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कोहली ने आईपीएल ट्रॉफ़ी का सेहरा गेल और डिविलियर्स के सिर क्यों बांधा?
- Author, अभिजीत श्रीवास्तव
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
18 साल, 275 मुक़ाबले और 4 फ़ाइनल खेलने के बाद बेंगलुरु के फ़ैन्स के लिए वो क्लाइमेक्स आ ही गया, जब जर्सी नंबर-18 पहने उनके किंग कोहली आंखों में चमक लिए, हाथों की मुट्ठियां भींचते, स्टेज पर चमचमाती आईपीएल-18 की ट्रॉफ़ी को चूमते नज़र आए.
उनकी टीम के अलावा स्टेज पर दो ऐसे पूर्व क्रिकेटर भी मौजूद थे जो आरसीबी की शान रहे हैं. उन्हें क्रिकेट से संन्यास लिए कई वर्ष हो गए पर आज भी आईपीएल के कई रिकॉर्ड्स उनके नाम दर्ज हैं.
हम बात कर रहे हैं 'यूनिवर्स बॉस' और 'मिस्टर 360' के उपनामों से विख्यात क्रिकेटर्स क्रिस गेल और एबी डिविलियर्स की.
बीती रात आरसीबी जैसे ही यह फ़ाइनल जीती, बाउंड्री लाइन से बाहर खड़े इसके पूर्व क्रिकेटर एबी डिविलियर्स दौड़ते हुए मैदान में आकर विराट कोहली से लिपट गए, क्रिस गेल भी आए.
लंबे वर्षों से चली आ रही आरसीबी की तपस्या के ये दोनों भी शामिल रहे हैं.
कोहली ने इन दोनों से गले मिलते हुए कहा, "यह कप जितना मेरा है उतना ही आप दोनों का भी है."
हो भी क्यों नहीं, गेल ने आरसीबी के लिए 248 छक्कों समेत 3163 रन तो डिविलियर्स ने 237 छक्कों समेत 4491 रन जो बनाए हैं.
विराट ने इन दोनों खिलाड़ियों के साथ मिलकर आरसीबी को कई यादगार जीत दिलाई हैं.
गेल और डिविलियर्स 2011 और 2016 में आरसीबी की उस टीम में थे जो फ़ाइनल तक पहुंची थी.
बेशक फ़्रेंचाइज़ी के सबसे महान क्रिकेटर्स की लिस्ट में कोहली का नाम सबसे ऊपर होगा, लेकिन इस सूची में कोहली के ठीक बाद गेल और डिविलियर्स के नाम पर भी कोई दो राय नहीं होगी.
कोहली ने कहा, "जो इन्होंने फ़्रेंचाइज़ी के लिए किया वो बहुत ही ज़बरदस्त रहा है. ये जीत जितनी मेरी है उतनी इनकी भी है. हम ट्रॉफ़ी उठाने का जश्न साथ मनाएंगे. क्योंकि इन्होंने जो आरसीबी के लिए किया वो बहुत ख़ास है. (डिविलियर्स की ओर इशारा करते हुए) इन्हें सबसे अधिक 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' मिले हैं. ये बताता है कि इस टीम में, इस लीग पर और एक शख़्स के रूप में मेरे लिए इनका कितना महत्व रहा है."
इसके बाद जब रजत पाटीदार ट्रॉफ़ी हासिल कर टीम के साथ सेलिब्रेट कर लेते हैं, तो कोहली, गेल और डिविलियर्स को भी मंच पर बुलाते हैं.
उनके साथ ट्रॉफ़ी उठा कर जीत का जश्न मनाते हैं.
कोहली के लिए डिविलियर्स और गेल के मायने
कोहली ने मैच के बाद ब्रॉडकास्टर्स के साथ बात की और उस दौरान डिविलियर्स और गेल उनके साथ थे.
इस दौरान कोहली ने 'अंतिम ओवर की पहली दो गेंदों पर रन नहीं बन पाने और (पंजाब को) जीत के लिए कम से कम पांच छक्कों की ज़रूरत', के उस पल के बारे में बात की.
कोहली ने डिविलियर्स से कहा, "अरे यार, आपको पता है आखिरी दो ओवरों में बाउंड्री लाइन के बाहर आपका खड़ा रहना सबसे ख़ास था. जब हॉफ़ (हेज़लवुड) ने दूसरी गेंद डाली और उस पर छक्का नहीं पड़ा, तब उन्हें (पंजाब को) जीतने के लिए पांच छक्कों की ज़रूरत थी. मैं पूरी तरह से गुम हो गया. मुझे नहीं पता कि अंतिम तीन गेंदों के दौरान मैंने अपने आंसू कैसे रोके. पर आप जानते हैं कि कैसा लगता है. और आप (क्रिस गेल) भी जानते हैं कि कैसा लगता है."
