सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बोले- ईरान परमाणु हथियार हासिल करेगा तो हम भी करेंगे, भारत से समझौते पर भी टिप्पणी

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने कहा है कि अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल करता है तो सऊदी अरब भी ऐसा ही करेगा.

अमेरिकी न्यूज़ नेटवर्क फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने कहा, ''अगर ईरान परमाणु बम हासिल करता है तो हम भी हासिल करेंगे.''

फॉक्स न्यूज़ ने बुधवार को यह इंटरव्यू प्रसारित किया है. हालांकि ईरान इस बात से इनकार करता रहा है कि वह परमाणु हथियार बना रहा है.

फ़ॉक्स न्यूज़ ने मोहम्मद बिन सलमान से पूछा कि ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने की संभावना को कैसे देखते हैं और सऊदी अरब के लिए इसके क्या मायने हैं?

इस सवाल के जवाब में क्राउन प्रिंस ने कहा, ''कोई भी देश परमाणु हथियार हासिल करता है तो हम लोग चिंतित होते हैं. यह अच्छा नहीं है और एक ग़लत क़दम है."

"उन्हें परमाणु हथियार हासिल करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आप इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते. अगर कोई भी देश परमाणु हथियार इस्तेमाल करता है तो इसका मतलब यह हुआ कि वह बाक़ी की दुनिया से भी जंग कर रहा है."

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने कहा, ''आप इसलिए परमाणु हथियार हासिल करते हैं कि उसका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं और अगर इस्तेमाल करते हैं तो बाक़ी की दुनिया से भी जंग आपकी शुरू हो जाएगी.''

इसराइल के साथ संबंधों पर क्या बोले

इस इंटरव्यू में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने उन रिपोर्ट्स को भी ख़ारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने इसराइल से संबंध सामान्य करने की वार्ता रोक दी है. क्राउन प्रिंस ने कहा कि यह सच नहीं है.

मोहम्मद बिन सलमान ने इसराइल से रिश्ते सामान्य करने के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा, ''हर दिन हम क़रीब आ रहे हैं. यह पहली बार है जब चीज़ें गंभीर लग रही हैं. हमें देखना होगा कि आगे कैसे होता है.''

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने कहा कि उनका देश इसराइल के साथ काम कर सकता है और यह मायने नहीं रखता है कि वहाँ किसकी सरकार है.

क्राउन प्रिंस ने कहा कि इसराइल के साथ यह समझौता, शीत युद्ध के ख़त्म होने के बाद का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक समझौता होगा.

एमबीएस ने कहा कि सारे समझौते इस बात से जुड़े हैं कि फ़लस्तीनियों के साथ कैसा व्यवहार होता है.

सऊदी क्राउन प्रिंस ने कहा, ''अगर हमें एक ऐसे समझौते पर पहुँचने में कामयाबी मिलती है, जिससे फ़लस्तीनियों की जरूरतें पूरी होती हैं और इलाक़े में शांति आती है तो हम किसी के साथ भी काम करने को तैयार हैं. मैं इस मामले के अभी डिटेल में नहीं जाना चाहता हूँ लेकिन मैं ये चाहता हूँ कि फ़लस्तीनियों की ज़िंदगी अच्छी हो.''

भारत के साथ हुए समझौते पर क्या बोले क्राउन प्रिंस

इस महीने के दूसरे हफ़्ते में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस, नई दिल्ली जी-20 समिट में शामिल होने आए थे.

9 और 10 सितंबर को जी-20 समिट के दौरान ही मोहम्मद बिन सलमान ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरिडोर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

इस करार पर फॉक्स न्यूज़ ने क्राउन प्रिंस ने इंटरव्यू में सवाल किया था.

ब्राज़ील, रूस, इंडिया, चाइना और साउथ अफ़्रीका वाले गुट ब्रिक्स में सऊदी अरब के शामिल होने पर क्राउन प्रिंस ने कहा, ''यह कोई राजनीतिक गुट नहीं है. हमने जी-7 में भी शामिल होने की कोशिश की थी लेकिन कुछ देश अपनी शर्तों को थोपना चाहते थे. ब्रिक्स अमेरिका के ख़िलाफ़ नहीं है. इसका सबूत यह है कि अमेरिका के सहयोगी देश भी इस समूह में शामिल हैं.

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने 1990 के दशक में ओसामा बिन लादेन के हमलों और सऊदी अरब के ख़िलाफ़ उनकी योजनाओं पर भी बात की.

क्राउन प्रिंस ने कहा, ''ओसामा बिन लादेन अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सऊदी के लोगों को भर्ती करने में सक्षम था लेकिन यह काम नहीं आया क्योंकि वह व्यक्ति सऊदी अरब को ही नुक़सान पहुँचा रहा था. वह अमेरिका का भी दुश्मन था और हमारा भी."

'बाइडन से ख़ास संबंध'

क्राउन प्रिंस ने इस इंटरव्यू में अमेरिका के साथ संबंध के बारे में भी खुलकर बात की.

उन्होंने कहा, ''अमेरिका के साथ हमारी अहम सुरक्षा साझेदारी है. राष्ट्रपति जो बाइडन से ख़ास संबंध हैं. सऊदी अरब चाहता है कि अमेरिकी और विदेशी कंपनियां मध्य-पूर्व के सुरक्षित माहौल में निवेश करें."

"हम अमेरिकी हथियारों के पाँच बड़े ख़रीदारों में से एक हैं. सऊदी अरब, अमेरिका के बदले किसी और से हथियार ख़रीदे, यह उनके हित में नहीं है."

क्राउन प्रिंस ने कहा कि सऊदी की जीडीपी वृद्धि दर जी-20 देशों में सबसे ज़्यादा है.

मोहम्मद बिन सलमान ने कहा, ''सऊदी अरब बहुत बड़ा है, इसलिए मुझे भरोसा है कि दुनिया के ज़्यादातर देशों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सऊदी अरब से कुछ न कुछ लेना-देना है. हमारा नज़रिया बड़ा है और हम हर रोज़ हैरान होते हैं, जब हम अपने लक्ष्यों को तेजी से हासिल करते हैं और इस साल हमारी नॉन ऑइल ग्रोथ, जी20 देशों में सबसे तेज़ होगी.”

विदेशों में सऊदी अरब की छवि बदलने के लिए खेल और विदेशी टीमों में निवेश के आरोपों पर क्राउन प्रिंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने देश में खेल के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि की तारीफ़ की और कहा कि दुनिया भर की रुचि बढ़ने से देश की जीडीपी में इजाफा हुआ है.

क्राउन प्रिंस ने कहा, “अगर खेलों में पैसा लगाने से हमारी जीडीपी में एक प्रतिशत की भी बढ़ोतरी होगी तो मैं ऐसा करना जारी रखूंगा.

उन्होंने कहा, “मुझे परवाह नहीं है. खेल से जीडीपी में एक प्रतिशत की वृद्धि और डेढ़ प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य मैं रख रहा हूं. आप इसे जो भी कह लें, हम वह डेढ़ प्रतिशत हासिल करने जा रहे हैं.”

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