इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने कहा- मेरा डीएनए भारतीय है, संस्कृत पर भी बोले

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इमेज कैप्शन, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति अपने भारत दौरे के दौरान राजघाट भी गए थे

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोओ सुबिअंतो का भारत दौरा ख़त्म हो चुका है और वह मलेशिया पहुँच चुके हैं लेकिन उनके भारत दौरे की ख़ासी चर्चा है.

राष्ट्रपति सुबिअंतो गणतंत्र दिवस समारोह में भारत के मुख्य अतिथि थे. रविवार को वो कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ शरीक भी हुए और उन्होंने परेड में शामिल इंडोनेशिया सेना के दल की सलामी भी ली.

हालांकि इन सबके अलावा उनके बयान की भी ख़ासी चर्चाएं हो रही हैं.

शनिवार को दिन में उन्होंने भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की राजघाट स्थित समाधि पर जाकर हाथ उठाकर दुआएं मांगीं. शाम को राष्ट्रपति भवन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर और अपने ख़ुद के डीएनए टेस्ट के बारे में ख़ास बात कही.

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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने आख़िर क्या कहा?

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इमेज कैप्शन, प्राबोओ सुबिअंतो गणतंत्र दिवस परेड में भारत के मुख्य अतिथि थे

राष्ट्रपति भवन में शनिवार की शाम इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के सम्मान में भोज का आयोजन किया गया था. इस दौरान खाने की टेबल पर देश के शीर्ष राजनेताओं समेत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी बैठे थे.

खाने से पहले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोओ सुबिअंतो ने 'भारतीय डीएनए' की बात की.

राष्ट्रपति भवन ने रविवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के सम्मान में दिए गए भोज का वीडियो यूट्यूब पर जारी किया है,जिसमें सुबिअंतो अपनी बात कह रहे हैं.

उन्होंने कहा, "मैं बताना चाहूंगा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उप-राष्ट्रपति जी... कुछ हफ़्ते पहले मैंने जेनेटिक सिक्वेंसिंग टेस्ट और डीएनए टेस्ट कराया था और उन्होंने मुझे बताया था कि मेरा भारतीय डीएनए है. हर कोई जानता है कि मैं जब भी भारतीय संगीत सुनता हूं तो मैं थिरकना शुरू कर देता हूं. यह ज़रूर उसी वजह से होगा."

इस बयान से पहले सुबिअंतो ने भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक संबंधों की बात की.

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उन्होंने कहा, 'भारत और इंडोनेशिया का एक लंबा प्राचीन इतिहास रहा है. हमारे बीच सभ्यतागत संबंध रहे हैं, यहां तक कि हमारी भाषा का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा संस्कृत से आता है.'

सुबिअंतो ने कहा, "इंडोनेशिया में कई नाम वास्तव में संस्कृत के नाम हैं और हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में प्राचीन भारतीय सभ्यता का प्रभाव मज़बूत है. मुझे लगता है कि ये भी हमारे जेनेटिक्स के हिस्सा हैं."

वहीं सुबिअंतो से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अपना वक्तव्य दिया था. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सभ्यतागत संबंध हज़ारों साल पुराने हैं.

उन्होंने कहा, "दोनों देशों के लिए बहुलतावाद, समावेशिता और क़ानून के शासन के मूल्य समान हैं और ये साझा मूल्य हमारे समकालीन संबंधों को दिशा देते हैं.

राष्ट्रपति मुर्मू ने सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों के लिए 'बाली जात्रा' पर्व का उदाहरण दिया. प्राचीन काल में भारत के नाविक और व्यापारी बाली और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दूसरी जगहों की यात्रा करते थे और इसी से बाली जात्रा पर्व मनाना शुरू हुआ. आज भी कार्तिक पूर्णिमा के मौक़े पर ओडिशा के कटक में ये पर्व मनाया जाता है.

राष्ट्रपति मुर्मू ने हिंद-प्रशांत की परिकल्पना और भारत की 'एक्ट ईस्ट' पॉलिसी में इंडोनेशिया को एक अहम स्तंभ बताया.

ब्रिक्स के लिए दिया धन्यवाद

मोदी और सुबिअंतो

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इमेज कैप्शन, इंडोनेशिया इसी साल ब्रिक्स समूह में शामिल हुआ है

शनिवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय मुलाक़ात के बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने साझा बयान जारी करते हुए ब्रिक्स में स्थायी सदस्यता का समर्थन करने के लिए भारत का धन्यवाद किया.

उन्होंने कहा कि हम आश्वस्त हैं कि यह सहयोग वैश्विक स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग के लिए फ़ायदेमंद होगा.

इसके साथ ही सुबिअंतो ने कहा, "व्यापार, निवेश, पर्यटन, स्वास्थ्य, ऊर्जा, सुरक्षा, डिज़िटल, एआई और आईटी के क्षेत्र में हमारी चर्चा हुई है, हम सहमत हैं कि ये हमारे सहयोग को मज़बूत करेगा."

दुनिया की चार उभरती अर्थव्यवस्थाओं ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन ने मिलकर इस गुट का गठन किया था, जिसमें दक्षिण अफ़्रीका के शामिल होने के बाद इसका नाम ब्रिक्स हो गया था.

इस संगठन में कुल मिलाकर अब 10 देश शामिल हैं और इसी साल इंडोनेशिया को भी इसकी सदस्यता दी गई है.

इस आर्थिक गुट में शामिल होने को लेकर शुरुआत में इंडोनेशिया ने ख़ासी दिलचस्पी नहीं दिखाई थी लेकिन अब वो इसमें शामिल हो गया है.

इस गुट में शामिल होने वाला वो पहला दक्षिण-पूर्व एशियाई देश है. हालांकि, इस गुट में शामिल होने में मलेशिया और थाईलैंड ने भी दिलचस्पी दिखाई थी.

पीएम मोदी के लिए कही ये बात

मोदी और सुबिअंतो

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इमेज कैप्शन, सुबिअंतो ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी की प्रतिबद्धता से बहुत सीखा है

शनिवार की शाम राष्ट्रपति भवन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ भी की.

उन्होंने कहा, "मैं यहां (भारत) आकर गौरवान्वित हूं. मैं पेशेवर राजनेता नहीं हूं. मैं अच्छा राजनयिक भी नहीं हूं. मैं जो मेरे दिल में होता है, वो कहता हूं."

राष्ट्रपति सुबिअंतो ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कहा, "मैं यहां कुछ दिनों के लिए आया हूं, मगर मैंने प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप और प्रतिबद्धता से बहुत कुछ सीखा है."

उन्होंने कहा, "ग़रीबी कम करने और हाशिए पर खड़े लोगों की मदद करने को लेकर आपकी (प्रधानमंत्री मोदी) जो प्रतिबद्धता है, वो हमारे लिए एक प्रेरणा है."

"मैं भारत के लोगों के लिए आने वाले वर्षों में समृद्धि और शांति की कामना करता हूं. मैं इंडोनेशिया और भारत को क़रीबी सहयोगी और मित्र के रूप में देखना चाहता हूं."

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जब गाया 'कुछ कुछ होता है' का गीत

वहीं राष्ट्रपति भवन में भोज के दौरान इंडोनेशिया के एक प्रतिनिधिमंडल ने 1998 की चर्चित बॉलीवुड फ़िल्म 'कुछ कुछ होता है' का टाइटल ट्रैक गाकर सबको चौंका दिया. इस प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ मंत्री भी शामिल थे.

इस दौरान खाने की टेबल पर भारत और इंडोनेशिया के राजनयिक और अफ़सर बैठे हुए थे.

इस घटना के वीडियो को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर हैप्पीमोन जैकब ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर रिपोस्ट करते हुए लिखा है कि 'सॉफ़्ट पावर का सार कुछ ऐसा होना चाहिए.'

प्रोफ़ेसर जैकब ने इसके बाद सॉफ़्ट पावर किस तरह होनी चाहिए उसको बिंदूवार समझाया है.

उन्होंने लिखा है, "सॉफ्ट पावर नीतिगत परिणामों से अलग होता है. बिना किसी दिखावे के उस पर गर्व करना. बिना किसी दबाव के इसे प्रसारित करना. अपनी सॉफ़्ट पावर में भरोसा रखना, ये जानते हुए कि दूसरों के पास भी ये है. दूसरों की सॉफ़्ट पावर को लेते हुए अपनी सॉफ़्ट पावर का प्रचार करना. सॉफ़्ट पावर आपको श्रेष्ठ नहीं बनाती, यह आपको आकर्षक बनाती है."

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