ग़ज़ा में अस्थाई युद्धविराम ख़त्म होने के क्या कारण थे?

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- Author, ओलिवर स्लो
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
शुक्रवार की सुबह इसराइल और हमास के बीच सात दिन तक चले युद्ध विराम के समाप्त होने के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई है.
संघर्ष विराम के दौरान दोनों ओर से बंधकों और कैदियों की रिहाई हुई और ग़ज़ा पट्टी में बहुत ज़रूरी मानवीय सहायता पहुंची.
ताज़ा घटनाक्रम को लेकर उठ रहे कुछ मुख्य सवालों पर आइए नज़र दौड़ाते हैं.
युद्ध विराम क्यों ख़त्म हुआ?
इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेस ने कहा है कि युद्ध विराम समाप्त होने के एक घंटा पहले ग़ज़ा पट्टी के क़रीब स्थित इसराइली इलाक़े में साइरन बज उठे और एक रॉकेट को इंटरसेप्ट किया गया.
एक घंटे बाद इसराइली सेना ने कहा कि लड़ाई फिर से शुरू हो गई है. उसने हमास पर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.
आईडीएफ़ ने कहा कि उसके लड़ाकू विमान ग़ज़ा पट्टी में हमास के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं.
इसके कुछ देर बाद ही इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि "हमास ने सभी महिला बंधकों को रिहा करने की प्रतिबद्धता को पूरा नहीं किया और इसराइली नागरिकों पर रॉकेट दागे."

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हमास ने इसराइल पर लगाया आरोप
हालांकि लड़ाई शुरू करने के लिए हमास ने इसराइल पर आरोप लगाए और कहा कि "उसने बंधकों की रिहाई के सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया."
हमास ने एक बयान में "ग़ज़ा पट्टी में ज़ायनिस्ट युद्ध अपराधों को जारी रखने" और "इसराइल को हरी झंडी" देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को दोषी ठहराया है और कहा है, "क़ब्जाधारियों ने आपराधिक आक्रामकता को फिर से बहाल करने का पहले ही फैसला ले रखा था."
एक सप्ताह तक चले युद्ध विराम के दौरान नेतन्याहू पर फिर से युद्ध शुरू करने का दबाव बढ़ गया था, ख़ासकर उनकी सरकार में शामिल दक्षिणपंथी तत्वों की ओर से. हालांकि इसराइल समझौता समाप्त होने के बाद ऐसा करने की मंशा लगातार ज़ाहिर कर रहा था.
इसके बावजूद, किसी नए समझौते पर बात बनने की अभी भी उम्मीद है.
युद्ध विराम को लेकर हुए समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ने शुक्रवार को कहा कि "अस्थाई युद्ध विराम के मक़सद से" वार्ता जारी थी.

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ग़ज़ा में क्या हालात हैं?
हमास प्रशासित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि लड़ाई शुरू होने के सात घंटों के अंदर ही 60 फ़लस्तीनी मारे गए और युद्ध शुरू होने से लेकर अबतक कुल 15,000 फ़लस्तीनी मारे गए हैं.
बमबारी शुरू होने के बाद दक्षिणी ग़ज़ा के एक अस्पताल से संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूनीसेफ़ के जेम्स एल्डर ने बीबीसी से बात की और वहां के "हालात" को भयावह बताया.
उन्होंने कहा कि यह "लोगों के लिए बहुत भयानक" था, "आप उनके चेहरे पर डर को देख सकते हैं." उन्होंने बताया कि उनके करीब ही एक इमारत को हवाई बमबारी से निशाना बनाया गया.
उन्होंने युद्ध विराम के ख़ात्मे को एक ऐसा "दुःस्वप्न" बताया जिसकी "सबके दिल में दहशत" है.
युद्ध विराम से पहले सात अक्टूबर को हुए हमास के घातक हमले के बाद इसराइल की विनाशकारी बमबारी में ग़ज़ा पट्टी में बड़े पैमाने पर विनाश हुआ.
इसराइल का दावा है कि उसने 10,000 से अधिक बम और मिसाइलों का इस्तेमाल किया और बीबीसी के विश्लेषण में पाया गया है कि ग़ज़ा में लगभग 98,000 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हो सकती हैं, जिनमें अधिकांश उत्तरी ग़ज़ा में हैं.
इस हमले ने मानवीय सहायता को भी रोक दिया है. अस्थाई युद्ध विराम के दौरान सहायता एजेंसियों ने महत्वपूर्ण मदद को लोगों तक पहुंचाया लेकिन जिन भी इलाक़ों में वे पहुंचे वहां पड़े पैमाने पर विनाश पाया.

आगे क्या होगा?
हालांकि अभी भी एक नए समझौते की उम्मीद में समझौता वार्ता जारी है, लेकिन अभी तो युद्ध फिर से लौट आया है.
ग़ज़ा पट्टी में हफ़्तों तक चली तीखी लड़ाई के बाद, ख़ासकर ग़ज़ा सिटी में, अब ऐसा लगता है कि इसराइली सेना अपना ध्यान दक्षिण की ओर केंद्रित कर रही है, जहां फिर से बमबारी की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं.
आईडीएफ़ ने ग़ज़ा का एक नक्शा बनाया है जिसमें उसे 2,000 ज़ोन में बांटा गया है. इसमें कहा गया है कि ग़ज़ा में भविष्य की लड़ाइयों से लोगों को बचाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा.
इसराइली सेना ने कहा कि नक्शे में इलाक़ों को इस तरह से बांटा गया है कि "ज़रूरत पड़ने पर लोगों को विशेष जगहों से निकाला जा सके."
शुक्रवार को ख़ान यूनिस के पूर्वी और उत्तरी इलाक़ों के ऊपर इसराइली विमानों ने पर्चे गिराए. यह दक्षिणी ग़ज़ा का सबसे बड़ा इलाक़ा है. इन पर्चों में ख़ास इमारतों को ज़िक्र नहीं किया गया था लेकिन अरबी में यहां के निवासियों को इलाक़े को तुरंत खाली करने और रफ़ाह के शरणार्थी शिविरों में जाने के लिए कहा गया था.
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के इसराइली अधिकारियों से मुलाक़ात के तुरंत बाद लड़ाई फिर से शुरू हुई. इस बैठक में ब्लिंकन ने इस बात को दुहराया कि युद्ध के अगले चरण में नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रखना होगा.
ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने इसराइली सरकार को कहा है कि उन्हें अब और सामूहिक फ़लस्तीनियों के विस्थापन और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाने से बचना होगा, जैसे कि अस्पताल, बिजली घर और पानी के टैंक.

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युद्धविराम के दौरान क्या हुआ?
सात दिनों तक चले अस्थाई युद्धविराम के दौरान हमास ग़ज़ा से 110 लोगों को रिहा करने पर राज़ी हुआ, जिनमें 78 इसराइली महिलाएं और बच्चे थे.
इस समझौते के तहत इसराइली जेलों से 240 फ़लस्तीनियों को रिहा किया गया. उन पर कई तरह के आरोप थे, पत्थर फेंकने से लेकर हत्या की कोशिश तक.
जिन फ़लस्तीनियों को रिहा किया गया उनमें से अधिकांश पर अपराध के लिए कोई सज़ा नहीं हुई थी और उन्हें बिना अदालती सुनवाई के रिमांड पर जेल में क़ैद करके रखा गया था. कुछ लोगों का कहना है कि सात अक्टूबर के हमले के बाद उन्हें टॉर्चर किया गया और सामूहिक सज़ा दी गई.
इसराइल का कहना है कि सभी कैदियों को क़ानून के अनुसार हिरासत में रखा गया था.
ऐसा अनुमान है कि ग़ज़ा में 140 इसराइली बंधकों को अभी भी रखा गया है.
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