तभी गेल ने कहा, "अरे यार 18 साल! वाह! क्या लकी नंबर है यार. आपको पता है मैं क्या...? मैं आपके और फ़्रेंचाइज़ी दोनों के लिए बहुत ख़ुश हूं."
'यह ट्रॉफ़ी जितनी मेरी, उतनी इन दोनों की भी'
गेल की बात को बीच में ही काटते हुए विराट कोहली ने यह कह कर अपनी बात ख़त्म की कि यह ट्रॉफ़ी जितनी मेरी है उतनी ही गेल और डिविलियर्स की भी है.
विराट ने कहा, "अब जब आज यह जीत मिली है और ये दोनों यहां मौजूद हैं तो यह 10 गुना ख़ास मौक़ा बन गया है. और ईमानदारी से कहूं तो ये (ट्राफ़ी) जितनी मेरी है उतनी ही उनकी भी है. क्योंकि जब ये दोनों बेंगलुरु आते हैं तो सिर्फ़ मैं ही उनसे नहीं जुड़ता. आप देख सकते हैं कि लोग इन्हें कितना प्यार करते हैं. और इन्हें यहां देख कर पूरी तरह से क्रेजी हो जाते हैं क्योंकि उन्हें पता है और वो इस बात की प्रशंसा करते हैं कि ये दोनों जब तक यहां खेले, पूरे दिलो जान से खेले. तो वो भी इसके उतने ही हक़दार हैं, जितना मैं."
क्रिस गेल और डिविलियर्स की आईपीएल पर अमिट छाप
एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अलावा अन्य टीमों के लिए भी योगदान दिया है. लेकिन सबसे अधिक मैचों में वो आरसीबी के लिए ही खेले.
इस दौरान दोनों विस्फ़ोटक बल्लेबाज़ों ने खूब रन बटोरे और बहुत से रिकॉर्ड बनाए. उनमें से कुछ आज भी कायम हैं.
क्रिस गेल ने आरसीबी के 2011 में फ़ाइनल तक के अभियान में बड़ा योगदान दिया था. तब उन्होंने 608 रन जमा कर ऑरेंज कैप हासिल की थी.
2013 में विराट कोहली की कप्तानी में क्रिस गेल ने पुणे वॉरियर्स के ख़िलाफ़ नाबाद 175 रनों की जो पारी खेली थी वो उन सब को याद है जिन्होंने उसे देखा था.
तब गेल ने 30 गेंदों पर सबसे तेज़ शतक, नाबाद 175 रनों की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी, एक पारी में सबसे अधिक 17 छक्के, जैसे कई रिकॉर्ड बनाए थे. 12 साल बाद भी ये रिकॉर्ड्स कायम हैं.
इतना ही नहीं, सबसे तेज़ चार हज़ार रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हों या एक सीज़न में सर्वाधिक 59 छक्के या आईपीएल करियर में सर्वाधिक 355 छक्कों का रिकॉर्ड. ये गेल के नाम पर आज भी मौजूद हैं. वो छक्कों के बादशाह थे. ख़ुद का ही रिकॉर्ड तोड़ते रहे या यूँ कहें कि उन्हें बेहतर करते रहे.
वहीं, एबी डिविलियर्स एक सीज़न में बतौर ओवरसीज़ नॉन ओपनर सबसे अधिक रन बनाने वाले बैटर हैं. 2016 में उन्होंने 687 रन बनाए थे.
उन्होंने कई अद्भुत पारियां खेलीं और आरसीबी को कई मैच अपने दम पर जिताए. विराट कोहली के साथ डिविलियर्स ने पांच बार 100+ की साझेदारी तो दो बार 200+ की साझेदारी निभाई.
कोहली बोले- हम दो बार जीतने के बहुत क़रीब थे
मैच के बाद विराट ने जिस तरह इन दोनों विस्फ़ोटक बल्लेबाज़ों के साथ अपनी इस जीत को साझा किया उसके पीछे उनकी वो कभी न भूलने वाली पारियां हैं जिनकी अमिट छाप न केवल विराट बल्कि क्रिकेट के प्रशंसकों के जेहन में बसी हैं.
विराट बोले, "आप जानते हैं, इन दोनों के साथ इस पल को शेयर करना इतना ख़ास क्यों है, क्योंकि मैंने अपने आईपीएल क्रिकेट के सबसे प्रमुख समय इनके साथ शेयर किए हैं. और मैं जानता हूं कि हमने इसे जीतने की कितनी कोशिशें साथ की हैं. हम कम से कम दो बार (2011 और 2016 में) इसे जीतने के बहुत क़रीब थे. तब हमारी टीम में एक से एक विस्फ़ोटक (बल्लेबाज़) थे. पर हम जीत की आखिरी बाधा को कभी पार नहीं कर पाए."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित