यूक्रेन की सेना की रफ़्तार रोकती बारूदी सुरंग, जवाबी हमले पर कितना असर?
एंड्रयू हार्डिंग
बीबीसी न्यूज़

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'यूक्रेन का एक सैनिक लंबी घास के बीच लंगड़ाते हुए किसी तरह आगे बढ़ रहा है. अचानक तेज़ रोशनी दिखाई देती है.
कुछ सेकेंड बाद आसमान में नारंगी रंग दिखाई देता है और फिर पूरा आसमान धुएं से भर जाता है. यहां से कुछ ही दूरी पर, एक और बारूदी सुरंग एक्टीवेट हो चुकी है.
धमाके से बुरी तरह घायल हो चुका सैनिक किसी तरह उठकर पास के एक सैन्य ठिकाने पर पहुंचता है, उसकी हालत किसी लाइफबोट पर बैठे तैराक जैसी है. उसका शरीर ख़ून से लथपथ हो चुका है.'
ये सब कुछ यूक्रेनी सेना के एक ड्रोन में रिकॉर्ड हुआ है, जो बखमूत के दोनबास में मौजूद था. आसमान से ये माइनफ़ील्ड किसी धान के खेत की तरह दिख रहा था.
36 साल के यूक्रेनी सैनिक आर्टयोम कहते हैं, "बारूदी सुरंगें बहुत ख़तरनाक होती हैं, किसी भी दूसरी चीज़ से ज़्यादा."
दो दिन पहले ही उनके दो सहयोगी हरे रंग की ज़मीनी बारूदी सुरंग 'पेटल्स' पर खड़े थे जिन्हें रूस ने रॉकेट की मदद से गिराया था. इनका मकसद ज़मीन पर चलने वाले सैनिकों को निशाना बनाना होता है.

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सैनिकों की चुनौती
आर्टयोम कहते हैं, "हमें बारूदी सुरंगों का अनुभव था. लेकिन हर जगह नज़र रखना मुश्किल होता है. दोनों सैनिकों के एक - एक पांव काटने पड़े. हमें हर लड़ाई के बाद बारूदी सुरंग की वजह से घायल होना पड़ता है.”
वो बताते हैं कि रूस छोटे रॉकेटों की मदद से बारूदी सुरंग बिछाने में कामयाब होता है.
इसी वजह से यूक्रेन का जवाबी हमला उम्मीद के मुताबिक़ तेज और गतिशील नहीं रहा है.
राष्ट्रपति ज़ेलेस्की ने भी ये बात स्वीकार की और कहा कि ये "उम्मीद से कम" रहा है.
हमने कई यूक्रेनी सैनिकों से बात की जिनका मानना था कि जवाबी कार्रवाई की गति धीमी होने की एक वजह बारूदी सुरंगें हैं.
डिल कॉल साइन वाली नौ सदस्यीय सैन्य टुकड़ी के कमांडर बताते हैं, "ये सैनिकों की स्पीड को बहुत कम कर देता है."
इस टुकड़ी का काम बारूदी सुरंगों को हटाना होता है.
कुछ दिनों पहले ही इस टुकड़ी ने बखमूत के पास एक उजड़े हुए गांव प्रेडटकाइन में बारूदी सुरंगे हटाने का मिशन पूरा किया है.
उसने एक पेड़ के नीचे ज़मीन पर निष्क्रिय रूसी बारूदी सुरंगों की एक श्रृंखला बनाई, इस बात का ध्यान रखते हुए कि ऊपर से रूसी ड्रोन उसे न देख सकें.
लेफ़्टिनेंट सेर्ही तिशेंको कहते हैं, "दुश्मन को अपने ही सैनिकों पर रहम नहीं है. उन्हें चारे की तरह इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन हम इस तरह आगे बढ़ना चाहते हैं, जहां कम से कम जनहानि हो.”

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'मुझे इस काम से नफ़रत है'
यहां से करीब तीन घंटे की दूरी पर पॉन्टोन ब्रिज के पास यूक्रेनी सैनिक सड़क के किनारे बैठे हैं और सावधानी से एक-एक बारूदी सुरंग को हटा रहे हैं. इन्हें एक बिजली के खंबे के किनारे लगाया गया है ताकि सैन्य वाहनों को तबाह किया जा सके.
आर्टयोम, जो कि पहले गाड़ियों के मिस्त्री थे, कहते हैं, "मुझे इस काम से नफ़रत है."
हाल ही में हासिल शहर रिवनोपिल में पहाड़ के किनारों पर यूक्रेनी सेना बहुत कम रफ़्तार से आगे बढ़ रही है.
आर्टयोम का गुस्सा सिर्फ़ बारूदी सुरंगों पर नहीं है. उनकी नाराज़गी आमने सामने लड़ाई न करके बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल करने से है.
इसके कई घंटों के बाद, यहां से कई किलोमीटर दूर एक अस्थायी बेस में कुछ सैनिक अपनी नाराज़गी जताते हुए कहते हैं कि उनके पास बारूदी सुरंग से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं.
इसी बीच आर्टयोम एक एंटीना निकालते हैं और अपने लैपटॉप पर एक रिकॉर्डिंग चलाते हैं.
कथित तौर पर ये एक रूसी सैनिक का हालिया रेडियो इन्टरसेप्शन हैं, बातों से झलकता है कि उनका हौसला बहुत कम हो चुका है.
"हमारे कामकाज़ी ड्रोन ने हमारी ही गाड़ी को निशाना बनाया है. एक सैनिक की मौत हो गई है, दूसरा सैनिक घायल है."
"सैनिक भाग रहे हैं, कुछ गाड़ियां चुरा रहे हैं. 50 लोग भाग चुके हैं."
रेडियो इन्टरसेप्शन से पता चलता है कि रूसी सेना यूक्रेन के हमले के बाद अपनी पोस्ट से पीछे भाग रही थी.
आर्टयोम कहते हैं, "ये समय समय पर होता रहता है. एक ग्रुप में से 10 से 20 लोग इजाज़त लिए बिना भाग जाते हैं. रूसी सैनिकों को पता है कि हम उनकी बातचीत सुन सकते हैं लेकिन कभी कभी वो भूल जाते हैं."

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आगे बढ़ने के लिए हौसला बुलंद
वो बताते हैं कि वो खुद हक़ीक़त जानते हैं लेकिन मीडिया और सोसायटी उम्मीद लगाए बैठी है कि सैनिक तेज़ी से आगे बढ़ेंगे.
इसी बीच यूक्रेन के दो जंगी विमानों के बहुत नीचे से गुज़रने का आवाज आती है.
इसके बाद बमबारी की आवाज़ सुनाई देती है, जैसे किसी लॉन्ग रेंज मिसाइल ने रूसी ठिकानों को निशाना बनाया हो.
यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई अभी धीमी और शांत दिख रही है.
एक वरिष्ठ कमांडर ने नाम न बताने की शर्त पर मुझसे कहा कि लॉन्ग रेंज मिसाइलों ने रूस की सीमा पर फिर से ताकत इकट्ठा करने की क्षमता पर असर डाला है.
वो कहते हैं, "जल्द ही आपको ये दिखाई देगा."
बड़े खाली मैदानों पर यूक्रेन के जवाबी हमले शुरू नहीं हुए हैं.
सैनिक शांत हैं और उनका हौसला बुलंद है.
उन्होंने कहा, "हम जल्दी और सुरक्षित आगे बढ़ने के तरीके सीख रहे हैं, लेकिन हमारा दुश्मन बहुत ख़तरनाक है."
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