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'लगा सुनामी आ गई' शहरों की सड़कें बनीं उफान खाती नदियां, स्पेन में भयानक बाढ़ में फंसे लोगों ने सुनाई आपबीती
- Author, लॉरा गोज़्ज़ी
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
स्पेन में अचानक आई भयानक बाढ़ से अब तक 95 लोगों की मौत हो गई है. बाढ़ से पैदा हालात से लोग सदमे में हैं.
बाढ़ की भयावहता के बारे में बताते हुए गुईलेरमो सेरानो पेरेज़ कहते हैं,'' पानी बढ़ते ही ये भयावह लहर की तरह आगे आने लगा. ये सुनामी की तरह था.''
वेलेंसिया के नज़दीक पाईपोर्ता के 21 वर्षीय पेरेज़ उन हजारों लोगों में शामिल हैं जिनका मंगलवार की रात को अचानक आई बाढ़ से सामना हुआ.
इसने अब इस पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है. अब तक इससे 95 लोगों की मौत हो चुकी है.
'पहले कभी नहीं देखा था ऐसा भयावह मंज़र'
पेरेज़ ने बाढ़ के दिल दहलाने वाले अनुभव सुनाए. उन्होंने बताया कि वो मंगलवार की शाम को अपने माता-पिता के साथ गाड़ी में जा रहे थे. वो खुद गाड़ी चला रहे थे. तभी अचानक पानी सामने आने लगा. उन्होंने अपनी गाड़ी छोड़ दी और बेहद तेजी से आ रहे पानी से बचने के लिए पुल पर चढ़ गए.
हालांकि इस इलाके में घंटों से मूसलाधार बारिश हो रही है लेकिन पेरेज़ और उनका परिवार बाढ़ के तेजी से हैरान था.
इसके संकेत पहले से दिख रहे थे. मंगलवार की सुबह लगभग सात बजे ही स्पेन के मौसम विभाग ने चेतावनी दे दी थी कि वेलेंसिया में भारी बारिश आ सकती है.
मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी करने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,’’ बेहद सावधान रहें. खतरा बहुत ज़्यादा है. जब तक बेहद ज़रूरी न हो सफर न करें.’’
इसके बाद पूरे दिन और अलर्ट जारी किए जाते रहे. लोगों को चेतावनी दी गई कि वो नदियों के किनारे पर ना जाएं.
लगभग साढ़े तीन बजे तक रीजनल इमरजेंसी को-ऑर्डिनेशन सेंटर वेलेंसिया के पश्चिम में ला फुएंत और उतायल नगरपालिकाओं की बाढ़ से डूबी गलियों के तस्वीरें जारी करने लगा था. इसके कुछ घंटों बाद इसने कहा कि नदियां उफन रही हैं लिहाजा लोग नदियों के किनारे न जाएं. लेकिन कई जगहों पर काफी देर हो चुकी थी.
यहां से 20 किलोमीटर दूर चिवा पहली जगह थी जहां लोगों ने इस भयावह बाढ़ का सामना किया.
मंगलवार को भारी बारिश के बाद ये घाटी जो शहर से होकर गुजरती है पूरी तरह पानी से भर गई.
शाम छह बजे तक शहर की गलियां उफनती नदियों में तब्दील हो गईं. पानी की रफ़्तार इतनी तेज थी कि ये कारों, स्ट्रीट लैंपों और बेंचों को बहा कर ले गई..
इमरजेंसी सेवाओं को पूरे इलाके में जूझना पड़ रहा था. इसके लोग पूरे शहर में फैल गए थे लेकिन गलियां बेहद तेजी से आ रहे पानी की वजह से डूब गई. ऐसा पहले नहीं हुआ था. कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में पहले कभी ऐसा भयंकर मंजर नहीं देखा था.
चेतावनी जारी करने में देर हुई
रिबा-रोजा डे तुरिया के मेयर ने कहा कि अचानक से भारी बारिश आई और पानी कुछ ही मिनटों में एक से डेढ़ मीटर तक चढ़ गया.
इलाके में दूसरी जगह से लोगों बाढ़ के पानी में बह कर गायब हो जाने की ख़बरें आने लगीं.
इसके बावजूद नागरिक सुरक्षा विभाग ने वेंलेसिया के लोगों को ये चेतावनी नहीं भेजी थी कि वो रात आठ बजे के बाद सड़क से यात्रा करने से बचें.
कई लोगों ने चेतावनी जारी करने के समय पर सवाल उठाया. ये स्पेन के मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए रेड अलर्ट के 12 घंटे के बाद आई.
लोगों का कहना था कि कहीं शरण लेने के बारे मं सोचने के लिए तब तक काफी देर हो चुकी थी. वो ऊंची जगहों पर नहीं जा सकते थे और न सड़कों से हट सकते थे.
पेको वेलेंसिया से नजदीकी शहर पिकासेंट की ओर अपनी गाड़ी में जा रहे थे. लेकिन अचानक आई बाढ़ में घर गिए. बाढ़ के पानी ने सड़कों को डुबो दिया था.
उन्होंने अल मुंडो अख़बार को बताया,''पानी की रफ़्तार पागल कर देने वाली थी. ये कार को बहा कर ले गई. पानी का दबाव बहुत ज्यादा था. मैं किसी तरह कार से निकला और बाड़ से खुद को टिका दिया. मैं इसे पकड़ने में कामयाब रहा. लेकिन मैं अब हिल नहीं सकता था. इसने मुझे हिलने ही नहीं दिया. मेरे कपड़े फट चुके थे.''
सेदावी की पैट्रिसिया रोड्रिग्ज़ ने बताया कि वो काम से घर लौटने के समय बाढ़ में फंस गई थीं.
उन्होंने स्थानीय मीडिाय को बताया कि वो जैसे ही वो पाईपोर्ता में एक ट्रैफिक के सामने बैठी थीं उन्होंने देखा कारें बहती हुई आ रही हैं.
उन्होंने बताया,'' हम ये दृश्य देख कर डर गए. नदियां किनारों तोड़ कर बड़ी तेजी से बढ़ रही थीं. एक दूसरे ड्राइवर की मदद से मैं किसी तरह मैं खड़ी रह पाई. बिल्कुल डरी हुई. एक युवा शख्स अपने नवजात बच्चे को बचा कर सुरक्षित जगह पर ले जा रहा था.''
''मैं ये सुनिश्चित कर रही थी फिसलने से बच जाऊं. अगर हम फिसल जाते तो बाढ़ का पानी हमें बहा ले जाता.''
जान बचाने के लिए पेड़ पर सात घंटे चढ़ा रहा शख़्स
सोशल मीडिया के पोस्ट बाढ़ से मची अराजकता के बारे में ज्यादा अच्छे तरीके से बता रहे थे. इससे लोगों को मदद मिली.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक वीडियो में दिख रहा का पाईपोर्ता के एक केयर होम में व्हील चेयर पर बैठे लोग डाइनिंग रूम में फंसे हुए और मटमैला पानी उनके घुटनों तक पहुंच गया है.
वेलेंसिया के ही नजदीक बेनेतुसेर के रहने वाले रुत मेयोने ने हालात की भयावहता को एक्स पर शेयर किया. वो लोगों से मदद मांगती दिखीं. उन्होंने लिखा कि वह बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर एक पड़ोसियों के साथ शरण ली हुई हैं. इनमें से एक शख़्स का दिल का दौरा पड़न से मौत हो चुकी है.
उन्होंने लिखा,''सिविल गार्ड पैदल चल कर यहां पहुंचे थे लेकिन वो इस बिल्डिंग में चढ़ नहीं पाए क्योंकि बिल्डिंग के एंट्रेस पर एक कार फंसी हुई थी. क्या कोई मदद कर सकता है.''
सुबह और चुनौतियां लेकर आई. चारों ओर तबाही का नज़ारा था. दर्जनों कारें एक के ऊपर एक चढ़ी हुई थीं. दुकानें ध्वस्त हो गई थीं और पूरा शहर कीचड़ और मलबों से भर गया था.
वेलेंसिया में जुलियाना सांचेज नाम के एक शख़्स हाइपोथरमिया के लक्षण का शिकार मिला. वो शख़्स बाढ़ के पानी से बचने के लिए ताड़ के पेड़ पर चढ़ गया था और सात घंटे तक वहीं रहा था.
उसने 'अल परियोदिको' को आपबीती सुनाते हुए बताया, '' मैं पूरी ताकत से पेड़ को जकड़े हुए था. ऐसा लगा कि बाढ़ का पानी मुझे बहा कर ले जाएगा. मैं मर जाऊंगा.''
हालांकि उन्हें बचा लिया गया. लेकिन बहुत से लोग इतने खुशकिस्मत नहीं थे.
दर्जनों लोग अब भी लापता हैं. जो लोग बच गए वो इस भयावह बाढ़ से घिरे अब अपनी लाचारी बयान कर रहे हैं.
एक शख़्स ने ला प्रोविंसिया ने कहा, ''हमने बाढ़ के पानी में दो कारों को बहते देखा. हमें नहीं पता कि इसके अंदर लोग थे कि नहीं. हमने अब तक अपने जीवन में ऐसा भयावह मंजर नहीं देखा था.''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित