ट्रंप के 26% टैरिफ़ लगाने पर भारत की पहली प्रतिक्रिया क्या रही?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 26% टैरिफ़ लगाने की घोषणा किए जाने के बाद भारत ने प्रतिक्रिया दे दी है.
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 'नए घटनाक्रम से होने वाले असर का आकलन किया जा रहा है और इससे प्रभावित होने वाले सभी पक्षों से सलाह मशविरा किया जा रहा है.'
मंत्रालय ने कहा है कि 'अमेरिकी व्यापार नीति में हुए नए बदलाव के कारण पैदा होने वाले नए अवसरों का भी अध्ययन किया जा रहा है.'
उधर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विदेश नीति के मामले में भारत सरकार के रुख़ की आलोचना करते हुए कहा कि 'अमेरिकी टैरिफ़ भारतीय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर देगा.'

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भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के बयान के अनुसार, "13 फ़रवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करते हुए 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के संकल्प की घोषणा की थी."
बयान में कहा गया है कि 'परस्पर लाभकारी बहुक्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत चल रही है. व्यापार और निवेश बढ़ाने, टेक्नोलॉजी ट्रांसफ़र जैसे मुद्दों पर भी वार्ता जारी है और आने वाले समय में हम इस पर आगे बढ़ेंगे.'
इस बीच गुरुवार को लोकसभा में बहस के दौरान राहुल गांधी ने कहा, "हमारे सहयोगी ने अचानक हम पर 26% टैरिफ़ लगाने का फ़ैसला किया, जो हमारी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर देगा, ऑटो इंडस्ट्री, फ़ार्मा इंडस्ट्री, कृषि...सब पर ख़तरा है."
उन्होंने बीजेपी सरकार पर अमेरिका के सामने 'झुकने' का आरोप लगाते हुए पूछा कि 'इस टैरिफ़ के बारे में आप क्या करने जा रहे हैं?'
हालांकि अन्य पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत पर लगा टैरिफ़ कम है और भारत के एक बड़े, फ़ार्मा सेक्टर, को टैरफ़ से छूट दी गई है.

100 देशों पर टैरिफ़ का एलान

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ट्रंप ने बुधवार को भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा की, जिसे 'डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़' का नाम दिया गया है.
व्हाइट हाउस ने लगभग 100 देशों की सूची जारी की है, जिन पर 'डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़' लगाया गया है.
हालांकि, इस सूची में ऐसे देश भी हैं, जिन पर उतना ही टैरिफ़ लगाया गया है जितना उन्होंने अमेरिका पर लगाया है. इसके अलावा 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ भी लगाया गया है.
टैरिफ़ की घोषणा करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति ने कहा, "आज लिबरेशन डे है, जिसका अमेरिका लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था."
उन्होंने कहा, "आज का दिन अमेरिकी उद्योग के पुनर्जन्म और अमेरिका के फिर से समृद्ध बनने के तौर पर याद किया जाएगा."
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका का फ़ायदा उठाया गया और उसे विदेशियों ने 'लूट' लिया है.
उन्होंने कहा, "हमारे टैक्स पेयर्स को 50 सालों से अधिक समय से ठगा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा."
डोनाल्ड ट्रंप ने यह टैरिफ़ एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए लागू किया है. ट्रंप के 'डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़' को 10 प्वॉइंट्स में समझिए.
1. भारत पर कितना टैरिफ़

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ट्रंप ने भारत पर 26 फ़ीसदी 'डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़' की घोषणा की है. व्हाइट हाउस के मुताबिक़, भारत अमेरिका पर 52 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाता है.
टैरिफ़ की घोषणा करते हुए अमेरिका राष्ट्रपति ने भारत का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री (मोदी) कुछ ही दिन पहले ही यहां से गए हैं और वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, पर मैंने उनसे कहा कि आप मेरे दोस्त हैं लेकिन आप हमारे साथ सही नहीं कर रहे."
ट्रंप ने कहा, "वे हमें 52 फ़ीसदी चार्ज कर रहे हैं. आप समझ रहे हैं.. इस लिहाज़ से हम उनसे लगभग ना के बराबर चार्ज कर रहे हैं...सालों और दशकों से."
2. कब से लागू होगा टैरिफ़
विदेशों में निर्मित सभी ऑटोमोबाइल्स पर 25 फीसदी का टैरिफ़ लगाया गया है, जो कि अमेरिकी समयानुसार आज रात (बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात) 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा.
इसके अलावा, सभी देशों पर 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार पांच अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा.
जबकि 10 फ़ीसदी से अधिक टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार 9 अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू होगा.
3. शेयर बाज़ार पर असर

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ट्रंप के 'डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़' से दुनिया भर में आर्थिक तौर पर उथल-पुथल मचने की आशंका जताई जा रही है.
टैरिफ़ की घोषणा के बाद एशिया-पैसिफ़िक देशों के शेयर बाज़ारों में गिरावट देखने को मिली है.
जापान के शेयर बाज़ार में चार फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ार में दो फ़ीसदी की गिरावट आई है.
उधर, ट्रंप के टैरिफ़ का असर सोने की कीमत पर भी देखने को मिला है. सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है.
4. 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ किन देशों पर?
ट्रंप के भाषण से पहले व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप सभी देशों पर 10 फ़ीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ लगाएंगे.
ट्रंप ने कुछ देशों पर बेसलाइन टैरिफ़ लगाया है, जबकि कुछ देशों पर इससे ज़्यादा टैरिफ़ लगाया गया है.
बेसलाइन टैरिफ़ का सामना करने वाले कुछ देश:
- ब्रिटेन
- सिंगापुर
- ब्राज़ील
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूज़ीलैंड
- तुर्की
- कोलंबिया
- अर्जेंटीना
- अल सेल्वाडोर
- संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)
- सऊदी अरब
5. सबसे ज़्यादा टैरिफ़ किन पर?
व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका लगभग 60 देशों पर स्पेसिफ़िक रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाएगा. यानी इन देशों पर सबसे अधिक टैरिफ़ लगाया गया है.
स्पेसिफ़िक रेसिप्रोकल टैरिफ़ का सामना करने वाले कुछ देश:
- यूरोपीय संघ (20%)
- चीन (34%)
- वियतनाम (46%)
- थाईलैंड (36%)
- जापान (24%)
- कंबोडिया (49%)
- दक्षिण अफ़्रीका (30%)
- ताइवान (32%)
6. कनाडा और मेक्सिको को राहत

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इन नई टैरिफ़ घोषणाओं में कनाडा और मेक्सिको का उल्लेख नहीं है.
व्हाइट हाउस ने कहा कि वे इन दोनों देशों के साथ पिछले आदेशों में निर्धारित किए गए ढांचे के तहत ही काम करेंगे.
उन आदेशों में कनाडा और मेक्सिको पर फेंटानिल और सरहद से जुड़े मुद्दों को वजह बताते हुए शुल्क लगाया गया था.
ट्रंप ने तब दोनों देशों पर 25% टैरिफ़ का एलान किया था लेकिन बाद में इसे कम किया था.
ट्रंप कनाडा और मेक्सिको पर शुल्क रोकने के लिए सहमत हुए.
7. ऑटो आयात पर 25% शुल्क
इसके अलावा, राष्ट्रपति ने घोषणा की कि अमेरिका विदेशों में निर्मित गाड़ियों पर 25% शुल्क लगा रहा है.
ये शुल्क लगभग तुरंत, तीन अप्रैल की आधी रात को लागू हो जाएंगे.
ट्रंप की इस घोषणा का सबसे बड़ा असर अमेरिकी कारों पर ही पड़ने वाला है. अमेरिका बड़ी संख्या में कारें आयात करता है और अब उनकी क़ीमत बढ़ जाएगी.
8. ये चीज़े होंगी अमेरिका में महंगी
अमेरिका में अब बीयर, व्हिस्की और टक़िला जैसे ड्रिंक्स भी महंगे हो जाएंगे. मेक्सिको से आने वाली मोडेलो और कोरोना जैसे बीयर के ब्रैंड अब अमेरिका में महंगे हो जाएंगे.
टैरिफ़ लगने के बाद एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में कई कारें 4,000 से 10,000 डॉलर तक महंगी हो जाएंगी.
ट्रंप ने यूरोपीय संघ से आने वाली शराब पर भी 200 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया है. इसकी वजह शैंपेन या जर्मन बीयर वगैहरा महंगे जाएंगे.
इसके अलावा ईंधन, मेपस सिरप, एवोकाडो आदि भी अब अमेरिका में महंगे बिकेंगे.
9. दुनिया के नेताओं की कैसी प्रतिक्रिया?

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इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी टैरिफ़ को 'गलत' बताया है और कहा है कि इससे व्यापार युद्ध छिड़ सकता है.
उन्होंने एक बयान में कहा, "हम अमेरिका से समझौता करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. इसका उद्देश्य उस व्यापार युद्ध को रोकना है जो पश्चिमी देशों को कमजोर करेगा."
इस बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि टैरिफ 'अप्रत्याशित नहीं' हैं, लेकिन वे 'पूरी तरह से अनुचित' हैं.
उन्होंने कहा, "टैरिफ की घोषणा का कोई तर्क नहीं है. ये ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के बीच साझेदारी के ख़िलाफ़ हैं.यह किसी दोस्त का काम नहीं है."
10. अमेरिका की चेतावनी - पलटवार करने के बारे में न सोचें

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अमेरिका ट्रेज़री सैक्रेटरी स्कॉट वेसेंट ने चेतावनी दी है कि टैरिफ़ के जवाब में कोई देश अमेरिका पर शुल्क की घोषणा न करे.
अमेरिकी न्यूज़ चैनल फॉक्स न्यूज़ को बेसेंट ने बताया, "सारे देशों को मेरी सलाह है कि वो पलटवार न करें. आराम से बैठें, देखते हैं आगे क्या होता है. लेकिन अगर आपने पलटवार किया तो ये बात बढ़ जाएगी."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
















