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बर्फ़ की तरह ठंडे पानी में डुबकी लगाने से डरना ज़रूरी क्यों है
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तैराक़ी करने जाते हैं और ठंडे पानी में डुबकी लगाकर राहत महसूस करते हैं.
वैसे, गर्मियों के अलावा भी ठंडे पानी में डुबकी लगाने और तैरने के अपने फ़ायदे हैं.
रूस, जर्मनी, ब्रिटेन जैसे ठंडे देशों में तो बेहद सर्द पानी में डुबकी लगाने और तैरने के मुक़ाबले भी होते हैं.
हाड़ कंपाने वाली सर्दी में लोग पानी में डुबकी लगाकर रिकॉर्ड बनाते हैं और ऐसे पानी में तैरने के मुक़ाबले में शरीक़ होते हैं.
कहते हैं कि ठंडे पानी में डुबकी लगाने और तैरने के कई फ़ायदे होते हैं.
ठंडे पानी में तैराकी के जो फ़ायदे गिनाए जाते हैं, उनके मुताबिक़:
- 16 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान वाले पानी में डुबकी लगाने से आपके शरीर की गर्मी शांत होती है.
- वर्ज़िश के बाद अगर आप इतने ठंडे पानी में नहाते या तैरते हैं, तो इससे आपकी मसल्स को रिकवर करने में आसानी होती है.
- ठंडे या बर्फ़ीले पानी में नहाने और देर तक वक़्त गुज़ारने का आपकी सेहत पर अच्छा असर हो सकता है.
- कहते हैं कि इससे डिप्रेशन भी दूर भागता है. कुछ रिसर्च तो ये भी दावा करते हैं कि ठंडे पानी में देर तक रहने से आपको सर्दी से मुक़ाबला करने में मदद मिलती है.
'ये ख़तरनाक हो सकता है'
हालांकि ठंडे पानी में डुबकी लगाने के इन फ़ायदों को लेकर पक्के तौर पर विज्ञान कुछ नहीं कहता.
अब तक इस विषय पर जो भी रिसर्च हुए हैं, वो सतही ही हैं. पुख़्ता तौर पर ठंडे पानी से किसी तरह के इलाज की बात अब तक सामने नहीं आई है.
इसके मुक़ाबले ठंडे पानी में नहाने और तैरने से नुक़सान ज़्यादा हो सकते हैं. ख़ास तौर से उन लोगों को, जो इसके आदी नहीं हैं.
बर्फ़ीले पानी में तैरने वालों को 'कोल्ड शॉक', हाइपरथर्मिया या बेहद कम तापमान के झटके लगने की शिकायतें सामने आई हैं.
ये आपकी सेहत के लिए बेहद ख़तरनाक हो सकता है.
भयंकर ठंडे पानी में डुबकी लगाने से लोगों की मौत भी हो सकती है. और ये भयंकर ठंड से लगने वाले झटके या हाइपरथर्मिया से पहले भी हो सकता है.
यानी सर्द पानी में तैराकी से कोल्ड शॉक लगने से पहले ही मौत होने का डर रहता है.
जितने फ़ायदे, उससे ज़्यादा नुक़सान
ये ख़तरा उन लोगों को ज़्यादा होता है, जिन्हें ठंडे मौसम या बेहद सर्द पानी में वक़्त बिताने की आदत नहीं है.
ठंडे पानी में अचानक डुबकी लगाने से शरीर को तेज़ झटका लगता है. सांस तेज़ हो जाती है. सांस तेज़ होने का सीधा असर दिल पर और उसके काम पर पड़ता है.
इन हालात में कई बार ठंडे पानी में तैर रहे लोग हड़बड़ी में पानी भी गटक जाते हैं, ताकि सांस आए और दिल की धड़कन बेक़ाबू न हो जाए.
अचानक पानी पीने से तैराकों के ठंडे पानी में डूब जाने का अंदेशा भी बढ़ जाता है.
इन बातों से साफ़ है कि ठंडे पानी में तैरने और डुबकी लगाने के जितने फ़ायदे हैं, उससे कहीं ज़्यादा नुक़सान और ख़तरे हैं.
बेहतर हो कि आप फ़ायदे-नुक़सान का हिसाब लगा लें, तब सर्द पानी में डुबकी लगाने के मुक़ाबले में हिस्सा लें.
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