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ज़मीनी ऑपरेशन से पहले इसराइली टैंक ग़ज़ा में घुसे, क्या हुआ हासिल?
इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ ने आख़िरकार ग़ज़ा में प्रवेश कर लिया है. सेना टैंकों पर सवार होकर ‘टार्गेटेड रेड’ को अंजाम दे रही है.
लेकिन ये नियमित ज़मीनी ऑपरेशन की शुरुआत नहीं है. इसराइली सेना ने कहा है कि ये छापे लड़ाई के अगले चरण की तैयारी हैं.
इस ग्रांउड ऑपरेशन से पहले इसराइली सेना ने पिछले 24 घंटों में हमास के ठिकानों पर 250 हवाई हमले किए हैं.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ग़ज़ा में इस वक़्त कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है.
ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि सात अक्टूबर से अब तक मरने वालों की संख्या 7,000 से अधिक हो चुकी है, जिनमें 2,900 बच्चे शामिल हैं.
इसराइल पर 7 अक्टूबर को हमास के हमले में 1400 लोग मारे गए थे. इसराइली सेना ने बंधकों के ताज़ा अपडेट जारी करते हुए कहा कि हमास के कब़्ज़े में 224 लोग हैं.
इसराइल के टार्गेटेड रेड का क्या अर्थ?
किसी भी सैन्य अभियान में ज़मीनी कार्रवाई से पहले लक्षित छापे एक नियमित सी बात है. इसमें सैनिक ज़मीनी स्थिति का आंकलन करते हैं और प्रतिद्वंद्वी की सुरक्षा को कमज़ोर करने का प्रयास करते हैं.
इसराइली सेना द्वारा जारी की गई तस्वीरों में टैंक और बख्तरबंद बुलडोजर दिखाई दे रहे हैं.
इसराइल ने कहा कि ऑपरेशन के बाद सैनिक वापस लौट आए हैं. यह सब ज़मीनी संचालन के समय का अनुमान लगाने में मदद कर सकता है.
इस ज़मीनी ऑपरेशन के बाद इसराइली सेना ने कहा है कि ‘हम अगले चरण की तैयारी कर रहे हैं.'
लेकिन नैरेटिव की लड़ाई जटिल भी है. बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार इसराइल यह दिखाना चाहता है कि ज़मीनी कार्रवाई तीन कारणों से होगी:
- सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल ऊंचा रहे
- इसराइली लोगों को ये बताने के लिए कि हमास पर जल्द ही एक बड़ा हमला होगा
- लगभग 224 बंधकों की रिहाई के लिए हमास पर दवाब बनाए रखा जाएगा
बाड़ तोड़ते बुलडोजर और टैंक
कल रात ऐसे संकेत मिले थे कि ग़ज़ा की सीमाओं पर झड़पें हुई हैं. इसराइली सेना ने एक ड्रोन वीडियो जारी किया है जिसमें 'डी-नाइन' नाम के बुलडोजर देखे जा सकते हैं.
इसराइल ने कहा कि ज़मीनी ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी और यह एक प्रारंभिक हमला था.
इसराइली सेना के प्रवक्ता डेनियन हगारी ने इस बारे में और जानकारी साझा की है. उन्होंने कहा कि मिशन कई घंटों तक चली और इसराइली सेना में कोई भी इस दौरान घायल नहीं हुआ.
प्रवक्ता ने कहा, "इस रेड के ज़रिए हमने आतंकवादियों को मारा, ख़तरों का अंत किया, बारूदी सुरंगों को नष्ट किया और घात लगा कर हमले करने की योजनाओं को विफल किया."
इससे इसराइली लोगों को यह संदेश भी गया कि जल्द ही कुछ होने वाला है. यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई लोग यह सवाल पूछ रहे हैं, 'क्या हम हमास के हमले का जवाब देने जा रहे हैं?’
अक्टूबर की हत्याओं से इसराइली लोग सदमे में हैं. पूरा देश इस मत से सहमत दिखता है कि हमास उन सभी का दुश्मन है और उसे रास्ते से हटाया जाना चाहिए.
लेकिन असली सवाल है कि ये कब और कैसे संभव होगा?
इस सवाल पर कई जवाब हैं.
ग़ज़ा में अग़वा किए गए लोगों में से हमास ने चार बंधकों की रिहा कर दिया है. क़तर अन्य 50 लोगों की रिहाई में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है.
ज़ाहिर तौर पर इसी वजह से ग्राउंड ऑपरेशन में देर हो रही है और इसराइल के लिए इस मामले में जल्दबाजी करना ज़रूरी नहीं है.
नेतन्याहू को लेकर घरेलू आक्रोश
खुद नेतन्याहू के लिए युद्ध की स्थिति में देश का नेतृत्व करना एक तनावपूर्ण काम साबित हो रहा है. इस बात का अतिरिक्त दबाव है कि वह युद्ध से पहले से ही एक विभाजित देश का नेतृत्व कर रहे हैं.
हालाँकि इसराइली जनता एक झंडे के नीचे एकजुट होकर हमास का नामोनिशान मिटाने पर सहमत है, फिर भी लोग बिन्यामिन नेतन्याहू के पीछे पूरी तरह से खड़े नहीं दिख रहे हैं.
हालांकि नेतन्याहू के कुछ मुरीद जरूर हैं. इसराइल में कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि नेतन्याहू संघर्ष की जड़ हैं क्योंकि उन्होंने वैचारिक उद्देश्यों के लिए वेस्ट बैंक क्षेत्र में विभाजन पैदा किया है.
उनके ख़िलाफ भ्रष्टाचार का गंभीर मामला चल रहा है, जिसके बाद उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है.
नेतन्याहू के आलोचकों की राय में ये सब उनकी अपनी राजनीतिक सुरक्षा के लिए हो रहा है.
और ग़ज़ा में हस्तक्षेप इसराइल के लिए नहीं, बल्कि नेतन्याहू के हित में है.
बीबीसी संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर की राय
बीती रात को हुए इस सीमित हमले के कई मकसद थे. इनमें हमास की पोज़िशन का ख़ुफ़िया जायज़ा लेना, उनकी एंटी-टैंक फ़ाइरिंग पोस्ट को तबाह करना और अंतिम ज़मीनी हमले के लिए रास्ता तैयार करना शामिल है.
लेकिन यहाँ इसराइली जनता के लिए भी एक मैसेज है.
हमास के खुलेआम हमले के बाद ख़ुफ़िया तंत्र और सुरक्षा विफलता पर हुई भारी आलोचना हुई थी. इसके बाद से ही इसराइली सरकार भारी दवाब में थी.
इसलिए सरकार अब हमास के ख़िलाफ़ निर्णायक जंग लड़ने की तैयारी में है.
कई हफ़्तों से सैकड़ों टैंक ग़ज़ा की सीमा पर तैयार खड़े हैं.
लेकिन कई वजहों से ये सरहद पार नहीं कर रहे हैं. इनमें से प्रमुख 200 अपह्रत लोगों की सुरक्षा. इन सभी को छुड़ाने के लिए बातचीत जारी है.
इसके अलावा अमेरिका ने इसराइल को चेतावनी दी है कि ज़मीनी हमले में दोनों पक्षो को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
इसके अलावा अमेरिका को भी मध्य-पूर्व में अपने एयर डिफ़ेंस सिस्टम को तैनात करने के लिए थोड़ा वक़्त चाहिए.
अमेरिका को आशंका है कि इसराइल के गज़ा में घुसने के बाद ईरान समर्थित मिलिटेंट ड्रोन के ज़रिए हमले कर सकते हैं.
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