अंतरिक्ष में नोवा विस्फोट कब होगा और क्या इसे आप अपनी आंखों से देख पाएंगे

प्रतिकात्मक तस्वीर
    • Author, मिया टेलर
    • पदनाम, बीबीसी फीचर

दुनिया ने आठ अप्रैल को पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा. वहीं अब कोरोना बोरेलिस बाइनरी सिस्टम- जिसमें एक सफेद बौना तारा और एक विशालकाय लाल तारा शामिल है, एक शानदार नोवा विस्फोट की तैयारी कर रहे हैं.

पृथ्वी से तीन हज़ार प्रकाश वर्ष दूर स्थित कोरोना बोरेलिस, टी कोरोना बोरेलिस या टी सीआरबी, नाम के एक सफेद बौने तारे का घर है. इसमें विस्फोट होने वाला है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक इसमें दशकों में एक बार होने वाले नोवा विस्फोट का समय क़रीब आ चुका है.

यह दुर्लभ ब्रह्मांडीय घटना अब से लेकर सितंबर 2024 के बीच हो सकती है. जब यह विस्फोट होगा, तब इस घटना को शायद इंसान अपनी आंखों से देख सकता है.

नासा का कहना है कि इस ब्रह्मांडीय घटना को देखने के लिए किसी महंगी दूरबीन की ज़रूरत नहीं होगी.

टी सीआरबी विस्फोट हर 80 साल में केवल एक बार होता है. यह अंतिम बार 1946 में हुआ था.

विलियम जे कुक नासा के उल्कापिंड पर्यावरण कार्यक्रम के प्रबंधक हैं.

वो कहते हैं, "मैं बहुत उत्साहित हूं. यह चीज कुछ-कुछ हैली धूमकेतु की तरह है. यह हर 75 से 80 साल में एक बार होता है, लेकिन मीडिया में नोवा की वैसी चर्चा नहीं होती है, जैसी हैली धूमकेतु की होती है."

वो कहते हैं कि मीडिया में धूमकेतुओं को हमेशा अधिक जगह मिलती है.

प्रतीकात्मक तस्वीर

वैज्ञानिकों को यह कैसे पता चलता है कि नोवा विस्फोट कब होंगे?

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

कुक कहते हैं- ज्यादातर मामलों में नासा के विशेषज्ञों को यह पता नहीं होता है कि नोवा विस्फोट कब होने वाले हैं, लेकिन करीब 10 नोवा ऐसे हैं जिन्हें 'आवर्ती (बार-बार होने वाली घटना) नोवा' के रूप में जाना जाता है.

कुक कहते हैं, "आवर्तक नोवा एक ऐसा नोवा है जो समय-समय पर अपना ऊपरी हिस्सा उड़ाता रहता है." वो कहते हैं कि टी कोरोनाए बोरेलिस इसका प्रमुख उदाहरण है.

लेकिन नासा को इतनी सटीकता के साथ कैसे पता है कि टी सीआरबी अगले कुछ महीनों में खासतौर पर विस्फोट करने वाला है?

यह गणितीय गणनाओं और मौजूद साक्ष्यों का मामला है.

उदाहरण के लिए टी सीआरबी ने आखिरी बार नोवा का अनुभव 1946 में किया था, 78 साल पहले.

कुक कहते हैं कि इस बात के एक और संकेत हैं कि टी सीआरबी भी विस्फोट के लिए तैयार हो रहा है.

वो कहते हैं, "हम जानते हैं कि नोवा में जाने से पहले यह करीब एक साल तक मंद हो जाता है. टी कोरोनाए बोरेलिस ने मार्च 2023 में मंद होना शुरू कर दिया था, इसलिए हमें लगता है कि यह आज से लेकर सितंबर के बीच नोवा में जाने वाला है.

टी सीआरबी में नोवा की पुनरावृत्ति की विश्वसनीय दर इसे सालों से पहचाने गए दूसरे नोवाओं से अलग करती है. यह इस तारे में होने वाले विस्फोट को खास बनाता है.

मेरेडिथ मैकग्रेगर जॉन्स हॉपकिन्स के विलियम एच मिलर 3 भौतिकी और खगोल विज्ञान विभाग में अस्सिटेंट प्रोफेसर हैं. वो तारों की गतिविधियों के विशेषज्ञ हैं.

वो बताते हैं, "बहुत सारे नोवा की खोज हुई है, लेकिन उनमें से अधिकांश की पुनरावृत्ति नहीं हुई है या बहुत लंबे समय तक उनमें पुनरावृत्ति नहीं होती है, इससे हमें यह नहीं पता होता है कि उनमें पुनरावृत्ति कब होगी."

विस्कॉन्सिन मैडिसन यूनिवर्सिटी में खगोल विज्ञान के प्रोफेसर रिचर्ड टाउनसेंड कहते हैं- किसी नोवा के दोबारा प्रदर्शन की समय अवधि एक साल से लेकर लाखों साल के बीच कुछ भी हो सकती है.

प्रतीकात्मक तस्वीर

किस वजह से होता है नोवा में विस्फोट

टी सीआरबी जैसी कुछ अधिक अनुमानित नोवा घटनाएं कब होंगी, यह जानने के अलावा नासा के विशेषज्ञ यह भी जानते हैं कि ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं.

उदाहरण के लिए, सफेद बौना तारा टी सीआरबी एक बाइनरी सिस्टम में मौजूद है, इसका अर्थ है कि यह एक दूसरे के चारों ओर परिक्रमा करने वाले दो सितारों में से एक है, दूसरा विशालकाय लाल है.

