यूपी के तीन बाहुबलियों की पत्नियों की कहानी जो पति के अंतिम संस्कार में ना हो सकीं शामिल - प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, Getty Images
बीते गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी की बांदा की जेल में मौत हो गई. उन्हें बेहोशी की हालत में बांदा की जेल से अस्पताल लाया गया था जहां उन्हें मृत घोषित किया गया.
उनके परिवार का आरोप है कि अंसारी को जेल में धीरे असर करने वाला ज़हर देकर मारने की कोशिश की जा रही थी.
पांच बार विधायक रह चुके मुख़्तार अंसारी की पत्नी 30 मार्च को हुए अपने पति के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुईं.
अब अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने इस पर एक रिपोर्ट छापी है जिसके अनुसार, अफ़शां अंसारी उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में वॉन्टेड हैं.
उन पर नौ मुक़दमे हैं और 50 हज़ार रुपये का इनाम है. लेकिन अपने पति की अंतिम यात्रा से दूर रहने वाली वह अकेली नहीं हैं. यूपी में दो बाहुबली नेताओं की पत्नियों के साथ भी बीते साल ऐसा ही कुछ हुआ है.
बीते साल अप्रैल में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता अतीक़ अहमद और उनके भाई ख़ालिद अज़ीम उर्फ़ अशरफ़ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई तो उनकी पत्नियां भी अपने पति की अंतिम यात्रा से दूर रहीं.
अफ़शां ही नहीं उनके बड़े बेटे अब्बास अंसारी जो इस समय कासगंज की जेल में हैं वो भी अपने पिता के अंतिम समय में शामिल नहीं हो पाए. उन्होंने इलाबाहाद हाईकोर्ट में पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अर्ज़ी डाली थी लेकिन इस पर सुनवाई ही नहीं हो सकी.
अतीक़ अहमद की पत्नी हैं फ़रार

इमेज स्रोत, ANI
अब बात करते हैं अतीक़ अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की जिन पर 50 हज़ार का इनाम है. वहीं अशरफ़ की पत्नी ज़ैनब फ़ातिमा पर कोई इनाम नहीं है. दोनों को अब तक पुलिस खोज नहीं सकी है.
इन तीनों ही महिलाओं पर उन मामलों की साज़िश रचने का आरोप है जिनमें उनके पति शामिल थे. और शाइस्ता और अफ़शां पर पुलिस ने तब इनाम घोषित किया जब उन्हें खोजने में वो असफल होती रही.
मुख़्तार अंसारी के शव को बांदा से एम्बुलेंस में लाने के बाद उनके गृहनगर गाज़ीपुर ज़िले के मोहम्मदाबाद में दफ़नाया गया. उनके अंतिम संस्कार में उनके बेटे उमर अंसारी, भाई और ग़ाज़ीपुर के सांसद अफ़ज़ाल अंसारी और परिवार के अन्य सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस तैनाती की गई थी.
अफ़शां अंसारी के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत 2021 में मऊ के दक्षा टोला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था.पिछले साल अप्रैल में, राज्य पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों - सीबीआई और इमिग्रेशन डिपार्टमेंट को पत्र लिखकर अफशां के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस जारी करने की मांग की थी- पुलिस को शक था कि वो देश से बाहर जा सकती हैं.
अख़बार लिखता है कि 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अफ़शां, मुख्तार के बहनोई आतिफ़ रज़ा और अनवर शहज़ाद और अन्य की एक फर्म, विकास कंस्ट्रक्शन के ख़िलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया.
वहीं पुलिस शाइस्ता और ज़ैनब फातिमा को 24 फरवरी, 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में एक वकील उमेश पाल और उनके दो पुलिस बॉडीगार्ड की हत्या के मामले में खोज रही है. उमेश पाल साल 2005 में बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य गवाह थे, जिसमें अतीक़ और अशरफ़ मुख्य अभियुक्त थे.
इस मामले में शुरुआत में शाइस्ता पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने राशि बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी. पुलिस ने प्रयागराज के चकिया इलाके में स्थित उसके घर को भी गिरा दिया था.
पिछले साल, पुलिस ने कथित तौर पर अतीक के सहयोगी ज़फ़र अहमद के एक घर को ढहा दिया था, माना जा रहा था कि यहां शाइस्ता कथित तौर पर अपना घर गिराए जाने के बाद रह रही थीं. पुलिस ने कोर्ट से इजाज़त लेने के बाद पिछले साल दिसंबर में ज़ैनब फ़ातिमा के घर की कुर्की की थी.
बीते साल अगस्त में प्रयागराज पुलिस ने ज़ैनब, शाइस्ता और अतीक़ अहमद की बहन आएशा नूरी के ख़िलाफ़ एक नया केस दर्ज (आईपीसी के एक्ट 2 के सेक्शन 82 के तहत पेश ना होना) किया था.
चंदे में मिला पैसा इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम के कारण ट्रेस हो सका: मोदी

इमेज स्रोत, Getty Images
द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उन चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि इलेक्टोरोल बॉन्ड स्कीम से उनकी सरकार को झटका लगा है.
उन्होंने कहा कि कोई सिस्टम परफेक्ट नहीं होता, कमियों को सुधारा जा सकता है, जो लोग इस पर आज खुश हो रहे हैं उन्हें पछतावा होगा.
एक तमिल चैनल थांथी टीवी को दिए इंटरव्यू में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- “ मुझे बताएं कि हमने ऐसा क्या किया है कि मैं अपने लिए इसे एक झटके के रूप में देखूं? मेरा दृढ़ विश्वास है कि जो लोग इस पर (बॉन्ड) नाच रहे हैं और इस पर गर्व कर रहे हैं, वे पछताएंगे.”
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लाए हुए इलेक्टोरल बॉन्ड सिस्टम के कारण फंडिग के सोर्स का और ये किसे मिला ये पता चल पाया.
उन्होंने कहा, "अगर आज कोई इसका पता चला पाया है और ये डेटा उपलब्ध है, तो यह बॉन्ड के कारण हो पा रहा है."
उन्होंने पूछा कि क्या कोई एजेंसी साल 2014 से पहले के चुनावों के लिए फंडिंग के सोर्स और उनके लाभार्थियों के बारे में बता सकती है.
ओवैसी के साथ आई अपना दल (कमेरावादी)

इमेज स्रोत, aimim_national/X
टेलीग्राफ़ अख़ाबर में उत्तर प्रदेश में हुए नए गठबंधन को लेकर ख़बर छापी गई है.
अपना दल (कमेरावादी) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया है.
रविवार को लखनऊ में संयुक्त रूप से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अपना दल (के) की उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वे राज्य की 80 सीटों के लिए अधिक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतारने की कोशिश करेंगे.
इस मौके पर अपना दल(के) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल भी मौजूद थीं.
पल्लवी पटेल ने मीडिया से बात करते हुए कहा- “हमारा ध्यान पिछड़ों, दलितों और मुसलमानों को एकजुट करने पर है और हमारा गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद भी जारी रहेगा.”
वहीं ओवैसी ने कहा- “ ये यूपी में एक शुरुआत है जो भविष्य में भी जारी रहेगी.”
बाल्टीमोर में ब्रिज गिरने के बाद अब तक जहाज़ में फंसे हैं 22 भारतीय

इमेज स्रोत, Getty Images
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के बाल्टीमोर में फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज के जहाज़ से टकरा कर गिरने के बाद अब तक कार्गो जहाज़ डाली में 22 भारतीय फंसे हुए हैं.
26 मार्च को ये हादसा हुआ था. छह दिन बाद भी इस जहाज का क्रू जिसमें सभी भारतीय लोग शामिल हैं, जहाज़ में फंसा हुआ है.
रिपोर्ट के अनुसार इन लोगों को बाहर आने में अभी वक्त लग सकता है क्योंकि बहुत सारा मलबा हटाना पड़ेगा ताकि जहाज़ का मूवमेंट हो सके और अमेरिका के सबसे व्यस्त पोर्ट को दोबारा खोला जा सके.
इन 22 लोगों के बारे में ज़्यादा कुछ नहीं पता है सिवाय इसके कि ये लोग सेलर हैं और डाली कार्गो जहाज़ श्रीलंका जा रहा था जिसमें 4700 शिपिंग कंटेनर थे लेकिन 26 मार्च को ये बाल्टीमोर में फंस गया.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















