वर्ल्ड कप फ़ाइनल: ऑस्ट्रेलिया के वो खिलाड़ी जो भारत का खेल बिगाड़ सकते हैं

रविवार को वनडे वर्ल्ड कप का सबसे रोमांचक मुक़ाबला खेला जाना है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फ़ाइनल जीतने वाली टीम बनेगी वर्ल्ड चैंपियन.

फ़ाइनल में एक तरफ़ है भारतीय टीम, जिसने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गंवाया है. अब तक अपराजित टीम इंडिया का आत्मविश्वास खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत चरम पर दिख रहा है.

वहीं इसके दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई टीम भी लीग मैचों और सेमीफ़ाइनल में शानदार प्रदर्शन करने के बाद ज़ोरदार फॉर्म में दिख रही है.

भारत 12 साल बाद चौथी बार वनडे वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में पहुंचा है. जबकि इस बार ऑस्ट्रेलियाई टीम आठवीं बार फ़ाइनल में पहुंची है. हालांकि भारत के प्रदर्शन और फॉर्म को देखते हुए क्रिकेट प्रशंसक टीम इंडिया को 'क्लीयर कट विनर' मान रहे हैं.

लेकिन पिछले कुछ मैचों में ऑस्ट्रेलियाई टीम के कुछ खिलाड़ियों ने जो असाधारण खेल दिखाया है उससे अब उन खिलाड़ियों की चर्चा भी हो रही जो फ़ाइनल में भारत का खेल बिगाड़ सकते हैं.

ऐसे में भारतीय टीम को सबसे ज़्यादा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों से संभलकर रहने की ज़रूरत होगी. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ी लाइनअप ने इस विश्व कप में ज़बरदस्त प्रदर्शन कर अपने कौशल का सबूत दिया है.

चाहे वह ग्लेन मैक्सवेल हों जिन्होंने अत्यधिक दबाव में अभूतपूर्व प्रदर्शन करके अपनी टीम को अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ जीत दिलाई या डेविड वॉर्नर जिन्होंने शुरुआत में ही अपनी बल्लेबाज़ी से विपक्षी टीम का मनोबल चकनाचूर किया है.

इन बल्लेबाज़ों से मिल सकती है चुनौती

ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ों ने बड़े स्कोर बनाने से लेकर रन चेज़ के दबाव को झेलने की अपनी क्षमता को बखूबी प्रदर्शित किया है.

वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की बात करें तो तीन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों ने अपने प्रदर्शन के दम पर टॉप-12 में शामिल हैं.

ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज़ डेविड वॉर्नर ने वर्ल्ड कप के दस मैचों में 52.80 की औसत से 528 रन बनाए हैं. इसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं.

अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी के लिए मशहूर वॉर्नर विश्व कप में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में छठे स्थान पर हैं.

उनके अलावा बल्लेबाज़ी में मिचेल मार्श का प्रदर्शन शानदार रहा है. उन्होंने खेले गए नौ मैचों में 53.25 की औसत से 426 रन बनाए हैं.

वह वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में नौवें स्थान पर हैं. उन्होंने इस वर्ल्ड कप में अब तक दो शतक लगाए हैं.

इसके अलावा ग्लेन मैक्सवेल भी इस लिस्ट में 12वें स्थान पर हैं.

भारत की क्या होगी रणनीति

विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के लीग चरण के अंतिम मैच में मैक्सवेल ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ जिस हालात में दोहरा शतक लगाकर टीम को जीत दिलाई, उसे ऑल टाइम ग्रेटेस्ट वनडे इनिंग में गिना जा रहा है.

इस यादगार पारी को खेलने वाले मैक्सवेल ने टूर्नामेंट में अब तक 66 की औसत से 398 रन बनाए हैं. उन्होंने साबित कर दिया है कि वह अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी से किसी भी समय मैच का रुख़ पलटने की क्षमता रखते हैं.

ऐसे में भारतीय टीम की कोशिश यही होगी कि मैक्सवेल के साथ-साथ वॉर्नर और मार्श को भी मैदान पर ज़्यादा समय न बिताना पड़े.

इसमें कोई शक नहीं कि ये सभी खिलाड़ी किसी भी गेंदबाज़ी आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकते हैं.

इन बल्लेबाज़ों के अलावा ऑस्ट्रेलिया के धुरंधर गेंदबाज़ की बात करें तो विश्व कप में एडम ज़ंपा ने अपने स्पिन जाल में धुरंधर बल्लेबाज़ों को फंसाकर पवेलियन भेजा है.

उन्होंने दस मैचों में 22 विकेट लिए और विश्व कप में दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. अगर ज़ंपा का जादू फ़ाइनल में चला तो भारतीय बैटिंग लाइनअप के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है.

ऑस्ट्रेलियाई टीम में अगर भारतीय खेल बिगाड़ने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं तो भारतीय टीम भी कहीं से कम नहीं है. यह भारतीय खिलाड़ियों ने इस वर्ल्ड कप में ज़ोरदार प्रदर्शन से साबित किया है.

बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी, दोनों ही सूची में भारतीय क्रिकेटर शीर्ष पर हैं. इससे ही इस विश्व कप में भारतीय टीम के ज़बरदस्त फॉर्म और प्रदर्शन का पता चलता है.

वर्ल्ड कप के दौरान ही वनडे क्रिकेट में 50 शतक लगाने वाले विराट कोहली से लेकर कप्तान रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज़, चाहे रन चेज़ हो या विशाल स्कोर बनाना बखूबी कर रहे हैं.

विश्व कप में दस मैचों में 101.57 की औसत से 711 रन बनाकर विराट कोहली सबसे ज़्यादा रन बनाने वालों की सूची में शीर्ष पर हैं. इतना ही नहीं उन्होंने अब तक हुए सभी वर्ल्ड कप में किसी एक टूर्नामेंट के दौरान सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है.

वहीं इस लिस्ट में रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर 550 और 526 रनों के साथ क्रमश: पांचवें और सातवें स्थान पर हैं. यह रिकॉर्ड भारतीय बल्लेबाज़ी लाइनअप की ताक़त को दर्शाता है.

गेंदबाज़ी आक्रमण की बात करें तो भारत के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने 'जादुई प्रदर्शन' करते हुए महज़ छह मैचों में 23 विकेट लेकर विश्व कप में सबसे ज़्यादा विकेट लेने का करिश्मा दिखाया है.

उनकी गेंदबाज़ी कुछ ऐसी थी कि न केवल क्रिकेट प्रशंसक और पंडित बल्कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी उनके प्रदर्शन की प्रशंसा की है.

सेमीफ़ाइनल में उन्होंने सात विकेट झटके थे. आधे वर्ल्ड कप के दौरान मौका नहीं मिलने के बाद भी छह मैचों में 23 विकेट के साथ टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ साबित हुए हैं.

उनके प्रदर्शन के कारण उन्हें छह में से तीन मैचों में 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी घोषित किया गया है. शमी के साथ-साथ जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव ने भी वर्ल्ड कप में शानदार गेंदबाज़ी की है.

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