नासा के विशेषज्ञों का कहना है कि सफेद बौने तारों का द्रव्यमान सूर्य के समान होता है, लेकिन उनका व्यास लगभग सौ गुना छोटा होता है, यह उन्हें आकार में पृथ्वी के बराबर बनाता है.

उच्च द्रव्यमान लेकिन अपेक्षाकृत छोटा आकार एक सफेद बौने के गुरुत्वाकर्षण को खासतौर पर मजबूत बनाता है.

टी सीआरबी की प्रणाली में विशालकाय लाल तारा पदार्थ को जैसे ही बाहर निकालता है, टी सीआरबी का गुरुत्वाकर्षण उसे आकर्षित करता है या जमा कर अपनी सतह पर रखता है. ऐसा सालों-साल होता रहता है, जब तक कि यह अपनी सीमा तक नहीं पहुंच जाता.

कुक कहते हैं, "प्रणाली में होता यह है कि विशाल लाल तारा इस सारी सामग्री को सफेद बौने तारे की सतह पर फेंकता है. जब सफेद बौने तारे (टी सीआरबी) की सतह पर बहुत अधिक मात्रा आ जाती है तो आपको सचमुच एक बम की तरह थर्मोन्यूक्लियर प्रतिक्रिया मिलती है और सफेद बौना उस सामग्री को उड़ा देता है."

टाउनसेंड भी ऐसा ही विवरण देते हैं. इसमें बताया गया है कि एक बार जब टी सीआरबी पर पर्याप्त मात्रा में सामग्री जमा हो जाती है और इसका तापमान कुछ मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तो एक परमाणु संलयन प्रतिक्रिया चलने लगती है. इससे नोवा की जो घटना होती है, उसे देखा जा सकता है. इसी घटना का लोग अब उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं.

टाउनसेंड कहते हैं, "ये वही प्रतिक्रियाएं हैं जो सूर्य के मूल में चल रही हैं. वे सफेद बौने की सतह परतों में बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा छोड़ते हैं."

वो कहते हैं, "ऊर्जा छोड़ने की वजह से सफेद बौना अस्थायी रूप से अपने विशालकाय लाल साथी से आगे निकल जाता है. इस तरह इन दोनों तारों से पैदा हुए कुल प्रकाश को जब पृथ्वी पर देखा जाता है, तो वह एक हजार से एक लाख गुणा के बीच बढ़ जाता है.''

मैकग्रेगर कहते हैं, "यह बड़े तारे से सामग्री जमा करने के इस चक्र से बार-बार गुजरता रहता है."

वो कहते हैं, "आमतौर पर उस बिंदु तक निर्माण करने में हजारों साल लगते हैं, जहां आप एक नोवा को देखते हैं. लेकिन टी कोरोनाए बोरेलिस इसे बहुत तेजी से करता है. यही इसे दुर्लभ बनाता है."

प्रतीकात्मक तस्वीर

जब टी सीआरबी नोवा होगा तो आप क्या देखेंगे?

नासा के मुताबिक, टी सीआरबी तारा प्रणाली की चमक के मामले में सामान्य दृश्यता परिमाण +10 है.

लेकिन जब टी सीआरबी नोवा विस्फोट होता है, तो दृश्यता काफी बढ़ जाएगी. इसे परिमाण +2 के रूप में जाना जाता है.

यह +10 से कहीं अधिक चमकीला है. +2 नॉर्थ स्टार और पोलारिस के समान का चमक स्तर है.

जब तक ऐसा होगा, टी सीआरबी को नग्न आंखों से देखा जा सकता है.

नासा का कहना है कि जो लोग नोवा को होते हुए देखना चाहते हैं, उन्हें आकाश में तारामंडल कोरोना बोरेलिस या उत्तरी क्राउन- बूट्स और हरक्यूलिस के पास स्थित एक धुनषाकार आकृति को देखना चाहिए. नासा के मुताबिक, "यह वह जगह है, जहां विस्फोट एक 'नए' चमकीले तारे के रूप में नजर आएगा."

लेकिन गलत मत समझिए, जो हो रहा है वह एक नए तारे का निर्माण नहीं है. बल्कि यह परमाणु प्रतिक्रियाओं की वजह से टी सीआरबी हमें आसानी से दिखाई दे रहा है.

मैकग्रेगर कहते हैं, "यह एक तारा है, जो पहले से ही मौजूद है. तारा हमेशा से वहां रहा है, लेकिन हमें ऐसा लगता है जैसे अचानक कोई नया तारा आ गया है, क्योंकि हम इसे हमेशा नहीं देख सकते हैं."

वो कहते हैं, "सफ़ेद बौने तारे इतने छोटे होते हैं कि हम उन्हें नंगी आंखों से नहीं देख सकते. लेकिन संलयन प्रतिक्रिया की वजह से हम अस्थायी रूप से इसे देख पाते हैं. आप रात में सड़क पर जाकर इसे देख सकते हैं."

कुक कहते हैं कि एक बार जब टी सीआरबी की चमक अपने चरम पर पहुंच जाएगी तो उसकी चमक मंगल ग्रह जितनी हो सकती है. यह उम्मीद की जाती है कि यह कम से कम कुछ दिनों तक चमकता रहेगा और नंगी आंखों को दिखाई देगा, लेकिन इसकी विस्फोट की घटना एक सप्ताह से अधिक समय तक चल सकती है.

और एक बार जब सफेद बौना तारा विशालकाय बड़े लाल तारे से जमा हुई सारी सामग्री से छुटकारा पा लेगा तो टी सीआरबी एक बार फिर दशकों के लिए अदृश्य हो जाएगा.

(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)