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आंध्र प्रदेश और ओडिशा विधानसभा चुनावों में सरकार बदलने के मिल रहे संकेत
चार जून को जहां एक तरफ लोकसभा की 542 सीटों के लिए मतों की गिनती का काम चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश की 175 और ओडिशा की 147 विधानसभा चुनावों के लिए भी मतगणना हो रही है.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश की 175 सीटों में से 133 पर तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) आगे चल रही है. वहीं पवन कल्याण की जनसेना पार्टी 20 सीटों पर आगे चल रही है और 15 सीटों पर वाईएसआरसीपी (युवजन श्रमिक रयतु कांग्रेस पार्टी) आगे चल रही है जबकि बीजेपी सात सीटों पर आगे है.
वाईएसआरसीपी मौजूदा मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी की पार्टी है. और मतों के रुझान इशारा कर रहे हैं कि यहां अब सरकार टीडीपी बना सकती है.
वहीं ओडिशा की 147 सीटों में से बीजेपी 74 सीटों पर आगे चल रही है जबकि सत्तारूढ़ बीजेडी 57 सीटों पर और कांग्रेस 14 सीटों पर आगे चल रही है. यहां एक सीट पर स्वतंत्र उम्मीदवार आगे चल रहे हैं.
यहां भी संकेत मिल रहे हैं कि अगर मतों की गिनती ख़त्म होने तक नतीजा यही रहा तो पहली बार बीजेडी नेता नवीन पटनायक को विपक्ष में बैठना पड़ सकता है और प्रदेश में पहली बार बीजेपी सरकार बना सकती है.
इसके अलावा इसे इस लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि ओडिशा में 25 सालों में पहली बार सत्ता में परिवर्तन हो सकता है.
आंध्र प्रदेश में अहम सीटें
जगनमोहन रेड्डी यहां के पुलिवेन्दुला से उम्मीदवार हैं. वो तेलुगू देशम पार्टी के बीटेक रवि से 40 हज़ार मतों से आगे चल रहे हैं.
कुप्पम से तेलुगू देशम पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू वाईएसआरसीपी के आरजे भरत से 18 हज़ार मतों से आगे चल रहे हैं. वहीं पालाकोल से टीडीपी के निम्मला रामानायडू 63 हज़ार की बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं.
पीतापुरम से जनसेना पार्टी के प्रमुख कोडिनाला पवन कल्याण 44 हज़ार से अधिक मतों से वाईएसआरसीपी के अपने प्रतिद्वंद्वी वंगा गीता विश्वनाथ से आगे चल रहे हैं.
2019 में हुए विधानसभा चुनावों में यहां वाईएसआरसीपी को 151 सीटें मिली थीं जबकि टीडीपी को 23 सीटें मिली थीं. उस वक्त पार्टी को पहले हुए चुनावों की तुलना में 79 सीटों का नुकसान हुआ था.
ओडिशा में अहम सीटें
प्रदेश के मुख्यमंत्री और बीजेडी नेता नवीन पटनायक हिन्जिली से 3 हज़ार मतों से आगे चल रहे हैं. वहीं कंटाबांजी सीट से शुरुआत में वो बीजेपी के लक्ष्मण बाग से मामूली फर्क के साथ पीछे थे. अब तो 13 सौ मतों से उनसे आगे चल रहे हैं.
बीजेडी का गढ़ मानी जाने वाली बरहमपुर में बीजेपी के अनिल कुमार बीजेडी उम्मीदवार से आगे चल रहे हैं.
यहां की बोनाई सीट से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के लक्ष्मण मुंडा, बीजेडी के भीमसेन चौधरी से 12 हज़ार मतों से आगे चल रहे हैं.
जिस सीटों पर वोटों का बड़ा फर्क देखा जा रहा है वो है पाटना सीट जहां से बीजेपी के अखिल चंद्र नायक, करंजिया सीट जहां से बीजेपी के पद्म चरण हायबुरु, कोटपाड़ जहां से रिपु बेहरा और कुचिंडा जहां से बीजेपी के रवि नारायण पटनायक आगे चल रहे हैं.
ओडिशा में बीते चुनावों में बीजेडी को 112 सीटें हासिल हुई थी. हालांकि बीते चुनावों में बीजेपी ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाई थी. 2014 में 10 सीटों पर रही बीजेपी ने 2019 में यहां 23 सीट जीती थीं.
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