी" क्या है? इस पर उन्होंने कहा, "पहले फ़ैसला तो आने दो. हमारे पास प्लान ए, बी, सी, डी सब हैं."
हालांकि, विश्लेषक मानते हैं कि अगर पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने का फ़ैसला लेता है तो उसे बड़ा नुक़सान हो सकता है. आर्थिक तौर पर भी पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड को बड़ा झटका लग सकता है.
पाकिस्तान को क्या नुक़सान होगा?
इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप नहीं खेलता है, तो आईसीसी कई सज़ाएं देगा, "अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ द्विपक्षीय सिरीज़ खेलने पर रोक लग सकती है, पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में विदेशी खिलाड़ियों के लिए एनओसी नहीं मिलेगी और एशिया कप से भी पाकिस्तान को बाहर किया जा सकता है."
अगर पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप नहीं खेलता है तो आईसीसी से होने वाली सालाना कमाई भी प्रभावित हो सकती है.
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "पाकिस्तान खेलने से इनकार कर देता है तो पीसीबी को आईसीसी से मिलने वाली सालाना कमाई रोक दी जाएगी."
दरअसल, साल 2023 में तय हुए रिवेन्यू डिस्ट्रीब्यूशन के वक़्त इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल का कुल राजस्व 600 मिलियन डॉलर था.
डरबन में तय हुआ कि 2024-27 के दौरान 38.5 प्रतिशत हिस्सा बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) को मिलेगा.
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को राजस्व का 6.89 प्रतिशत मिलेगा, जबकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को 6.25 प्रतिशत का हिस्सा मिलेगा.
पाकिस्तान आईसीसी से चौथा सबसे ज़्यादा कमाने वाला सदस्य होगा, जिसे 5.75 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, यानी लगभग 34.51 मिलियन डॉलर.
पिछली साइकिल के मुकाबले पीसीबी का हिस्सा दोगुना रखा गया था. लेकिन बोर्ड ने आईसीसी के रिवेन्यू डिस्ट्रीब्यूशन के मानदंडों में स्पष्टता की कमी होने पर अपनी नाराज़गी जताई है.
पीसीबी का मानना है कि इसमें पर्याप्त पारदर्शिता नहीं रखी गई. अब अगर पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप से दूरी बना लेता है तो आईसीसी द्वारा मिलने वाली मोटी रक़म पर रोक लग सकती है, इससे वहां का क्रिकेट बोर्ड आर्थिक परेशानियों से घिर सकता है.
वरिष्ठ खेल पत्रकार और लेखक नीरू भाटिया कहती हैं, "पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड की आर्थिक स्थिति वैसे भी ख़ासा अच्छी नहीं है. लिहाज़ा, उसे आईसीसी की ओर से मिलने वाली रक़म की ज़रूरत होती है. अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट का बहिष्कार करता है तो उसे यह मोटा पैसा नहीं मिलेगा, जिसके बगैर पीसीबी का संचालन बेहद मुश्किल हो जाएगा."
वह आगे कहती हैं, "अगर आज पाकिस्तान बॉयकॉट करता है तो भविष्य में होने वाले आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप और टेस्ट चैंपियनशिप से भी बाहर हो सकता है."
पाकिस्तान के न खेलने से आईसीसी को भी नुक़सान है?
आईसीसी को भी पाकिस्तान के न खेलने से नुक़सान झेलने पड़ सकते हैं. कुछ महीने पहले ही आईसीसी ने पाकिस्तान में 2027 तक टीवी और डिजिटल राइट्स पीटीवी (पाकिस्तान टेलीविजन) और मायको को दिए.
लेकिन आईसीसी ने इस डील की रक़म सार्वजनिक नहीं की, अगर भविष्य में यह करार टूटता है तो आईसीसी का घाटा हो सकता है. हालांकि, यह कितना होगा, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है.
इसके अलावा, पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप नहीं खेलता है तो इसका सीधा असर आईसीसी की कमाई पर भी पड़ेगा. पाकिस्तान खेलता है तो भारत के साथ उसका मैच संभव है, जो सबसे ज़्यादा कमाई वाला आईसीसी इवेंट होता है.
ब्रॉडकास्टर्स और विज्ञापनदाताओं के लिए भारत-पाकिस्तान का मैच बहुत अहम होता है.
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने यूट्यूब चैनल द गेम प्लान पर कहा, "अगर पाकिस्तान वर्ल्ड कप नहीं खेलता, तो ब्रॉडकास्टर बहुत मुश्किल में पड़ जाएगा. अगर पाकिस्तान बाहर होता है, तो उसकी जगह कौन सी टीम लेगी? अगर भारत किसी दूसरी टीम के ख़िलाफ़ खेलता है, तो क्या उस मैच को उतने ही लोग देखेंगे जितने इंडिया-पाकिस्तान मैच को देखते हैं?"
फ़ेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफ़आईसीसीआई) के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में भारत-पाकिस्तान मैचों से अनुमानित 10,000 करोड़ रुपये (1.3 अरब डॉलर) का राजस्व प्राप्त हुआ है.
नीरू भाटिया कहती हैं, "आईसीसी को नुक़सान होना भी स्वाभाविक है. भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले में मैच फुल सेल आउट होता है. बड़ी संख्या में टिकट बिकते हैं. टीवी पर मिलने वाले भारी-भरकम विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप में भी घाटा होता है."
नहीं खेलने का जोखिम उठाएगा पाकिस्तान?
सवाल यह उठता है कि तमाम नुक़सान को देखते हुए क्या पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर रहने का जोखिम उठाएगा?
नेशनल हेराल्ड से बात करते हुए पीसीबी के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया, " बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है और आईसीसी की कठोरता से हम निराश हैं, लेकिन विश्व कप न खेलने का सवाल ही नहीं उठता."
उन्होंने आगे कहा, "हम आईसीसी मेंबर्स प्लेइंग एग्रीमेंट (एमपीए) से बंधे हैं और पिछले साल बीसीसीआई के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें 2027 तक सभी आईसीसी इवेंट्स के लिए हाइब्रिड मॉडल पर आईसीसी की मुहर लगी हुई है. फिलहाल इससे हटने का कोई कारण नहीं है."
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान वसीम अकरम टूर्नामेंट बहिष्कार करने के विचार से असहमत हैं.
उन्होंने कहा, "बांग्लादेश के न खेलने की वजह से पाकिस्तान टी-20 विश्व कप का बहिष्कार क्यों करना चाहता है? बांग्लादेश ने पाकिस्तान क्रिकेट के लिए क्या किया है? मुझे इसका कोई मतलब नहीं दिखता. पाकिस्तान क्रिकेट को खुद पर ध्यान देना चाहिए. खेल पर ध्यान केंद्रित करें और विश्व कप जीतने की कोशिश करें."
वरिष्ठ खेल पत्रकार नीरू भाटिया कहती हैं कि पाकिस्तान फिलहाल टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने का जोखिम नहीं उठा सकता.
उनके अनुसार, "आईसीसी इवेंट्स का हिस्सा बनने पर पार्टिसिपेशन फ़ीस मिलती है, जो पीसीबी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. पाकिस्तान में होने वाले घरेलू मैचों में भी कई देशों की टीम नहीं आती हैं, इस कारण आईसीसी उसके लिए बड़ा इवेंट है."
"पाकिस्तान जोखिम लेता हो तो भी आईसीसी में उसकी स्थिति काफ़ी कमज़ोर पड़ सकती है, क्योंकि शायद ही दूसरा कोई मेंबर उसके समर्थन में उतरेगा."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.