गाय के नाम पर हत्या और इंसाफ़ के लिए मुस्लिम परिवारों की लड़ाई

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गाय के नाम पर हत्या और इंसाफ़ के लिए मुस्लिम परिवारों की लड़ाई

18 जून 2018 को उत्तर प्रदेश में हापुड़ ज़िले के बझैड़ा खुर्द गाँव में दो दर्ज़न से ज़्यादा लोगों की हिंसक भीड़ ने गोकशी के शक में क़ासिम को पीटा था.

समयदीन के मुताबिक़, जब वो बीच-बचाव करने आए तो भीड़ ने उन्हें भी पीटा.

मॉब लिंचिंग के दौरान भीड़ ने क़ासिम की जान ले ली और समयदीन कई दिन अस्पताल में गुज़ारने के बाद ज़िंदा बच गए.

अब लगभग छह साल बाद मॉब लिंचिंग के इस मामले में हापुड़ की ज़िला अदालत ने फ़ैसला सुनाया है.

अदालत ने दस अभियुक्तों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.

फ़ैसले के बाद पीड़ित परिवारों का क्या कहना है और ये फै़सला क्यों महत्वपूर्ण है देखिए, बीबीसी की इस ख़ास रिपोर्ट में.

वीडियो: अंशुल सिंह और संदीप यादव

हापुड़ मॉब लिंचिंग
इमेज कैप्शन, मॉब लिंचिंग के पीड़ित और चश्मदीद समयदीन

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