अमेरिका की कई जगहों पर दिख रहे 'रहस्यमयी ड्रोन्स' के बारे में अब तक क्या पता है?

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- Author, ब्रेंड डेबुस्मैन जूनियर
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, वॉशिंगटन
अमेरिका के न्यू जर्सी और अन्य राज्यों के आसमान में दिख रहे रहस्यमयी ड्रोन्स के कारण बीते एक महीने से यहां के लोगों में चिंता बढ़ गई है.
लोगों में नाराज़गी है और वो चर्चा कर रहे हैं कि आसमान में उड़ने वाली ये चीज़ क्या है और क्या ये वाक़ई ड्रोन्स ही हैं.
अमेरिकी अधिकारियों ने अब तक इस पर कोई पुख़्ता जवाब नहीं दिए हैं और उनका कहना है कि इन चीज़ों से आम लोगों और राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा नहीं है. इस मामले में व्हाइट हाउस को भी बयान देना पड़ा है.
गुरुवार को व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने संवाददाताओं से कहा कि फ़ोटो से पता चलता है कि ये ड्रोन वास्तव में मानवयुक्त विमान हैं.

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ये ड्रोन कहां देखे गए?
कुछ अमेरिकी सांसदों ने इस मामले में सरकार के रवैये और जनता को पर्याप्त जानकारी न देने के लिए सरकार की आलोचना की है.
इस मामले में अब तक जो जानकारी मिली है उसके बारे में पढ़िए-
न्यू जर्सी प्रशासन के मुताबिक़, 18 नवंबर के बाद से न्यू जर्सी में दर्जनों ड्रोन देखे गए हैं.
समाचार एजेंसी 'एसोसिएटेड प्रेस' के अनुसार, ड्रोन को सबसे पहले ररीटन नदी के पास देखा गया. यह नदी एक जलमार्ग है जो राउंड वैली रिज़र्वायर (न्यू जर्सी का सबसे बड़ा जलाशय) की तरफ़ जाती है.
जल्द ही ये ड्रोन न्यू जर्सी के तटीय इलाक़ों के साथ ही अन्य हिस्सों में देखे गए.
इनमें से कुछ विमान पिकाटिनी आर्सनल के पास देखे गए. यह एक संवेदनशील सैन्य रिसर्च सेंटर है.
साथ ही न्यू जर्सी के बेडमिन्स्टर में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गोल्फ़ कोर्स के पास भी इस तरह की चीजें देखी गईं.
अमेरिका में बीबीसी के सहयोगी सीबीएस न्यूज़ को एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि न्यूयॉर्क शहर के पास भी कुछ ड्रोन उड़ते हुए देखे गए हैं. ये ड्रोन 12 दिसंबर को ब्रॉन्क्स के ऊपर उड़ते देखे गए.
जिन अधिकारियों ने इस मामले में प्रतिक्रिया दी, उन्होंने बताया कि उन्हें ड्रोन उड़ते हुए दिखाई दिए, लेकिन जल्द ही ये गायब हो गए.
न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस के मुताबिक़ राज्य के दूसरे हिस्सों में भी ड्रोन देखे गए हैं.
कनेक्टिकेट में पुलिस ने भी पुष्टि की है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में "संदिग्ध ड्रोन गतिविधि" हुई है. ग्रोटन और न्यू लंदन के शहरों के आसपास एक ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम तैनात किया गया है.
मैरीलैंड में पूर्व रिपब्लिकन गवर्नर लैरी होगन ने दावा किया कि उन्होंने वॉशिंगटन डीसी से लगभग 25 मील (40 किलोमीटर) दूर डेविड्सनविल में अपने घर के ऊपर "दर्जनों" ड्रोन उड़ते देखे.
होगन ने एक्स पर लिखा, "इन ड्रोनों को देखने वाले कई लोगों की तरह मुझे भी नहीं पता कि हमारे आसमान में यह बढ़ती गतिविधि सार्वजनिक सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा है या नहीं."
"लेकिन सरकार की पारदर्शिता की कमी और उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण जनता में चिंता और निराशा बढ़ती जा रही है."
नवंबर के आख़िरी दिनों में अमेरिकी वायु सेना ने भी पुष्टि की कि यूनाइटेड किंगडम स्थित उनके तीन एयरबेस के ऊपर अज्ञात ड्रोन देखे गए. ये तीन एयरबेस हैं- आरएएफ़ लेकनहीथ, सूफ़ॉक स्थित आरएफ़ मिल्डेनहॉल और नोरफ़ॉक स्थित आरएएफ़ फ़ेल्टवेल.
यूके के रक्षा सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि उन्हें यह संदेह था कि इसके लिए कोई "सरकारी व्यक्ति" ज़िम्मेदार है.
अक्तूबर में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी यह ख़बर चलाई कि वर्जीनिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास 17 दिनों तक रहस्यमयी ड्रोन देखे गए.
ड्रोन्स के बारे में जांचकर्ताओं ने क्या बताया?
कई अमेरिकी एजेंसियों के अधिकारियों ने संवाददाताओं से बात करते हुए अमेरिकी लोगों को आश्वस्त किया कि इन ड्रोन्स के पीछे किसी भी विदेशी ताकत का हाथ नहीं है और न ही ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं.
अमेरिकी जांच एजेंसी एफ़बीआई के एक अधिकारी ने कहा, "मुझे लगता है कि इसको लेकर ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रियाएं आ रही हैं."
जनता की चिंता के बावजूद अधिकारियों का कहना था कि ड्रोन देखे जाने की घटना की जांच अभी जारी है.
डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) ने कहा, "हम यह समझ रहे हैं कि लोगों को क्यों चिंता हो रही है. इसीलिए हम इसकी जांच में अपने संसाधन लगा रहे हैं."
डीएचएस ने कहा, "साथ ही यह भी समझना ज़रूरी है कि हमारे पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ये सार्वजनिक सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं."
ये उड़ने वाली वस्तुएं क्या हैं?

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संघीय और स्टेट अथॉरिटी, दोनों ने कहा है कि उन्हें ये नहीं लगता कि ये ड्रोन ख़तरनाक थे और इनसे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किसी तरह का ख़तरा था.
11 दिसंबर को डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी के साथ ब्रीफ़िंग के बाद न्यू जर्सी असेंबली की सदस्य डॉन फैंटेसिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि इनका पता हेलीकॉप्टर और रेडियो जैसे पारंपरिक तरीकों से नहीं लगाया जा सकता.
फैंटेसिया ने कहा कि ड्रोन्स की चौड़ाई 6 फीट (1.8 मीटर) तक है. ये लाइट बंद करके चलते हैं और "समन्वित तरीके से काम करते हैं."
उनकी टिप्पणी व्हाइट हाउस के बयान से उलट है, जिसमें कहा गया कि ये "मानवयुक्त विमान" हैं.
एफ़बीआई और डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी ने भी कहा है कि ज़्यादातर ड्रोन क़ानूनी तौर से वैध और मानवयुक्त विमान जैसे दिखते हैं.
बयान में यह भी कहा गया कि इनमें से किसी भी ड्रोन के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में उड़ने की जानकारी नहीं मिली है.
इस मामले में फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफ़एए) ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि अधिक लोग ड्रोन को आसमान में उड़ते देख रहे हैं.
इसमें ये भी कहा गया कि ड्रोन को अधिकांश जगहों पर 400 फीट (121 मीटर) से नीचे उड़ाया जा सकता है, इन्हें एफ़एए की अनुमति के बगैर नियंत्रित हवाई क्षेत्र में नहीं उड़ाया जा सकता है.
ड्रोन कहां से आ रहे हैं?

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अगर इन वस्तुओं की पहचान ड्रोन के तौर पर की जाती है तो यह स्पष्ट नहीं है कि इन्हें कौन नियंत्रित कर रहा था.
न्यू जर्सी के रिपब्लिकन प्रतिनिधि जेफ़ वान ड्रू ने अज्ञात "सूत्रों" के हवाले से कहा कि अटलांटिक महासागर स्थित ईरान की एक "मदरशिप" से ड्रोन आ रहे हैं.
पेंटागन ने इन दावों को तुरंत ख़ारिज करते हुए कहा, "इस बात में कोई सच्चाई नहीं है."
रक्षा मंत्रालय की डिप्टी प्रवक्ता सबरीना सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "अमेरिका के तटीय क्षेत्र में कोई ईरानी जहाज़ नहीं है और अमेरिका की ओर ड्रोन लॉन्च करने वाला कोई तथाकथित मदरशिप भी नहीं है."
इलिनोय से डेमोक्रेट सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने मीडिया आउटलेट न्यूज़नेशन को बताया कि इसमें चीन के शामिल होने की "कम" संभावना है. कृष्णमूर्ति चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर नज़र रखने वाली कांग्रेस की समिति में हैं.
हालांकि उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से ये एक संभावना है कि चीन इन ड्रोनों के ज़रिए इकट्ठा किए गए डेटा का इस्तेमाल कर सकता है."
पेंटागन और व्हाइट हाउस दोनों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन वस्तुओं का कोई विदेशी स्रोत नहीं है.
वान ड्रू और अन्य सांसदों ने इन खंडनों को ख़ा रिज किया है.
वान ड्रू ने फॉक्स न्यूज़ से कहा, "उन्हें नहीं पता कि ये क्या है. उन्हें ये भी नहीं पता कि ये किसके बारे में है."
एक अन्य घटना में उत्तरी कैलिफ़ोर्निया के एक आदमी पर सैंटा बारबरा के नज़दीक स्थित वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस के ऊपर ड्रोन उड़ाने और उसकी तस्वीरें लेने का आरोप लगाया गया.
सरकारी के वकीलों के मुताबिक़ यह घटना कथित तौर पर 30 नवंबर को हुई.
39 साल के चीनी नागरिक यिनपियाओ झोउ को चीन जाने वाली फ़्लाइट पर चढ़ने से ठीक पहले गिरफ़्तार कर लिया गया. उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया गया और कोई दलील नहीं ली गई.
इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि यह घटना पूर्वी तट पर ड्रोन देखे जाने की घटनाओं से संबंधित है.
क्या इन ड्रोन्स को रोका जा सकता है?
कई सांसदों ने सुझाव दिया है कि ड्रोन को मार गिराया जाना चाहिए और उनके स्रोतों और उद्देश्यों का पता लगाना चाहिए.
इनमें अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हैं. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सरकार की जानकारी के बगैर ड्रोन नहीं उड़ सकते.
उन्होंने लिखा, "जनता को इसके बारे में अभी बताइए, नहीं तो उन्हें मार गिराइए."
अमेरिका की फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने बेडमिन्स्टर के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाते हुए उड़ानों पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाए हैं.
एफ़एए ने एक बयान में यह भी चेतावनी दी है कि असुरक्षित या ख़तरनाक संचालन करने वाले ड्रोन ऑपरेटरों को 75,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है. साथ ही उनके ड्रोन पायलट सर्टिफ़िकेट भी रद्द किए जा सकते हैं.
13 दिसंबर को प्रकाशित अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को लिखे एक पत्र में न्यू जर्सी के गवर्नर फ़िल मर्फ़ी ने संघीय एजेंसियों से इस रहस्य को सुलझाने के लिए "एक साथ मिलकर काम करने" का आग्रह किया. साथ ही कांग्रेस पर स्थानीय कानूनी एजेंसियों के लिए ड्रोन-रोधी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए दबाव डाला.
कुछ निवासियों ने सुझाव दिया कि वो ख़ुद भी इन ड्रोन्स पर कार्रवाई कर सकते हैं. हालांकि ऐसा करने पर अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी दी है, क्योंकि ये अवैध है.
सोशल मीडिया पर ड्रोन के एक वीडियो पर एक आदमी ने टिप्पणी की, "एक बेहतरीन बंदूक का निशाना इस समस्या को सुलझा देगा."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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