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स्पेन में बाढ़ राहत काम में सरकार की 'बदइंतज़ामी', मदद के लिए सड़कों पर उतरे लोग
- Author, मार्क लोवेन और एंड्रे रोडेन पॉल
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
स्पेन का वेलेंसिया शहर बाढ़ की वजह से सदमे में है.
यहाँ सोमवार को आई बाढ़ में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अभी भी लापता हैं.
दुःख की इस घड़ी में लोग एक-दूसरे के साथ खड़े हैं और पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं.
वेलेंसिया शहर के मध्य में स्थित एक संग्रहालय की इमारत में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक बाल्टियाँ, पोछा, भोजन और पानी लेने के लिए लाइन में खड़े थे.
यहां से वो बसों में सवार होकर उन इलाक़ों के लिए रवाना हुए जो इस सप्ताह की शुरुआत में आई विनाशकारी बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए थे.
राहत सामान बांटने वालों का मानना है कि शनिवार सुबह 15 हज़ार लोग पहली बार एकजुट होकर सफाई अभियान के लिए आगे आए.
उनका कहना है कि लोग उस काम को पूरा करने के लिए आए, जिसे सरकारी अधिकारियों ने छोड़ दिया है.
16 साल के पेड्रो फ्रांसिस्को अपने माता-पिता के साथ चार घंटे से लाइन में खड़े हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि उनके दोस्त के दादा की बाढ़ में मृत्यु हो गई थी, लेकिन अभी तक वह उनका शव नहीं ले पाए हैं.
'इस त्रासदी को टाला जा सकता था'
पेड्रो कहते हैं, "हम जो भी कर सकते हैं, हमें करना होगा. जो कुछ हुआ है, उसे देखना बहुत डरावना है."
ऑस्कर मार्टिनेज भी अपनी पत्नी और बेटे के साथ इसी कतार में खड़े थे.
वो कहते हैं, "मुझे गुस्सा आ रहा है. यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसे टाला जा सकता था. स्थानीय सरकार को बस इतना करना था कि हमें बाढ़ की चेतावनी पहले ही दे देती."
स्पेन के वेलेंसिया और आसपास के इलाक़े में लोगों में गुस्सा बढ़ता हुआ दिख रहा है, जहां 200 से ज़्यादा लोगों की मृत्यु हुई है.
इलाक़े में बाढ़ से मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है.
यहां सोमवार को भारी बारिश शुरू हुई थी, जिसकी वजह से अचानक बाढ़ आ गई. इस बाढ़ में पुल नष्ट हो गए, लोग संपर्क से कट गए और भोजन, पानी या बिजली के बिना रह गए.
बाढ़ से प्रभाविक इलाक़ों में हज़ारों सुरक्षा और आपातकालीन सेवाकर्मी मृतकों की तलाश में मलबे और कीचड़ को हटाने में व्यस्त हैं. यह बाढ़ स्पेन सरकार के मुताबिक़ यूरोप में दूसरी सबसे भयानक बाढ़ है.
वेलेंसिया में टुरिया नदी को पार करने वाले एक पैदल पुल पर एम्पारो एस्टेवे ने बीबीसी से बात की है.
वो अपने शहर पैपोर्टा तक पैदल जाने की तैयारी कर रही थी, क्योंकि यहां की सड़कें बंद थीं और वो अपने पड़ोसियों की मदद करना चाहती थीं.
'लगता है हमें छोड़ दिया गया है'
अचानक बाढ़ आने की घटना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे पड़ोसियों ने मुझसे कहा कि मैं जितनी तेज़ी से भाग सकती हूं वहां से भाग जाऊं.
"पानी सचमुच बहुत तेजी से मेरा पीछा कर रहा था. मैं तीन दिन तक घर पर थी, वहां न रोशनी थी, न पानी, न फोन, कुछ भी नहीं था."
"मैं अपनी मां को फोन करके यह भी नहीं बता सकी कि मैं ठीक हूं. हमारे पास न खाने के लिए कुछ था और न पीने के लिए पानी था."
उन्होंने भी अधिकारियों के प्रति अपना गुस्सा दिखाते हुए कहा, "कोई भी हमारी मदद नहीं कर रहा है."
एम्पारो अब अपने दादा-दादी के साथ रह रही हैं, क्योंकि वह बाढ़ प्रभावित इलाक़े में लुटेरों के डर से वापस लौटने से डरती हैं.
वेलेंसिया सरकार का कहना है कि लूटपाट की वजह से इलाक़े में असुरक्षा बढ़ रही है. सरकार ने चेतावनी दी कि दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
वेलेंसिया के एक कस्बे पिकन्या में दुकान चलाने वाली 74 साल की बुज़ुर्ग एमिलिया का भी कहना है कि वो ख़ुद को 'छोड़ा हुआ' महसूस कर रही हैं.
लोग फेंक रहे हैं सामान
उन्होंने रॉयटर्स समाचार एजेंसी से कहा, "सरकार ने हमें अपने हाल पर छोड़ दिया है. ऐसे कई लोग हैं जिन्हें मदद की जरूरत है."
उन्होंने बताया कि लोग अपना सबकुछ तो नहीं लेकिन बहुत सारा घरेलू सामान फेंक रहे हैं.
"हम अपने कपड़े भी नहीं धो सकते और नहा भी नहीं सकते."
टेलीविज़न पर दिए गए एक बयान में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने राहत कार्यों में मदद के लिए सुरक्षाबलों को बढ़ाने की बात कही है.
सांचेज़ ने कहा कि वह लापता लोगों की तलाशी और सफाई में मदद के लिए पहले से तैनात 2500 सैनिकों के अलावा 5 हज़ार अन्य सैनिकों को तैनात कर रहे हैं.
उन्होंने इसे शांति काल में स्पेन में सशस्त्र बलों का सबसे बड़ा अभियान बताया है.
इसके अलावा बाढ़ राहत कार्य के लिए पाँच हज़ार पुलिस अधिकारियों और सिविल गार्डों की भी तैनाती की जाएगी.
स्पेन की सरकार का कहना है कि बाढ़ में 4800 लोगों को बचाया गया और तीस हज़ार लोगों तक मदद पहुंचाई गई.
लेकिन यहाँ बाढ़ के बाद अधिकारियों की प्रतिक्रिया के साथ ही बाढ़ से पहले जारी होने वाली चेतावनी की व्यवस्था को लेकर भी आलोचना हो रही है.
सांचेज़ ने कहा, "मुझे पता है कि रिस्पॉन्स काफ़ी नहीं है, समस्याएं बरक़रार हैं और राहत की गंभीर कमी है. शहर कीचड़ में दबे हुए हैं, हताश लोग अपने रिश्तेदारों की तलाश कर रहे हैं. हमें इसमें सुधार करना होगा."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित