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टी20 वर्ल्ड कप से शुभमन गिल को बाहर रखने के हैं कई संदेश
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए
भारत ने फ़रवरी महीने में घर और श्रीलंका में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है.
इसकी मुख्य बात शुभमन गिल को टीम में स्थान नहीं मिलना और ईशान किशन की क़रीब दो साल बाद टीम में वापसी होना है.
गिल के बाहर होने से एक सवाल यह उठता है कि क्या अजित अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति ने तीनों प्रारूप में एक कप्तान बनाने की योजना को छोड़ दिया है?
हालांकि इसके अलावा एक और हाइलाइट रिंकू सिंह की टीम में वापसी है.
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भारत में इस छोटे प्रारूप के लिए प्रतिभाओं की इतनी भरमार है कि ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल जैसे आधे दर्जन से ज़्यादा क्रिकेटरों के नाम गिनाए जा सकते हैं, जिन्हें भारतीय टीम में चुना जा सकता था.
शुभमन गिल के बाहर होने की क्या वजह?
भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर ने शुभमन गिल को टीम में नहीं चुने जाने की वजह ख़राब फॉर्म को नहीं बताया है.
सूर्यकुमार ने टीम की घोषणा के समय कहा, "शुभमन गिल को ख़राब फॉर्म के लिए बाहर नहीं किया गया है. ऐसा टीम तालमेल की वजह से किया गया है. हम टॉप-ऑर्डर में एक विकेटकीपर को खिलाना चाहते थे. गिल की काबिलियत पर कोई शक की बात नहीं है, वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं."
लेकिन कुछ समय पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव के एक बयान से गिल के बाहर होने की बात कुछ हद तक समझी जा सकती है.
उन्होंने कहा था, "दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ सिरीज़ की शुरुआत से हम उसी तरह की क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते थे, जैसी खेलते आ रहे थे. इस तरह की क्रिकेट खेलने के सही नतीजे सभी के सामने हैं. पर पिछली कुछ सिरीज़ से हम वैसी क्रिकेट नहीं खेल पा रहे हैं."
सूर्यकुमार यादव की इस बात से कहीं ना कहीं ऐसा लगता है कि वह कहना चाहते हैं कि गिल के आने के बाद से हम आक्रामक स्टाइल वाली शुरुआत नहीं कर पा रहे हैं.
असल में अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन के पारी की शुरुआत करने से दोनों छोर से रनों की बरसात होती रही है. जिससे सामने वाली टीम के गेंदबाज़ दबाव में आ जाते हैं और भारतीय टीम के चीज़ें आसान हो जाती हैं.
शायद इस वजह से ही अभिषेक और संजू की पुरानी जोड़ी के साथ जाने का फैसला किया गया है.
कप्तानी से हो सकती है गिल की वापसी
शुभमन गिल भले ही पिछले कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से वर्ल्ड कप टीम में स्थान नहीं पा सके हैं. लेकिन वर्ल्ड कप के बाद गिल का इस फॉर्मेट में लौटना पक्का है. सेलेक्शन कमेटी तीनों फॉर्मेट में एक ही कप्तान रखने पर पक्की नज़र आती है.
शुभमन को जब इस साल अक्तूबर में भारतीय वनडे टीम का कप्तान बनाया गया था, तब तीनों फॉर्मेट में एक कप्तान रखने के इरादे से ही उन्हें टी-20 टीम का उप कप्तान बनाया गया.
इसके पीछे उद्देश्य यह था कि वर्ल्ड कप के बाद सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से विदा करके गिल को यह जिम्मेदारी सौंपना. लेकिन गिल की ख़राब फॉर्म ने सारी बात बिगाड़ दी है.
हरभजन सिंह ने स्टार स्पोर्ट्स के फॉलो द ब्ल्यू कार्यक्रम में कहा, "शुभमन गिल क्लास खिलाड़ी हैं. वह सभी प्रारूपों के खिलाड़ी हैं. दो-तीन मैचों में रन नहीं आने से यह स्थिति बनी है. वह भविष्य के खिलाड़ी हैं इसलिए उनसे टीम प्रबंधन को बात करके स्थिति साफ़ करनी चाहिए. यह सही है कि टीम में नहीं चुने जाने से थोड़ा झटका लगा होगा. पर उन्हें इससे सीख लेकर वापसी करनी चाहिए."
सुनील गावसकर भी मानते हैं क्लास ही स्थायी होता है, फॉर्म तो अस्थायी होती है. इससे लगता है कि गिल के बल्ले से रन निकलते ही वह फिर इस प्रारूप में खेलते नज़र आएंगे.
ईशान बेहतर खिलाड़ी के तौर पर लौटे
ईशान किशन को भारतीय टीम में लौटने में करीब दो साल लग गए हैं पर वह एक बेहतर खिलाड़ी बनकर लौटे हैं. असल बात तो ये है कि उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं को चुनने के लिए मजबूर कर दिया.
ईशान किशन के टीम में आने से टीम प्रबंधन को दो विकल्प मिलते हैं. वह अच्छे विकेटकीपर तो हैं ही, साथ ही ज़रूरत पड़ने पर पारी की शुरुआत भी कर सकते हैं.
ईशान किशन का अंतरराष्ट्रीय करियर 2022 में उस समय उड़ान पर था, जब चटगांव में वनडे में उन्होंने दोहरा शतक जमाया. लेकिन टेस्ट टीम में जगह पक्की ना होने से वह शायद निराश थे, इसलिए दक्षिण अफ्रीकी दौरे के बीच से लौटना उनके लिए ग़लत फैसला साबित हो गया.
इस दौरे पर उनके नहीं होने से ध्रुव जुरेल का टेस्ट करियर शुरू हो गया. उन्होंने उस समय थोड़ा संयम बरता होता तो शायद वापसी की ज़रूरत ही नहीं पड़ती.
ईशान ने साल 2024 में अपना वापसी का अभियान शुरू किया. पहले रणजी ट्रॉफी और फिर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में धमाका करके दिखा दिया कि वह भारतीय टीम में खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
उन्होंने फ़ाइनल में हरियाणा के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में शतक जमाकर झारखंड को चैंपियन बनाकर भारतीय टीम में वापसी पक्की कर दी.
रिंकू की वापसी से शिवम पर रहेगा दवाब
रिंकू सिंह को फिनिशर माना जाता है. उन्होंने अपने को इस भूमिका में कई बार साबित किया है. लेकिन पिछले दिनों टीम प्रबंधन का इस भूमिका के लिए शिवम दुबे पर भरोसा करने की वजह से रिंकू योजना से बाहर हो गए.
शिवम दुबे को तवज्जो देने की वजह थी कि उनका आक्रामक अंदाज़ में खेलने के अलावा मध्यम तेज़ गेंदबाज़ी भी कर लेना.
लेकिन भारतीय टीम जिस तरह से गेंदबाज़ी तालमेल के साथ उतरती है, उसमें शिवम को गेंदबाज़ी का कम ही मौका मिलता है.
इस स्थिति में यदि टीम प्रबंधन बेहतर फिनिशर के साथ खेलने का फैसला करता है तो रिंकू को मौका मिल सकता है.
कुलदीप का खेलना मुश्किल
अक्षर पटेल को टीम का उपकप्तान बनाए जाने से कुलदीप यादव के खेलने की संभावनाएं कमज़ोर होंगी.
कुलदीप को विकेट लेने वाला स्पिनर माना जाता है. वह कई बार मध्य ओवरों में सामने वाली टीम पर दवाब बनाने में सफल रहते हैं.
असल में अक्षर उपकप्तान होने की वजह से खेलेंगे ही. साथ में इस प्रारूप के दुनिया के नंबर एक गेंदबाज होने की वजह से वरुण चक्रवर्ती खेलेंगे.
इस स्थिति में तीसरे स्पिनर के खेलने का फैसला कुलदीप और वॉशिंगटन सुंदर में से होगा. सुंदर के बेहतर बल्लेबाज़ होने की वजह से खेलने की संभावनाएं ज्यादा रहेंगी.
टीम में सेलेक्ट हुए बाकी खिलाड़ियों के चुने जाने पर किसी को भी संदेह नहीं था और वह चुने भी गए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.