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एलिना स्वितोलिना: नौ महीने की बेटी, देश में जंग और विंबलडन में जीत
एलिना स्वितोलिना विंबलडन के महिला सिंगल्स मुक़ाबलों के सेमीफ़ाइनल में पहुँच गई हैं.
ये ख़बर बिल्कुल आम होती पर स्वितोलिना की कोशिश तीन तरह से ख़ास हैं.
वह यूक्रेन से आती हैं और युद्ध के साये में बिना रुके टेनिस का प्रैक्टिस करती रही हैं.
दरअसल, जंग ने उन्हें और दृढ़ निश्चयी बनाया है. दूसरा वह नौ महीने पहले माँ बनी हैं और मैटरनटी ब्रेक के बाद बहुत कम अभ्यास कर पाई हैं.
तीसरी बात ये कि उन्होंने महिला टेनिस की वर्ल्ड नंबर वन खिलाड़ी इगा स्वियातेक को हराया है.
उन्होंने ये जीत 7-5 6-7 (5-7) 6-2 से हासिल की है.
जीत के बाद स्वितोलिना ने बताया कि उनके देश में चल रही जंग ने उन्हें मानसिक तौर मज़बूत बनाया है.
अक्तूबर में माँ बनने के बाद तीन महीने पहले ही स्वितोलिना ने टेनिस कोर्ट पर वापसी की और टूर्नामेंट की टॉप सीड हरा दिया.
स्वितोलिना ने कहा कि वो युद्ध की मार झेल रहे देशवासियों को जश्न का छोटा-मोटा अवसर देकर प्रसन्न हैं.
उन्होंने कहा, "दिमाग़ी तौर पर मैं मुश्किल हालात को कोई बड़ी मुसीबत नहीं मानती. जीवन में इससे आगे भी बड़ी मुसीबतें होती हैं. मेरे ख़्याल से युद्ध ने मुझे मानसिक रूप से बहुत मजबूत बनाया है.''
सेंटर कोर्ट पर ख़ूब तालियां बजीं
स्वितोलिना को मैच के दौरान विंबलडन के सेंटर कोर्ट में दर्शकों का भी भरपूर समर्थन मिला.
दर्शक कुछ माह महीने मां बनने वाली और रूस के हमला सहने वाले देश की खिलाड़ी के पक्ष खूब तालियां बजा रहे थे.
स्वितोलिना स्टैंड से मिले समर्थन से ख़ुश थीं. उन्हें इस बात की तो ख़ुशी है ही कि वे अप्रत्याशित तौर से एक बड़े टूर्नामेंट के फ़ाइनल में पहुँच गई हैं.
28 वर्षीय स्वितोलिना कहा, “मैंने इंटरनेट पर कई ऐसे वीडियो देखे हैं जिनमें बच्चे फ़ोन पर टेनिस देख रहे हैं. ऐसे वीडियो देखकर में दिल भावुक हो जाता है.”
स्वितोलिना इससे पहले 2019 में भी विंबलडन के सेमीफ़ाइनल में पहुँची थीं.
मैच के दौरान वो पिछड़ने के बाद भी मज़बूत बनी रहीं.
पहले सेट के दौरान बारिश से भी वे विचलित नहीं हुईं. मैच के दौरान बारिश की बूंदों की वजह से सेंटर कोर्ट की छत को बंद करना पड़ा था. इसकी वजह से मैच कुछ देर के लिए रुका भी था.
इस जीत के बाद उनकी रैंकिग 76 से बढ़कर 30 हो जाएगी.
स्वितोलिना ने कहा, “ मैं महिला टेनिस के टॉप पर पहुँचने के लिए काफ़ी प्रेरित महसूस कर रही हूँ. लेकिन घर पर नन्हा बच्चा और देश में युद्ध ने मुझे एक अलग क़िस्म का व्यक्ति बना दिया है. मैं अब जीवन के बारे में एक अलग ही नज़रिया रखती हूँ. मैं अब पहले की तुलना में काफ़ी शांत हूँ.”
आईसक्रीम या माँ का मैच?
और उनकी नन्ही बिटिया उन्हें कितना प्रेरित करती हैं? बेबी स्काई ने जब पहली बार अपनी माँ को टेलिविज़न पर टेनिस खेलते देखा तो उसकी क्या प्रतिक्रिया थी?
स्वितोलिना बताती हैं, "वो तो आइसक्रीम खाने में मशगूल थी. उसकी प्राथमिकता मैं नहीं थी. वो तो फ़िलहाल इस उम्र की है कि उसे मेरी हार या जीत से कोई फ़र्क नहीं पड़ता.”
स्वितोलिना की बिटिया को भले ही अपनी माँ के हारने से जीतने से फ़र्क न पड़ता हो पर मैच हारने वाली नंबर वन खिलाड़ी इगा स्वियातेक को तो फ़र्क पड़ता है.
हार के बाद स्वियातेक ने कहा कि अब वे अपनी दोस्त के ग्रैंड स्लैम जीतने की कामना करती हैं.
उन्होंने कहा, "मैंने कोर्ट पर उन्हें कहा कि अब उन्हें ये टूर्नामेंट जीत जाना चाहिए.
दरअसल दोनों खिलाड़ियों में दोस्ती है. इगा यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से ही अपनी कैप में पीला और नीला रिबन लगा कर रखती हैं. ये दोनों रंग यूक्रेन के झंडे में हैं.
स्वितोलिना और यूक्रेन से आए अन्य खिलाड़ियों का विंबलडन में इस बार ख़ास ख़्याल रखा जा रहा है. टूर्नामेंट का प्रबंधन उनके रहने-खाने का खर्चा और प्रैक्टिस के लिए कोर्ट मुहैया करवा रहा है.
स्वितोलिना ने कहा, “ मैं प्रबंधकों का धन्यावाद करती हूँ कि उन्होंने हमारा समर्थन किया है. मैं तो कहूँगी कि इंग्लैंड ने जो यूक्रेन के लिए किया है और कर रहा है वो अविश्वनीय है. हम तो इनका जितना अहसान जताए उतना कम है.”
अब सेमीफ़ाइनल में गुरुवार को स्वितोलिना का मुक़ाबला चेक रिपब्लिक की मार्केटा वॉन्डरूसोवा में है.
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