You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
आदिल रशीद की एक गेंद और राजकोट टी-20 में भारत की हार का कनेक्शन
- Author, जसविंदर सिद्धू
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
इंग्लैंड के ब्रेडफोर्ड में एक टैक्सी चलाने वाले पिता के घर में पैदा हुए आदिल रशीद बहुत छोटी उम्र से ही अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाज़ों को हैरान करते आए हैं.
जिस जगह से वह आते हैं, वहां ऐसा किए बिना इंग्लैंड की क्रिकेट टीम में इतने लंबे समय तक बने रहना किसी पाकिस्तानी पृष्ठभूमि वाले क्रिकेटर के लिए आसान नहीं हैं.
राजकोट में खेले गए तीसरे टी-20 मैच में भारतीय लेफ्टहैंडर तिलक वर्मा रशीद की उस ज़ोरदार गेंद के लिए तैयार नहीं थे जिसने उनकी गिल्लियां बिखेर दीं.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
तिलक वर्मा का मिडिल स्टंप उखाड़ने वाली उस असाधारण गेंद ने आर्किटेक्ट की डिगरी ले चुके स्पिनर और पांच विकेट लेने वाले 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' वरुण चक्रवर्ती की मेहनत पर पानी फेर दिया.
वर्मा का विकेट गिरने के बाद मैच बदल गया और भारतीय टीम ये मैच 26 रन से हार गई.
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवरों में नौ विकेट पर 171 रन बनाए. इसके जवाब में भारतीय टीम 20 ओवरों में नौ विकेट पर 145 रन ही बना सकी.
हालांकि पाँच मैचों की सिरीज़ में भारत अब भी 2-1 से आगे है.
सूर्य का फ़्लॉप शो जारी
इस मैच में भारतीय कप्तान सूर्य कुमार यादव की नाकामी का सिलसिला लगातार तीसरे मैच में जारी रहा. हार्दिक पांड्या ने भारत की ओर से सबसे ज़्यादा 40 रन बनाए.
मैच के टर्निंग प्वाइंट के लिहाज से देखें तो भारतीय बल्लेबाज़ तिलक वर्मा का विकेट बेहद अहम रहा. तिलक वर्मा 13 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगा कर 18 रन बना चुके थे और लग रहा था कि वह टीम इंडिया को जीत दिला देंगे.
लेकिन रशीद राजकोट की बेजान पिच पर इस सिरीज़ की सबसे हैरान कर देने वाली गेंद डाल गए.
बटलर हुए रशीद के मुरीद
तिलक वर्मा एक मौके पर सेट नज़र आ रहे थे, लेकिन रशीद की गेंद वर्मा के ऑफ़ स्टंप पर गिरी जो रॉकेट की रफ्तार से मिडिल स्टंप से टकराई.
शायद खुद वर्मा इसे अब तक के करियर में उन्हें आउट करने वाली सबसे उम्दा गेंद गिनेंगे.
मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने कहा, "सभी गेंदबाज़ों ने उम्दा गेंदबाज़ी की, लेकिन आदिल हमारी टीम का सबसे अहम खिलाड़ी है. उसके पास कई वेरिएशंस हैं और वह अलग-अलग ढंग से गेंदबाज़ी कर सकते हैं. यह इंग्लैंड टीम की खुशकिस्मती है कि आदिल टीम का हिस्सा हैं."
मैच के बाद आदिल से उनकी इस शार्प टर्न के साथ तिलक वर्मा के स्टंप्स में घुसी गेंद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "सभी ने अच्छी गेंदबाज़ी की लेकिन उस गेंद में कुछ ज्यादा ही टर्न था जिसके कारण वह तेजी से विकटों से टकराई. अलग-अलग तरह की गेंद डालना ही मेरी मज़बूती है. मेरे पिछले कुछ मैच ठीक वैसे ही गए हैं, जैसा मैं खेलना चाहता था. जब हम बल्लेबाज़ी कर रहे थे तो पिच काफी धीमी थी और गेंद रुक कर आ रही थे. हमने पेस और स्पिन गेंदबाज़ी को ठीक से संभाला और परिणाम हमारे सामने है."
