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जंग में अपनी टांगें गंवा चुका यूक्रेनी सेना का जवान कैसे बना देश का सितारा
- Author, डायना कूरिशकों
- पदनाम, बीबीसी यूक्रेन
अगस्त 2022 में रूसी सैनिकों के हमलों से यूक्रेन की सेना अपने उत्तर-पूर्वी ख़ारकीव क्षेत्र को बचाने की जंग लड़ रही थी.
तभी यूक्रेनी सेना की एक यूनिट रूसी हमले का शिकार हो जाती है जिसमें उसी यूनिट का एक जवान ऑलेक्ज़ेंडर बुडकों ठीक बगल में गिरे गोले के फटने से भयानक रूप से घायल हो गए.
भयानक दर्द से जूझते ऑलेक्ज़ेंडर को जब अस्पताल ले जाया गया तो वहाँ उनकी दोनों टांगें काटनी पड़ीं.
अब दो साल बाद वही 26 साल का यूक्रेनी सेना का जवान टीवी के एक रियलिटी शो का स्टार बन चुका है और कई महिलाओं का भी वो चहेता बन गया है.
प्रसिद्ध अमेरिकी टीवी शो "द बैचलर" के यूक्रेनी संस्करण पर दिखाए जा रहे एक विज्ञापन में ऑलेक्ज़ेंडर बढ़िया सी पोशाक में ड्रेसअप हैं और गंभीरता के साथ एक फूल को घूरते हुए देख रहे हैं.
जबकि दूसरे विज्ञापन में वो सेना की यूनिफॉर्म में तो हैं ही, साथ ही वह लोगों के जवाब भी दे रहे हैं और जिम में पुल-अप करते हुए भी दिख रहे हैं.
युद्ध के बाद की ज़िंदगी
ऑलेक्ज़ेंडर आगे कहते हैं कि पिछले जनवरी में अपनी प्रेमिका से अलग होने के बाद अब उन्हें इस शो में अपना प्यार पाने की उम्मीद तो है लेकिन वो यह भी मानते हैं कि लाखों लोगों की भीड़ में एक प्रेमिका चुनना मुश्किल काम भी है.
कीएव के रोज़ गार्डन में मुझसे बात करते हुए, सेना के जवान से अब सेलिब्रिटी बन चुके ऑलेक्ज़ेंडर सप्ताह भर की व्यस्तताओं के कारण थके होने के बाद भी अच्छे मूड में नज़र आते हैं.
उनकी मोटिवेशन्स सिर्फ कल्पनाओं में नहीं हैं बल्कि वो शो का इस्तेमाल विकलांग यूक्रेनियन्स के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी करना चाहते हैं.
इस पर वो कहते हैं कि यह शो लाखों लोगों द्वारा देखा जाता है जिसके कारण यह उनके दृष्टिकोण को प्रभावित करने का एक काफी बड़ा अवसर प्रदान करता है.
वो समाज को दिखाना चाहते हैं कि घायल सैनिक कहीं बाहर से नहीं आए हैं बल्कि उसी समाज के सदस्य हैं और एक अच्छा जीवन जी रहे हैं.
खुद के बारे में बताते हुए ऑलेक्ज़ेंडर कहते हैं कि उनका जीवन अब युद्ध में घायल होने से पहले की स्थिति से भी बेहतर है.
ऑलेक्ज़ेंडर हमेशा कुछ न कुछ करते रहते हैं. मुझे बताते हैं कि उन्होंने पिछली रात एक संगीत वीडियो फिल्माने में बिताई थी.
कैसे कहाँ घायल हुए
ऑलेक्ज़ेंडर की स्थिति हमेशा से ऐसी नहीं रही. यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के पहले वो ग्राफिक डिजाइन की पढ़ाई करते हुए कीएव के एक रेस्तरां में काम करते थे.
वो कहते हैं कि उनके सपने "ज़मीन से जुड़े" थे. यात्रा करना, दुनिया की खोज करना और एक प्रोफेशनल बनने के साथ साथ वो एक परिवार भी शुरू करना चाहते थे.
दो साल पहले उनका जीवन पूरी तरह से बदल गया जब रूसी हमलों के जवाब में सैकड़ों हज़ारों यूक्रेनी पुरुषों की तरह वह भी यूक्रेन की सेना में शामिल हो गए.
2022 के अगस्त में उनकी तैनाती रूसी कब्जे़ वाले शहरों में से एक इज़ियम के पास थी. इस शहर पर हमला रूस यूक्रेन युद्ध के शुरुआती दिनों में ही किया गया था ताकि रूस अपनी सेना की आपूर्ति के लिए इसे एक प्रमुख सैन्य केंद्र के रूप में उपयोग में ला सके.
यहीं पर यूक्रेन के पोस्ट की हिफ़ाज़त करते हुए ऑलेक्ज़ेंडर गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
हालांकि ऑलेक्ज़ेंडर के घायल होने के एक महीने बाद ही कीएव ने इस शहर को रूसी कब्जे़ से आज़ाद करा लिया था
घटना को याद करते हुए ऑलेक्ज़ेंडर कहते हैं, "मुझे लगा कि धरती उलट गई है. मुझे अपनी टांगों में भयानक दर्द महसूस हुआ और एहसास हो गया कि अब मेरे टांगों को काटना पड़ेगा. मैं भयानक दर्द से चिल्ला रहा था ताकि मेरी आवाज़ सुनकर लोग मुझे बचा सकें.”
आगे बताते हुए कहते हैं कि उन्हें पता था कि वहां पर उनके साथी जीवित थे और उन्होंने ही ऑलेक्ज़ेंडर को ज़मीन से मलबे को हटकर बाहर निकालने के बाद प्राथमिक चिकित्सा दी. लेकिन तब तक उनकी टांगें बुरी तरह से चोटिल हो चुकी थीं.
अपनी घायल टांगों के बारे में वो कहते हैं, “मुझे घायल होने के दो तीन सेकेंड बाद ही लग गया था कि मैं अपनी टांगें खो चुका हूँ.”
ऑलेक्ज़ेंडर तो बच गए लेकिन इज़ियम का अधिकांश हिस्सा खंडहर में तब्दील हो गया था. वहाँ के अधिकारियों ने उस समय शहर के पास कब्रों में 400 से अधिक शवों के मिलने की बात कही थी.
कब आएगा शो
गंभीर रूप से घायल होने के बाद छह महीने की कठिन रिकवरी के बाद ऑलेक्ज़ेंडर कृत्रिम टांगों के सहारे चलने में अब सक्षम थे.
वो कहते हैं, "जब मेरे पास कृत्रिम अंग नहीं थे, तो मुझे व्हीलचेयर में घूमना पड़ता था. तब मुझे लगा कि राजधानी शहर होने के बावजूद कीएव कितना दुर्गम और अनुपयुक्त शहर था.”
"ऐसी हालत में आप एक पुराने ऐतिहासिक शहर में अकेले कहीं भी खुद से नहीं जा सकते हैं. आप खुद से सड़क पार नहीं कर सकते और हर जगह सीढ़ियां होने के कारण किसी इमारत के अंदर भी नहीं जा सकते.”
युद्ध के बाद ऑलेक्ज़ेंडर जैसे कई और सैनिक घायल हो चुके हैं. हालांकि युद्ध के दौरान घायल हुए लोगों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक डेटा तो नहीं है लेकिन अनुमान के मुताबिक हज़ारों लोगों ने इस लड़ाई में अपने अंग खो दिए.
इसके कारण ही एक अलग रियलिटी शो की शुरुआत की गई जिसे “लेग्स ऑफ” कहा जाता है और इसके प्रेजेंटेर ऑलेक्ज़ेंडर बने. इस शो में वो विकलांग लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों को सामने लाने के लिए यूक्रेनी शहरों में घूमते हैं.
शो प्रेजेंटर होने के साथ साथ उन्होंने एक पुस्तक भी लिखी है.
अपनी चोट से उबरने के बाद वो इनविक्टस गेम्स में पदक भी जीते हैं और अमेरिका में एक बैले मंडली के साथ परफ़ॉर्म भी कर चुके हैं
अब वो यूक्रेन में इतने पोपुलर हो गए हैं कि द बैचलर शो के निर्माताओं ने जैसे ही लीड रोल में उनके नाम का ऐलान किया शो पर आवेदन करने वाले पोर्टल क्रैश हो गए.
द बैचलर के निर्माता ऑलेक्ज़ेंडर को एक अनुभवी और आशा के प्रतीक के रूप में कास्ट कर रहे हैं.
शो को एयर करने वाले एसटीबी नेटवर्क की नतालिया फ्रैंचुक कहती हैं कि शो इस साल के अंत तक प्रसारित होगा. और ऑलेक्ज़ेंडर अपनी टांगें काटे जाने के बाद भी अब बाइक की सवारी करते हैं, एक कार चलाते हैं, और पहाड़ों तक पर चढ़ते हैं. एक तरह से कह सकते हैं कि वो वह अब पूरी तरह से अपना जीवन जी रहे हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित