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बृजभूषण सिंह ने नहीं किया यौन शोषण, महिला पहलवान के पिता ने बदला बयान- प्रेस रिव्यू
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे पहलवानों वाले मामले में एक बड़ा ट्विस्ट आया है.
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार, बृजभूषण के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाली नाबालिग़ महिला पहलवान के पिता ने कहा है कि उन्होंने और उनकी बेटी ने बृजभूषण के ख़िलाफ़ “कुछ ग़लत आरोप लगाए” थे.
बृजभूषण शरण पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. नाबालिग़ पहलवान की शिकायत पर उनके ख़िलाफ़ पोक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.
पांच जून महिला के पहलवान के पिता ने मजिस्ट्रेट के सामने नया बयान दर्ज कराया है.
इस बारे में अख़बार के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत में महिला के पिता ने बताया है कि कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ने उनकी बेटी का यौन शोषण नहीं किया है बल्कि उनका रुख़ “थोड़ा-बहुत उनकी बेटी के ख़िलाफ़ था.“
उन्होंने कहा कि बृजभूषण के ख़िलाफ़ यौन शोषण के आरोप उन्होंने “गुस्से में लगाया था“ क्योंकि उनकी बेटी बीते साल एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल का मैच हार गई थी.
उन्होंने कहा कि पहले दी गई शिकायत वो वापिस नहीं ले रहे हैं बल्कि उन्होंने अपना नया बयान दर्ज कराया है.
उन्होंने अख़बार से कहा, "मैच ड्यूटी के दिन पूरा स्टाफ़ दिल्ली का था और मेरी बेटी के ख़िलाफ़ जो महिला रिंग में थी वो भी दिल्ली की थी, जो कि ग़ैर-क़ानूनी है. मैंने अपना बयान बदला है. कुछ आरोप सही हैं कुछ ग़लत हैं. बृजभूषण ने मेरी बेटी का यौन शौषण नहीं किया बल्कि उनका रुख़ उसके ख़िलाफ़ था.... मुझे धमकी भरे फ़ोनकॉल्स आए थे लेकिन मैं उनके नाम नहीं ज़ाहिर कर सकता. बिना किसी व्यक्ति के दबाव में मैंने अपना बयान फिर से दर्ज कराया है."
स्थगित होगा प्रदर्शन
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तरी की मांग कर रहे पहलवानों ने खेलमंत्री से मुलाक़ात करने के बाद अपना प्रदर्शन स्थगित करने का फ़ैसला किया है.
अख़बार जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार 23 अप्रैल से बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने बुधवार को खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाक़ात की.
दोनों पक्षों के बीच छह घंटे तक बातचीत चली जिसके बाद जिसके बाद पहलवानों ने प्रदर्शन स्थगित करने पर सहमति जताई है.
इस बैठक में शामिल हुए ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने कहा कि सरकार के अनुरोध पर उन्होंने 15 जून तक प्रदर्शन स्थगित करने का फ़ैसला किया है लेकिन उनका आंदोलन अभी ख़त्म नहीं हुआ है.
वहीं खेल मंत्री ने कहा है कि पहलवानों के आरापों की जांच कर के बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ आरोपपत्र 15 जून तक दाखिल हो जाएगा.
हालांकि टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने जानकारी दी है कि शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह के साथ बजरंग पूनिया की बातचीत के बाद खिलाड़ियों ने बुधवार को अनुराग ठाकुर से मुलाक़ात की थी.
अख़बार लिखता है कि छह घंटे की बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग पर बातचीत नहीं हुई.
अख़बार लिखता है कि सरकार ने कहा है कि कुश्ती महासंघ के लिए चुनाव 30 जून को करवाए जाएंगे और इन्हें पारदर्शी तरीक़े से करवाए जाएंगे.
साथ ही सरकार ने पहलवानों को आश्वासन दिया है कि 28 मई को संसद की तरफ किए गए मार्च को लेकरप पहलवानों के ख़िलाफ़ जो एफ़आईआर दर्ज कराई गई है उसे वापिस ले लिया जाएगा.
मोदी के अमेरिका दौरे से पहले इस अहम बैठक की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी के आगामी अमेरिका दौरे से दो सप्ताह पहले भारत और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच 'स्ट्रैटिजिक ट्रेड डायलॉग' के पहले दौर की बातचीत हुई है.
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार, मंगलवार को वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका स्ट्रैटिजिक ट्रेड डायलॉग (आईयूएसएसटीडी) की पहली बैठक हुई, जिसमें रणनीतिक तौर पर अहम तकनीक और मौजूदा हालात में अमेरिकी निर्यात से जुड़े मौजूदा नियमों के बारे में चर्चा की गई.
बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने किया जबकि अमेरिका की तरफ़ से प्रतिनिधित्व राजनीतिक मामलों की अवर सचिव विक्टोरिया नूलैंड और उद्योग और सुरक्षा मामलों के वाणिज्य विभाग के अवर सचिव एलेन एस्तेवेज़ ने किया.
इसी साल मार्च में अपने दिल्ली दौरे के दौरान अमेरिकी वाणिज्य मंत्री गीना रयामोन्डो ने इस नए डायलॉग प्रक्रिया को शुरू किया था.
अख़बार लिखता है कि बैठक के बाद जारी बयान में भारत ने कहा कि ये डायलॉग "सेमिकंडक्टर, स्पेस, टेलिकॉम, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफ़िश्यल इंटेलिजेंस, रक्षा मामलों और बायोटेक जैसे रणनीतिक तौर पर अहम मानी जानी वाली तकनीक के विकास और व्यापार के मामलों में आगे बढ़ने में दोनों देशों की मदद करेगा."
बयान में कहा गया है कि बैठक में "इन तकनीक से जुड़े सप्लाई चेन को मज़बूत करने के लिए" द्विपक्षीय व्यापार से जुड़े नियमों की समीक्षा की गई. साथ ही आने वाले वक़्त में इस तरह के तकनीक के आदान-प्रदान को भी आगे बढ़ाने पर बात हुई.
इसी ख़बर पर द हिंदू लिखता है, इस बात पर सहमति बन गई है कि डायलॉग जारी रखने के लिए दोनों देश एक ख़ास वर्किंग ग्रूप बनाएंगे और उसके काम की निगरानी भी करेंगे.
मिस्र जा सकते हैं मोदी
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक और ख़बर में कहा गया है कि 24 जून को अपना अमेरिका दौरा ख़त्म करने के बाद, लौटते वक्त प्रधानमंत्री मोदी मिस्र जा सकते हैं.
अख़बार लिखता है कि अब तक इसी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगर मोदी मिस्र पहुंचे तो 2014 में प्रधानमंत्री के बाद ये उनका पहला मिस्र दौरा होगा.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सतत उर्जा से लेकर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर बातचीत के लिए मोदी मिस्र जा सकते हैं.
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी ने बतौर मुख्य अतिथि इस साल के गणतंत्र दिवस में शिरकत की थी. इससे पहले वो अक्तूबर 2015 में इंडिया-अफ्रीका फोरम की बैठक के लिए और फिर सितंबर 2016 में अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत आए थे.
2020 में उनका एक और बार भारत आना था लेकिन कोविड महामारी के बाद उनका ये दौरा रद्द हो गया था. सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मज़बूती देने के इरादे से प्रधानमंत्री मोदी मिस्र में अल-सीसी से मुलाक़ात कर सकते हैं.
बीएसएनएल में फिर जान फूंकने की कोशिश
कैबिनेट ने बुधवार को 4जी और 5जी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल को क़रीब 89 हज़ार करोड़ रुपये का राहत पैकेज देने की मंज़ूरी दे दी है.
बिज़नेस स्टैंडर्ड में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार इस राहत पैकेज के बाद बीएसएनएल का ऑथोराइज़्ड कैपिटल यानी प्राधिकृत पूंजी अब बढ़ कर 1.5 ट्रिलियन रुपये से बढ़कर 2.1 ट्रिलियन रुपये हो गया है.
संचार मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस नए पैकेज की मदद से बीएसएनएल पूरे देश में 4जी और 5जी सेवाएं प्रदान कर सकेगा, साथ ही विभिन्न परियोजनाओं के तहत अब तक ऐसे ग्रामीण इलाक़ों में भी 4जी सेवाएं दे सकेगा जहां अब तक ये सेवाएं नहीं पहुंच सकी हैं.
हालांकि ये पहली बार नहीं है जब सरकार के घाटे में चल रही बीएसएनएल को राहत पैकेज दिया है. इससे पहले भारत सरकार ने अक्तूबर 2019 में बीएसएनएल को 69 हज़ार करोड़ रुपये और 2022 में 1.64 ट्रिलियन रुपये (इसका कुछ हिस्सा एमटीएनएल के लिए भी था) का पैकेज दिया था.
टेलिकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि इससे पहले दिए दो राहत पैकेज के साथ बीसएएनएल बेहद मुश्किल स्थिति से बाहर आ सका था, अब इस पैकेज के साथ बीएसएनएल ऐसी जगहों तक पहुंच सकेगा जहां अब तक निजी कंपनियां नहीं पहुंच पाई हैं.
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस पैकेज के साथ बीएसएनएल आने वाले तीन सालों में घाटे से बाहर निकल सकेगी.
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