भारतीय कप्तान ने भी की तारीफ़
मैच के बाद सूर्य कुमार यादव ने कहा, " जब हार्दिक पटेल और अक्षर पटेल बल्लेबाज़ी कर रहे थे तो हमें 24 गेंदों पर 55 रन चाहिए थे, लेकिन आदिल रशीद को श्रेय जाना चाहिए कि उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करने से भारतीय बल्लेबाज़ों को रोके रखा. वरुण यकीनी तौर पर बहुत अनुशासित हो कर मेहनत करने वाला खिलाड़ी है. यही कारण है कि वह अपने लिए बेहतर परिणाम हासिल करने में सफल रहे."
वैसे अगर भारत यह मैच जीतता तो आदिल रशीद की तरह वरुण की दूसरे ओवर की आख़िरी गेंद पर चर्चा होती. जोस बटलर पहले दो टी-20 में 68 और 45 रन के स्कोर के साथ इस मैच में भारतीय गेंदबाज़ों के सामने थे.
बेन डकेट के साथ 45 गेंदों पर 76 रन की पार्टनरशिप करने वाले जोस बटलर ने वरुण के ख़िलाफ़ रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की.
संजू सैमसन और वरुण ने ज़बरदस्त अपील की, लेकिन अंपायर ने अनसुना कर दिया. हालांकि टीवी अंपायर ने पकड़ लिया कि गेंद उनके दस्ताने से लगने के बाद सैमसन से दस्ताने में गई थी.
जेमी स्मिथ का विकेट उन्होंने उस छक्के के तुरंत बाद लिया था जो ग्राउंड से बाहर गिरा था.
वरुण की निराशा
इस हार के बाद 24 रन देकर पांच विकेट लेने वाले वरुण ने ब्रॉडकास्टर इंटरव्यू में कहा कि "दुख है कि हम मैच नहीं जीत सके लेकिन यही इस खेल की नियति है. अब हमें इस मैच से आगे देखना होगा. यकीनन जब आप देश के लिए खेलते हैं तो आपकी जवाबदेही रहती है. सभी आपसे अच्छा करने की उम्मीद करते हैं."
कप्तान सूर्यकुमार यादव वरुण को छठे ओवर में लेकर आए थे, जिसमें उन्होंने महज तीन रन दिए. इसके बाद उन्हें हटा दिया गया और अक्षर पटेल को गेंद थमाई गई.
इस बारे में पूछे जाने पर वरुण ने कहा कि इसको लेकर उनकी कोई शिकायत नहीं है क्योंकि इससे पहले सूर्या ने उनसे कई मौकों पर एक साथ चार ओवर करवाए हैं.
वरुण ने कहा कि जो भी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाती है, उसके लिए तैयार रहते हैं. वरुण ने कहा कि उन्होंने अपनी फ्लिपर पर काफी काम किया है और इसके उन्हें बेहतर नतीजे मिल रहे हैं. बेशक उन्होंने अच्छी गेंदबाज़ी की, लेकिन उन्हें लगता है कि और सुधार की गुंजाइश है.
वरुण की गेंदबाज़ी की सबसे बड़ी ख़ासियत उनका विकेट-टू-विकेट गेंदबाज़ी करना है.
टीम में यही उनका रोल है और यह उन्होंने हमेशा निभाया है.
इस मैच में यही कारण था कि इंग्लैंड के बल्लेबाज़ उन्हें क्रॉस कटिंग खेलने की कोशिश में आउट होते गए. असल में उनकी सीधे विकेट पर गिरने वाली गेंद के कारण ही उनका विकेट लेने का रिकॉर्ड बेहतर है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित