सर्दियों में एड़ियां इतनी क्यों फटती हैं और इन्हें कैसे ठीक रखा जाए

    • Author, पारा पड्डैय्या
    • पदनाम, बीबीसी तेलुगु

सर्दियों में ठंडी हवाओं के कारण बच्चों में होंठ फटने और बड़ों में एड़ियां फटने जैसी समस्याएं आम हैं.

यूं तो एड़ियों में दरारें सामान्य समस्या है, लेकिन अगर ध्यान न दिया जाए तो यह दर्दनाक हो सकती हैं.

सर्दियों की ठंडी हवा जब फटी एड़ियों पर लगती है तो दर्द और बढ़ जाता है.

मगर पैरों की दरारों की समस्या सर्दियों में ही क्यों ज़्यादा होती है? इसकी वजह क्या है और इनसे बचने के लिए कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिएं?

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यह सर्दियों में क्यों होता है?

बीबीसी ने त्वचा विशेषज्ञ और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर शाहिना शफ़ीक़ से सर्दियों में फटे पैरों की दिक्कत के बारे में बात की.

उन्होंने कहा, "पैरों की त्वचा में तेल ग्रंथियां (ऑयल ग्लैंड) कम होती हैं. इससे वे स्वाभाविक रूप से सूखी रहती हैं. सर्दियों में ये तेल ग्रंथियां और भी निष्क्रिय हो जाती हैं. इससे एड़ियां फटने लगती हैं."

"जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, त्वचा अपनी लचीलापन खो देती है. शरीर में प्राकृतिक तौर पर तेल बनना कम हो जाता है. इससे त्वचा रूखी हो जाती है और इसके फटने की संभावना बढ़ जाती है. शरीर का वज़न पैरों और टखनों पर ज़्यादा दबाव डालता है. इससे पैरों की एड़ियों में दरारें पड़ सकती हैं."

त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर अयनम सत्यनारायण बताते हैं कि सोरायसिस, फंगल संक्रमण, एक्ज़िमा, मधुमेह और थायरॉइड रोग जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं भी पैरों की एड़ियों में दरार का कारण बन सकती हैं.

डॉक्टर सत्यनारायण के अनुसार ठंड के मौसम में लोग पानी कम पीते हैं, जिससे शरीर में नमी की कमी हो जाती है और एड़ियां फटने लगती हैं.

वह कहते हैं, "यदि आप नहाते समय अपनी एड़ियों को ठीक से साफ़ नहीं करते हैं, या नहाने के बाद उन्हें ठीक से नहीं सुखाते हैं, तो इससे उनमें दरारें पड़ सकती हैं."

दरारों की समस्या

फटी एड़ियों की त्वचा पर छाले पड़ जाते हैं और दर्द होने लगता है. यहां तक कि रात में लेटते समय बिस्तर की चादर एड़ी से टच हो जाए तो वह भी चुभ सकती है.

कई बार इस समस्या से परेशान लोग दूसरों के बीच जाने में असहज महसूस करते हैं.

डॉक्टर सत्यनारायण कहते हैं, "जो लोग मिट्टी में ज़्यादा चलते हैं, उन्हें यह समस्या ज़्यादा होती है. जिन लोगों को पहले से यह परेशानी है, वे सर्दियों में और ज़्यादा तकलीफ़ झेलते हैं. सर्दियों में फटी एड़ियों की वजह से महिलाएं ज़्यादा परेशान होती हैं. हो सकता है कि ये दरारें बड़ी समस्या न लगें, लेकिन इनसे पैरों में बहुत दर्द होता है."

ठंड के कारण लोग गर्म पानी से नहाते हैं, जिससे त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है. इसी वजह से त्वचा पर दरारें पड़ जाती हैं.

डॉक्टर सत्यनारायण ने सर्दियों के दौरान अधिक पानी पीने की सलाह दी.

डॉक्टर सत्यनारायण कहते हैं, "वातावरण में ठंडी हवा शरीर की नमी को सुखा देती है, जिससे त्वचा कमज़ोर हो जाती है. शरीर में विटामिन ए, सी और डी की कमी से भी त्वचा फटने लगती है."

"त्वचा सूखने से खुजली और दाने शुरू हो जाते हैं. खुजली के कारण जब हम खरोंचते हैं तो त्वचा की ऊपरी परत निकल जाती है और घाव हो जाते हैं. ठंडी हवा लगने पर इन घावों में जलन होती है. इसलिए सर्दियों में त्वचा की देखभाल पर ध्यान देना ज़रूरी है."

डॉक्टरों ने कहा कि यदि फटी हुई एड़ियों की देखभाल नहीं की गई तो समस्या और भी बदतर हो जाएगी.

क्या सावधानियां बरतें?

डॉक्टर शाहिना शफ़ीक़ का कहना है कि कुछ सावधानियां बरतकर फटी एड़ियों से राहत पाई जा सकती है.

वह सर्दियों के दौरान पैरों की सुरक्षा के लिए कुछ सुझाव देती हैं, जैसे:

  • अपने पैरों को रोज़ाना गर्म पानी से धोएं. नहाने के बाद पैरों पर लोशन, क्रीम या नारियल का तेल लगाएं. इससे त्वचा रूखी नहीं होगी.
  • सर्दियों में खूब पानी पीना अच्छा होता है. इससे त्वचा रूखी नहीं होगी.
  • अपने पैरों पर दिन में दो बार अच्छी गुणवत्ता वाला मॉइस्चराइजर लगाएं.
  • बुजुर्ग लोग और मधुमेह से पीड़ित लोग अपनी एड़ियों को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए रात में मोज़े पहन सकते हैं.

डॉक्टर सत्यनारायण कहते हैं कि गुनगुने पानी या हल्के गर्म पानी से स्नान करना अच्छा है. और भोजन में ओमेगा फैटी एसिड वाले बीज, मेवे और विटामिन सी से भरपूर फल शामिल करने चाहिए.

हालांकि, अगर दरारों से खून निकल रहा हो या पस आ रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

(नोट: यह लेख केवल सामान्य समझ के लिए है. यदि आपको कोई चिंता हो तो डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा है.)

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.