बदायूं: जिन दो बच्चों की हत्या हुई, उनके पिता क्यों चाहते हैं कि जावेद का एनकाउंटर ना हो

बच्चों की मां संगीता देवी
इमेज कैप्शन, बच्चों की मां संगीता देवी
    • Author, अनंत झणाणें
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बदायूं

तेरह साल के आयुष, 8 साल के आहान और 10 साल के पीयूष.

तीनों भाई बदायूं के बाबा कॉलोनी में अपने माँ बाप और दादी के साथ रहते थे.

उनके पिता विनोद कुमार कहते हैं कि तीनों आने वाले होली के त्यौहार को लेकर बहुत उत्साहित थे और उनकी माँ संगीता देवी ने सभी के लिए होली के नए कपड़े और जूते भी ख़रीदे थे.

लेकिन संगीता के घर में होली से पहले दुख का ऐसा पहाड़ टूटा कि सब कुछ बदल गया.

उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि मंगलवार शाम आयुष और आहान की उनके घर की छत पर साजिद ने हत्या कर दी.

विनोद कुमार के घर के सामने ही साजिद की नाई की दुकान है.

बच्चों की दादी
इमेज कैप्शन, बच्चों की दादी

पीयूष ने जो देखा

जब हम ख़ुद घर की छत पर पहुँचे तो वहाँ की हर चीज़ वारदात की गवाही दे रही थी.

पीयूष जिसने अपने दोनों भाइयों की हत्या अपनी आँखों से देखी, मां संगीता देवी के पैरों के पास लेटा हुआ था.

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

उसकी उंगली पर पट्टी बंधी हुई है. उसका कहना है कि साजिद ने उस पर भी हमला बोला लेकिन वो भाग कर नीचे आ गया और बच निकला.

पीयूष ने बताया, "जब मैं ऊपर गया तब उन्होंने मुझे भी मारने की कोशिश की. मेरे भाई ज़मीन पर पड़े हुए थे. उनके (अभियुक्त साजिद के) पैर में कांच लगा तो उनका पैर फिसल गया और तभी मैं भाग आया. मैंने मम्मी और दादी अम्मा से कहा कि मम्मी जल्दी बाहर चलो, दादा को उन्होंने मार दिया."

बच्चों की माँ संगीता देवी अपने पैरों पर लगी चोट दिखाते हुए कहती हैं, "मैंने अपने बच्चों के शव को पोस्टमॉर्टम से ले जाने से रोका तो पुलिस वालों ने मुझे धक्का दे दिया और मैं गिर गई."

पीयूष की दादी मुन्नी देवी कहती हैं, "यह छोटा वाला चिल्लाते हुए आया कि अम्मा देखो ऊपर क्या हो गया. तभी वो (अभियुक्त साजिद) ऊपर से छूरी लेकर आया और इन्हें (संगीता को) इशारा करते हुए बुला रहा था. फिर हम चिल्लाए, भागो भागो और फिर हमने गेट बंद कर दिया. बाद में पुलिस आकर उसे ले गई."

मुन्नी देवी कहती हैं कि बच्चे घर के सामने वाली दुकान में साजिद से बाल कटवाने जाते थे.

वो कोई अनजान आदमी नहीं था और पूरी कॉलोनी के लोग उसे जानते थे. लोग उसके यहाँ बाल कटवाने जाते थे.

विनोद कुमार
इमेज कैप्शन, बच्चों के पिता विनोद कुमार

पिता: जावेद का भी एनकाउंटर कर दोगे तो राज़ भी ख़त्म हो जाएगा

बच्चों के पिता विनोद कुमार कहते हैं कि वो और उनका परिवार अभियुक्त साजिद को जानते थे.

वो कहते हैं कि उनकी कॉस्मेटिक की दुकान थी तो वहाँ से कुछ सामान भी ख़रीदा करता था. विनोद कहते हैं, "जब हमारी पत्नी ने हमें फोन किया की पैसे मांग रहा है, तो हमने कहा ठीक है, दे दो. कल वापस कर देगा."

पुलिस का कहना है कि साजिद ने उसका पीछा कर रहे पुलिसवालों पर हमला बोला तो पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से मौत हो गई.

विनोद कुमार कहते हैं, "हम चाहते हैं कि साजिद का भाई जावेद पकड़ा जाए. हमारी उससे बात भी कराई जाए और पता लगाया जाए कि हम लोगों के साथ ऐसा क्यों हुआ. हमने उसका क्या बिगाड़ा? इन चीज़ों की जानकारी मिलेगी तभी पता चलेगा की कौन है, इसके पीछे. क्या राज़ है. उसका भी एकाउंटर कर दोगे तो राज़ भी ख़त्म हो जाएगा."

विनोद कुमार के घर में बच्चों के स्कूल बैग एक कोने में पड़े मिले. दूसरी तरफ़ उनके स्कूल की यूनिफार्म की बेल्ट और जूते बिखरे पड़े थे.

दीवार पर बेटे आयुष के नाम से एक सत्संग में हिस्सा लेने का प्रमाण पत्र चिपका हुआ था. उसके ऊपर उसके हाथों से बनाया एक चित्र था, जिसमें अंग्रेजी में "गुड बॉय" लिखा हुआ था.

विनोद कुमार आयुष और आहान के बारे में कहते हैं कि दोनों भाई पढ़ाई में अच्छे थे.

होली का त्योहार अगले सोमवार को था तो बच्चों की माँ उनके लिए नए कपड़े और जूते लेकर आई थी. पिता विनोद कुमार कहते हैं, "अब तो वो रखे रह जाएंगे."

विनोद कुमार कहते हैं, "हमें भय महसूस हो रहा है. हमको यह ही नहीं मालूम कि किस कारण से बच्चे मारे गए हैं. अब बताओ हम क्या सवाल करें? ना मेरी कोई दुश्मनी थी उससे, तो मेरे बच्चों की हत्या की कोई साज़िश तो होगी?"

साजिद की मां नाज़रीन
इमेज कैप्शन, साजिद की मां नाज़रीन

क्या कहना है साजिद के परिवारवालों का?

जिस घर में ये घटना हुई उससे लगभग 12 किलोमटेर की दूरी पर साखानू गाँव में साजिद और जावेद का घर है.

इन बच्चों के परिवारवालों ने आरोप लगाया था कि साजिद ने अपनी बीवी की डिलिवरी के लिए पैसे उधार मांगे थे.

लेकिन साजिद और जावेद की माँ नाज़रीन कहती हैं कि डिलिवरी वाली बात सही नहीं है.

वो कहती हैं, "पुलिस वाले आए और कहा कि इसने बच्चों का मर्डर कर दिया है. अब जब यह मरेगा तो तुम उसके कफ़न का इंतज़ाम कर लेना. वो भी मारा जाएगा."

हमने उनसे पूछा की पुलिस का दावा है कि साजिद पुलिस से मुठभेड़ में मारा गया है तो नज़रीन ने कहा, "तो पुलिस मुझसे कहने आए कि तुम्हारा लड़का ख़त्म हो गया है. मारा गया है गोली से."

अंत में वो कहती हैं कि उनके बेटों को फंसाया जा रहा है और उनकी पीड़ित परिवार से कोई रंजिश नहीं थी.

पुलिस फ़िलहाल जावेद की तलाश में जुटी हुई है और उसके परिवारवालों से पूछताछ कर रही है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)