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वायनाड में भूस्खलन पर सियासत: शाह ने किया पहले अलर्ट भेजने का दावा, केरल सीएम बोले- तबाही के बाद मिला
केरल में भारी बारिश और भूस्खलन में अब तक 150 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और इसी के साथ ही इस मुद्दे को लेकर सियासी दलों के बीच ज़ुबानी जंग भी तेज़ हो गई है.
विपक्ष का आरोप है कि 'अर्ली वॉर्निंग' भेज दी जाती यानी राज्य को समय पर सूचना मिल जाती तो आपदा में हुई लोगों की मौत को टाला जा सकता था.
बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में विपक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा, “अर्ली वॉर्निंग, अर्ली वॉर्निंग, अर्ली वॉर्निंग... बोलते ही गए. अंग्रेज़ी में जितने भी गंभीर प्रकार के शब्द हैं अपने भाषण में डालकर बताया गया था. मैं सदन के सामने स्पष्ट करना चाहता हूं कि 23 जुलाई को केरल सरकार को अर्ली वॉर्निंग भारत सरकार की तरफ से दी गई थी.”
लेकिन शाम होते-होते अमित शाह के इस दावे पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का भी जवाब आ गया.
विजयन ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ़ से सूचना वायनाड में तबाही हो जाने के कई घंटों बाद मिली थी.
दरअसल, विपक्षी दलों के सांसदों ने आरोप लगाया कि अगर बेहतर ' सिस्टम' होता तो इस तरह से लोगों को मरने से बचाया जा सकता था.
इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बयान दिया. अमित शाह ने कहा है कि भारत सरकार में बारिश, लू, तूफ़ान, चक्रवात और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को लेकर पहले से सूचना देने की व्यवस्था है.
अमित शाह ने दावा किया कि भारत सरकार ने साल 2014 के बाद ‘अर्ली वॉर्निंग सिंस्टम’ पर 2 हज़ार करोड़ रुपये ख़र्च किए हैं.
क्या बोले केरल के मुख्यमंत्री
अमित शाह ने बताया कि केरल को 24 जुलाई और 25 जुलाई को भी सूचना भेजी गई. अमित शाह के मुताबिक़ 26 जुलाई को यह भी बताया गया कि वहाँ भारी बारिश और भूस्खलन हो सकता है.
अमित शाह के बयान के बाद केरल से मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने बुधवार शाम पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से रेड अलर्ट की सूचना वायनाड में तबाही हो जाने के कई घंटों बाद मिली थी.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार इमरान कुरैशी ने बताया है कि पिनाराई विजयन ने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं सम्मेलन में अमित शाह के बयान के हर मुद्दे पर जवाब दिया.
विजयन के मुताबिक़ अमित शाह का बयान तथ्यों पर आधारित नहीं है.
विजयन ने कहा कि 23 जुलाई से 30 जुलाई के बीच मौसम विभाग ने केरल में भारी बारिश का कोई ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया था.
केरल के मुख्यमंत्री ने कहा, “29 जुलाई को दोपहर एक बजे वायनाड के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ की सूचना दी गई थी. वायनाड के लिए रेड अलर्ट और भारी बारिश की संभावना की सूचना 30 जुलाई को सुबह 6 बजे भूस्खलन के बाद भेजी गई थी. ”
विजयन के मुताबिक़ मौसम विभाग ने जो ऑरेंज अलर्ट भेजा था उसका मतलब है कि वायनाड में 115 मिलीमीटर से 204 मिलीमीटर के बीच बारिश होनी थी. जबकि वायनाड में 48 घंटों में 572 मिलीमीटर बारिश हुई है जो शुरुआती अनुमान से काफ़ी ज़्यादा है.
अमित शाह जिस वक़्त राज्यसभा में बयान दे रहे थे, उसी वक़्त विपक्ष के सांसद इसपर कुछ बोलना चाह रहे थे, तभी अमित शाह ने विपक्षी सदस्यों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सूचना को पढ़िए.
अमित शाह ने कहा है कि हर राज्य सरकार को 7 दिन पहले ही इस तरह की सूचना भेजी जाती है और यह हमारे (मौसम विभाग) साइट पर भी सबके लिए होता है, लेकिन कुछ लोग यहाँ की साइट खोलते ही नहीं हैं, विदेश की साइट ही खोलते हैं.
वायनाड में हुई तबाही के मुद्दे पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि वायनाड में सेना, और नौसेना के हेलिकॉप्टर और खोजी कुत्तों इत्यादी की मदद से राहत और बचाव का काम जारी है.
नित्यानंद राय ने बताया कि राज्य सरकार को 145 करोड़ की राशि पहुँचाई गई है और वायनाड में दिन रात राहत और बचाव का काम चल रहा है.
इससे पहले केरल से सीपीआई(एम) के राज्यसभा सांसद जॉन बिट्रास ने केंद्र सरकार से मिलने वाली मदद को लेकर भी आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि साल 2018 में केरल आई भीषण बाढ़ के वक़्त केंद्र सरकार ने राहत भेजी थी, लेकिन इसके बदले केरल सरकार से पैसे मांगे गए.
तेजस्वी सूर्या का राहुल गांधी पर निशाना
केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन हादसे पर वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने भी संसद में अपना बयान दिया है.
राहुल गांधी ने कहा, “वायनाड में बड़ा हादसा हुआ है. भारतीय सेना वहां पर काफ़ी अच्छा काम कर रही है. मैं सरकार से भी यह निवेदन करूंगा कि इस कठिन समय में वायनाड के लोगों की सहायता की जाए.”
राहुल ने अपने बयान में कहा कि पांच साल पहले भी वायनाड में इसी तरह की एक घटना हुई थी, इससे यह साफ़ हो जाता है कि इस इलाके में कुदरत से जुड़ी समस्याएं हैं.
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने वायनाड के मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरने की कोशिश की है.
उन्होंने कहा है, “राहुल गांधी जब से वायनाड से सांसद हैं, तब से पिछले 1,800 दिनों में उन्होंने विधानसभा और संसद में एक बार भी भूस्खलन और बाढ़ का मुद्दा नहीं उठाया है..."
सूर्या ने कहा कि 2020 में केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वायनाड में भूस्खलन वाले क्षेत्रों से 4,000 परिवारों को हटाने की सलाह दी थी. लेकिन इस पर आज तक कोई कर्रवाई नहीं की गई.
सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात एक से चार बजे के बीच तीन भूस्खलनों ने वायनाड के चूरालमाला, मुंडाक्कई जैसे इलाकों में भारी तबाही मचाई थी.